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घूसखोर थानेदार दबोचा, अदालत ने भेजा जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
Updated Tue, 03 May 2016 05:52 PM IST
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पुलिस
- फोटो : Desk
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पुलिस ने घूसखोर थानेदार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी थानेदार ने इससे पूर्व अप्रैल माह में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया था। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार थानेदार से मामले में और भी पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं।
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शहर के सिविल अस्पताल के बहुचर्चित फर्जी एमएलआर मामले में गिरफ्तार एंबुलेंस चालक के परिजनों की शिकायत पर हथीन थाना पुलिस ने 28 अक्टूबर 2015 को सीआईए हथीन में तैनात ईएएसआई सुरेंद्र के खिलाफ दो लाख दस हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया था। मामले में रविवार की शाम को डीएसपी बलबीर सिंह की टीम ने सुरेंद्र को पलवल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद सोमवार को सुरेंद्र को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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जून 2015 में शहर के जिला स्तरीय अस्पताल में फर्जी एमएलआर मामलों का खुलासा हुआ था। मामले में अस्पताल में एंबुलेंस चालक गांव कारना निवासी श्यामबीर का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। श्यामबीर को उनके भाई आराम नंबरदार ने पुलिस के सामने पेश किया था। आराम नंबरदार का आरोप था कि उसके भाई का केस हल्का करने तथा मारपीट न करने के नाम पर 2.10 लाख रुपये की घूस ली गई थी। आराम ने पुलिस के आला अधिकारी से लेकर सीएम मनोहर लाल घूस लिए जाने की शिकायत की थी। इस पर सुरेंद्र के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया था।
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मामले की जांच काफी समय से हथीन के डीएसपी कर रहे थे। कुछ दिन पूर्व एसपी राजेश दुग्गल ने हथीन के डीएसपी से जांच लेकर पलवल में हाल ही में आए डीएसपी बलबीर सिंह को सौंपी थी। उन्होंने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
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-सुरेंद्र से पूछताछ में और भी नामों का खुलासा हुआ है। उनके नामों को भी जांच में शामिल कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी आरोपी पाए जाएंगे, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में दोषी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
- बलबीर सिंह, डीएसपी, पलवल।