{"_id":"612a66928ebc3e79d366c031","slug":"civic-palwal-news-noi6015640158","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसूलपुर व बामनीखेड़ा में रेलवे लाइनों पर पुलों का निर्माण लोगों के लिए बना मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसूलपुर व बामनीखेड़ा में रेलवे लाइनों पर पुलों का निर्माण लोगों के लिए बना मुसीबत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। रसूलपुर रोड और बामनीखेड़ा-हसनपुर मार्ग पर 2018 में शुरू हुए रेलवे पुलों का निर्माण कार्य लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। एक तरफ राहगीर रेलवे लाइन पर लगी ऊंची ग्रिलों को पार कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। वहीं वाहन चालकों को गांवों के लिंक मार्गों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इससे न सिर्फ उनका समय खराब होता है, बल्कि गांवों से छोटे रास्तों से होकर गुजरने में दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
इस बारे में लोग जिला अधिकारियों, मुख्यमंत्री और रेल मंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। यहां तक की केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी लोगों को जल्द पुल निर्माण कराने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन निर्माण पूरा होना तो दूर काम शुरू तक नहीं हुआ है।
सरकार की घोषणा के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 18 अक्तूबर 2018 को इन रेलवे पुलों का शिलान्यास किया था। इस दौरान आश्वासन दिया था कि 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन, तय समय पूरा होने के बाद भी अभी तक 50 फीसदी कार्य नहीं हुआ है। फिलहाल निर्माण कार्य रुका हुआ है। जिसके चलते महिलाओं ने तो इन निर्माणाधीन पुलों पर गोबर से उपले थापने शुरू कर दिए हैं, वहीं असामाजिक तत्व शाम ढलते ही इन पुलों पर बैठकर शराब पीते नजर आते हैं। 2019 में निर्माण पूरे करने के दावे आज 2021 में भी पूरे नहीं हो पाए हैं। आगे भी अभी निर्माण होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
------
एक पुल पर करीब 45 करोड़ की लागत
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक एक पुल के निर्माण कार्य पर करीब 45 करोड़ की लागत आनी है। रसूलपुर रोड पर पुल बनने से पलवल स्थित न्यू कॉलोनी, न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी, गांव लोहागढ़, रोनिजा, छज्जूनगर, रसूलपुर, बडौली सहित बैंसलात के करीब दो लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। इसी तरह बामनीखेड़ा-हसनपुर मार्ग पर लाडियाका, नांगल ब्राह्मण, दीघोट, पैंगलतू, बामनीखेड़ा, खांबीढाई आदि गांवों के करीब तीन लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
आंदोलन ही करना पड़ेगा
अब रसूलपुर व बामनीखेड़ा में रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाले इन पुलों के निर्माण कार्य को लेकर आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। जल्द ही इस मामले में बड़ौली में एक पंचायत बुलाई जाएगी तथा लोगों का साथ लेकर धरना व प्रदर्शन किए जाएंगे। इन पुलों के निर्माण न होने से करीब पांच लाख लोगों को नुकसान हो रहा है। लोग ऊंची ग्रिल को पार कर रेलवे लाइन पार करने लगते हैं और उससे भी दुर्घटना हो जाती है। ऐसे कई लोगों की जान जा चुकी है। -यशपाल मावई
लोगों को हो रहा नुकसान
जल्द ही केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलेंगे। उन्हें इन पुलों के निर्माण न होने से आ रही समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। हमें उम्मीद है कि केंद्रीय राज्यमंत्री इन पुलों का निर्माण कराने में पूरा सहयोग करेंगे। इन पुलों के न बनने से बैंसलात के लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। -सतवीर पटेल, शिक्षाविद्
------
जल्द शुरू होगा काम
इन रेलवे पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा तथा पुलों के निर्माण में जो बाधा आ रही है, उसे जल्द दूर कराया जाएगा। लोगों को इन पुलों का तोहफा जल्द मिलेगा। मेरा प्रयास है कि इनका काम जल्द शुरू कराया जाए। -दीपक मंगला, विधायक पलवल
फोटो 28पीएएलपी-1,2,3,4 में है।
कैप्शन:1- बामनीखेड़ा में अधूरा पड़ा रेलवे लाइन के ऊपर पुल
कैप्शन:2- यशपाल मावई
कैप्शन: सतवीर पटेल
कैप्शन3 4- दीपक मंगला, विधायक पलवल
विज्ञापन
इस बारे में लोग जिला अधिकारियों, मुख्यमंत्री और रेल मंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। यहां तक की केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व जिला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी लोगों को जल्द पुल निर्माण कराने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन निर्माण पूरा होना तो दूर काम शुरू तक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
सरकार की घोषणा के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 18 अक्तूबर 2018 को इन रेलवे पुलों का शिलान्यास किया था। इस दौरान आश्वासन दिया था कि 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन, तय समय पूरा होने के बाद भी अभी तक 50 फीसदी कार्य नहीं हुआ है। फिलहाल निर्माण कार्य रुका हुआ है। जिसके चलते महिलाओं ने तो इन निर्माणाधीन पुलों पर गोबर से उपले थापने शुरू कर दिए हैं, वहीं असामाजिक तत्व शाम ढलते ही इन पुलों पर बैठकर शराब पीते नजर आते हैं। 2019 में निर्माण पूरे करने के दावे आज 2021 में भी पूरे नहीं हो पाए हैं। आगे भी अभी निर्माण होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
------
एक पुल पर करीब 45 करोड़ की लागत
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक एक पुल के निर्माण कार्य पर करीब 45 करोड़ की लागत आनी है। रसूलपुर रोड पर पुल बनने से पलवल स्थित न्यू कॉलोनी, न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी, गांव लोहागढ़, रोनिजा, छज्जूनगर, रसूलपुर, बडौली सहित बैंसलात के करीब दो लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा। इसी तरह बामनीखेड़ा-हसनपुर मार्ग पर लाडियाका, नांगल ब्राह्मण, दीघोट, पैंगलतू, बामनीखेड़ा, खांबीढाई आदि गांवों के करीब तीन लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
आंदोलन ही करना पड़ेगा
अब रसूलपुर व बामनीखेड़ा में रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाले इन पुलों के निर्माण कार्य को लेकर आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। जल्द ही इस मामले में बड़ौली में एक पंचायत बुलाई जाएगी तथा लोगों का साथ लेकर धरना व प्रदर्शन किए जाएंगे। इन पुलों के निर्माण न होने से करीब पांच लाख लोगों को नुकसान हो रहा है। लोग ऊंची ग्रिल को पार कर रेलवे लाइन पार करने लगते हैं और उससे भी दुर्घटना हो जाती है। ऐसे कई लोगों की जान जा चुकी है। -यशपाल मावई
लोगों को हो रहा नुकसान
जल्द ही केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलेंगे। उन्हें इन पुलों के निर्माण न होने से आ रही समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। हमें उम्मीद है कि केंद्रीय राज्यमंत्री इन पुलों का निर्माण कराने में पूरा सहयोग करेंगे। इन पुलों के न बनने से बैंसलात के लोगों को काफी नुकसान हो रहा है। -सतवीर पटेल, शिक्षाविद्
------
जल्द शुरू होगा काम
इन रेलवे पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा तथा पुलों के निर्माण में जो बाधा आ रही है, उसे जल्द दूर कराया जाएगा। लोगों को इन पुलों का तोहफा जल्द मिलेगा। मेरा प्रयास है कि इनका काम जल्द शुरू कराया जाए। -दीपक मंगला, विधायक पलवल
फोटो 28पीएएलपी-1,2,3,4 में है।
कैप्शन:1- बामनीखेड़ा में अधूरा पड़ा रेलवे लाइन के ऊपर पुल
कैप्शन:2- यशपाल मावई
कैप्शन: सतवीर पटेल
कैप्शन3 4- दीपक मंगला, विधायक पलवल