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Palwal News: पानी में बह गए बारिश से निपटने के दावे
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न्यू बस स्टैंड के सामने भरा पानी
जून-जुलाई में सूखा झेलता रहा नूंह, अब मूसलाधार बारिश में शहर-कस्बे डूबे; एनएच से लेकर गलियों तक पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जून-जुलाई में बारिश के लिए तरसते रहे नूंह जिले में अब पानी इस कदर बरस रहा है कि प्रशासन के जलभराव से निपटने के दावे ही पानी में बहते नजर आए। पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहरों, कस्बों और गांवों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। सड़कें तालाब बन गईं, गलियां जलमग्न हो गईं और कई स्कूल परिसरों में पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हुई। सबसे खराब स्थिति जिला मुख्यालय नूंह की रही, जहां प्रमुख सड़कों से लेकर बाजार और कॉलोनियों तक लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
इस बार मानसून की शुरुआत जिले के लिए बेहद कमजोर रही। 1 जून से 31 जुलाई तक पिछले वर्ष नूंह में 427 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष इस अवधि में महज 118.4 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य वर्षा 186.6 मिलीमीटर के मुकाबले यह करीब 37 प्रतिशत कम थी। जून-जुलाई की बारिश की कमी से जहां किसानों की फसलें शुरुआती दौर में पानी के लिए तरसती रहीं, वहीं अगस्त की बारिश ने अब खेतों और शहरों दोनों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।
तीन दिन में कई इलाकों में 100 एमएम से ज्यादा बारिश
5 अगस्त की सुबह से 7 अगस्त की शाम तक जिले में झमाझम बारिश दर्ज की गई। नूंह में 140 एमएम, पुनहाना में 75 एमएम, फिरोजपुर झिरका में 85 एमएम, तावडू में 102 एमएम, नगीना में 145 एमएम और इंडरी में 116 एमएम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण जलनिकासी व्यवस्था जवाब देती नजर आई।
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नूंह शहर में बस स्टैंड के सामने एनएच 248ए पर पानी भरने से वाहन रेंगते दिखाई दिए। गोशाला रोड, तावडू रोड, पीडब्ल्यूडी रोड, बस स्टैंड के सामने सर्विस रोड, पुरानी अनाज मंडी का मुख्य बाजार, विष्णु कॉलोनी, महिला थाना और वार्ड-12 सहित शहर का बड़ा हिस्सा जलभराव की चपेट में रहा।
किसान जफरुद्दीन, याहया, मोहम्मद निसार, देशराज, जगदेव शास्त्री और कृष्णपाल सिंह ने कहा कि जून-जुलाई में बारिश की कमी के कारण ज्वार, बाजरा, ढेंचा और धान जैसी फसलों की शुरुआती वृद्धि प्रभावित हुई। अब लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि जरूरत के समय बारिश नहीं हुई और अब इतनी बारिश हो रही है कि फसलों के लिए नुकसान का खतरा पैदा हो गया है।
वहीं, नूंह नगर परिषद के चेयरमैन संजय मनोचा ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों पर पंपसेट लगाए गए हैं। बारिश रुकते ही पंप चलाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है।
पुनहाना में स्कूल मार्ग डूबा
पुन्हाना में सदर थाना मार्ग की ओर जाने वाला रास्ता शुक्रवार को सुबह से शाम तक पानी में डूबा रहा। शहर के बॉयज स्कूल का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह जलमग्न रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर बिना बारिश के भी अक्सर पानी जमा रहता है। शुक्रवार को हालात इतने खराब रहे कि विद्यार्थियों को बरसाती पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ा। इससे छात्रों और अभिभावकों में रोष है। एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने के निर्देश नगरपालिका और जनस्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर है।
पिनगवां में खेत बने तालाब
पिनगवां क्षेत्र में धान, बाजरा, कपास समेत अन्य खरीफ फसलों के खेतों में पानी भर गया है। निचले इलाकों में खेत तालाब जैसे नजर आ रहे हैं। किसान दाऊद, अंसार, रफीक, आरिफ, मोहम्मद अली और सलीम ने बताया कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसलें खराब हो सकती हैं। जलभराव से पौधों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
फिरोजपुर झिरका के बाजार भी जलमग्न
शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से फिरोजपुर झिरका के मुख्य बाजारों की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सोमनाथ बाजार में सड़क तालाब में बदल गई, जबकि चोपड़ा बाजार में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया। गाद और कीचड़ के कारण दुकानदारों को सबमर्सिबल मोटर चलाकर पानी निकालना पड़ा।
दुकानदार मोहित सोनी, विक्की सोनी, राजेश कुमार और पूर्व पार्षद मुरारी लाल जैन ने कहा कि सफाई नहीं होने से बारिश होते ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नगरपालिका सचिव राजेश मेहता ने कहा कि सड़कों पर जमा बारिश का पानी निकल चुका है। यदि नाले-नालियों की सफाई के अभाव में दोबारा जलभराव होता है तो सफाई कराई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जून-जुलाई में बारिश के लिए तरसते रहे नूंह जिले में अब पानी इस कदर बरस रहा है कि प्रशासन के जलभराव से निपटने के दावे ही पानी में बहते नजर आए। पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहरों, कस्बों और गांवों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। सड़कें तालाब बन गईं, गलियां जलमग्न हो गईं और कई स्कूल परिसरों में पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हुई। सबसे खराब स्थिति जिला मुख्यालय नूंह की रही, जहां प्रमुख सड़कों से लेकर बाजार और कॉलोनियों तक लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
इस बार मानसून की शुरुआत जिले के लिए बेहद कमजोर रही। 1 जून से 31 जुलाई तक पिछले वर्ष नूंह में 427 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष इस अवधि में महज 118.4 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य वर्षा 186.6 मिलीमीटर के मुकाबले यह करीब 37 प्रतिशत कम थी। जून-जुलाई की बारिश की कमी से जहां किसानों की फसलें शुरुआती दौर में पानी के लिए तरसती रहीं, वहीं अगस्त की बारिश ने अब खेतों और शहरों दोनों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।
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तीन दिन में कई इलाकों में 100 एमएम से ज्यादा बारिश
5 अगस्त की सुबह से 7 अगस्त की शाम तक जिले में झमाझम बारिश दर्ज की गई। नूंह में 140 एमएम, पुनहाना में 75 एमएम, फिरोजपुर झिरका में 85 एमएम, तावडू में 102 एमएम, नगीना में 145 एमएम और इंडरी में 116 एमएम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण जलनिकासी व्यवस्था जवाब देती नजर आई।
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नूंह शहर में बस स्टैंड के सामने एनएच 248ए पर पानी भरने से वाहन रेंगते दिखाई दिए। गोशाला रोड, तावडू रोड, पीडब्ल्यूडी रोड, बस स्टैंड के सामने सर्विस रोड, पुरानी अनाज मंडी का मुख्य बाजार, विष्णु कॉलोनी, महिला थाना और वार्ड-12 सहित शहर का बड़ा हिस्सा जलभराव की चपेट में रहा।
किसान जफरुद्दीन, याहया, मोहम्मद निसार, देशराज, जगदेव शास्त्री और कृष्णपाल सिंह ने कहा कि जून-जुलाई में बारिश की कमी के कारण ज्वार, बाजरा, ढेंचा और धान जैसी फसलों की शुरुआती वृद्धि प्रभावित हुई। अब लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि जरूरत के समय बारिश नहीं हुई और अब इतनी बारिश हो रही है कि फसलों के लिए नुकसान का खतरा पैदा हो गया है।
वहीं, नूंह नगर परिषद के चेयरमैन संजय मनोचा ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों पर पंपसेट लगाए गए हैं। बारिश रुकते ही पंप चलाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है।
पुनहाना में स्कूल मार्ग डूबा
पुन्हाना में सदर थाना मार्ग की ओर जाने वाला रास्ता शुक्रवार को सुबह से शाम तक पानी में डूबा रहा। शहर के बॉयज स्कूल का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह जलमग्न रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर बिना बारिश के भी अक्सर पानी जमा रहता है। शुक्रवार को हालात इतने खराब रहे कि विद्यार्थियों को बरसाती पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ा। इससे छात्रों और अभिभावकों में रोष है। एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने के निर्देश नगरपालिका और जनस्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर है।
पिनगवां में खेत बने तालाब
पिनगवां क्षेत्र में धान, बाजरा, कपास समेत अन्य खरीफ फसलों के खेतों में पानी भर गया है। निचले इलाकों में खेत तालाब जैसे नजर आ रहे हैं। किसान दाऊद, अंसार, रफीक, आरिफ, मोहम्मद अली और सलीम ने बताया कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसलें खराब हो सकती हैं। जलभराव से पौधों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
फिरोजपुर झिरका के बाजार भी जलमग्न
शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से फिरोजपुर झिरका के मुख्य बाजारों की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सोमनाथ बाजार में सड़क तालाब में बदल गई, जबकि चोपड़ा बाजार में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया। गाद और कीचड़ के कारण दुकानदारों को सबमर्सिबल मोटर चलाकर पानी निकालना पड़ा।
दुकानदार मोहित सोनी, विक्की सोनी, राजेश कुमार और पूर्व पार्षद मुरारी लाल जैन ने कहा कि सफाई नहीं होने से बारिश होते ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नगरपालिका सचिव राजेश मेहता ने कहा कि सड़कों पर जमा बारिश का पानी निकल चुका है। यदि नाले-नालियों की सफाई के अभाव में दोबारा जलभराव होता है तो सफाई कराई जाएगी।