{"_id":"60c0fc698ebc3e99b62ca436","slug":"civic-palwal-news-noi5865248189","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो गांवों के लोगों को नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो गांवों के लोगों को नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
विज्ञापन
होडल। नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए गए होडल के दो गांवों के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि, सरकार की योजना के अनुसार नगर परिषद में शामिल किए जाने वाले गांवों के लोगों को तुरंत प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए। सरकार के पिछले कार्यकाल में शामिल किए गए दो गांवों के करीब 266 लोग इस योजना का लाभ पाने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों और पार्षदों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और बीपीएल सूची में शामिल लोगों को गांव में मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की धनराशि अनुदान के रूप में दी जाती है। यह धनराशि तीन किश्तों में लाभार्थी को मिलती है। होडल शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ 743 परिवारों को मिला है। जबकि, नगर परिषद में शामिल कि गए गढ़ी पट्टी व बेढ़ा पट़्टी के भी 266 लोगों को इस योजना में शामिल किया जाना था, लेकिन गांवों का अब तक नगर परिषद में शामिल किए जाने का नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। पिछले तीन साल से लोग नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं। (संवाद)
----
मात्र 94 परिवारों को मिली है धनराशि
नगर परिषद के अनुसार, 743 परिवारों में से मात्र 94 परिवारों को इस योजना के तहत पहली, दूसरी और तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। इसमें 11 परिवारों को तीसरी, 18 परिवारों को दूसरी और 30 परिवारों को पहली किस्त दी गइ । अन्य लाभार्थियों के सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बीच में ही अटक गया है। नगर परिषद की तरफ से 649 परिवारों को दी जाने वाली किस्त ठंडे बस्ते में पड़ी है।
विज्ञापन
-----------
आवास योजना का लाभ सरकार देना नहीं चाहती है। कई बार कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी लाभ नही मिल रहा है। तीन साल पहले उनका गांव नगर परिषद में शामिल किया गया था, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला है।
- लक्ष्मी, गढ़ी पट्टी
-----
सरकार ने नगर परिषद में तो गांवों को शामिल कर लिया, लेकिन योजना देने के बजाय शुल्क वसूल रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी फॉर्मों को रद्द कर दिया। इस योजना का लाभ जल्द मिलना चाहिए
- गुड्डी देवी, स्थानीय निवासी
------
सरकार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन हम लोगों को गुमराह कर रहा है। कई महीनों से लगातार नगर परिषद और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन योजना का लाभ अब तक नहीं मिला।
- बिजेंद्र सिंह, ग्रामीण
-----
नगर परिषद के अधिकारियों ने दो गांवों के आवास योजना के 266 फॉर्म बिना कारण बताए रद्द कर दिए हैं। सरकार ने पोर्टल पर आवास योजना को मंजूरी दी ,लेकिन नगर परिषद ने रद्द कर दिए।
- डोरी लाल ग्रामीण
-------
योजना के तहत करीब 64 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। मकान का निर्माण पूरा होने पर ही तीसरी किस्त खाते में डाली जाती है। कोरोना के कारण काम प्रभावित हो रहे हैं। नए घर बनाने वालों को जल्द ही योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। गांव गढ़ी और बेढ़ा पट्टी को नगर परिषद में शामिल किया जा चुका है, लेकिन योजना का लाभ नोटिफिकेशन के बाद ही मिलना शुरू होगा।
- सुल्तान सिंह भवन निर्माण अधिकारी, नगर परिषद
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और बीपीएल सूची में शामिल लोगों को गांव में मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की धनराशि अनुदान के रूप में दी जाती है। यह धनराशि तीन किश्तों में लाभार्थी को मिलती है। होडल शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ 743 परिवारों को मिला है। जबकि, नगर परिषद में शामिल कि गए गढ़ी पट्टी व बेढ़ा पट़्टी के भी 266 लोगों को इस योजना में शामिल किया जाना था, लेकिन गांवों का अब तक नगर परिषद में शामिल किए जाने का नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। पिछले तीन साल से लोग नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं। (संवाद)
विज्ञापन
----
मात्र 94 परिवारों को मिली है धनराशि
नगर परिषद के अनुसार, 743 परिवारों में से मात्र 94 परिवारों को इस योजना के तहत पहली, दूसरी और तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। इसमें 11 परिवारों को तीसरी, 18 परिवारों को दूसरी और 30 परिवारों को पहली किस्त दी गइ । अन्य लाभार्थियों के सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बीच में ही अटक गया है। नगर परिषद की तरफ से 649 परिवारों को दी जाने वाली किस्त ठंडे बस्ते में पड़ी है।
विज्ञापन
-----------
आवास योजना का लाभ सरकार देना नहीं चाहती है। कई बार कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी लाभ नही मिल रहा है। तीन साल पहले उनका गांव नगर परिषद में शामिल किया गया था, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला है।
- लक्ष्मी, गढ़ी पट्टी
-----
सरकार ने नगर परिषद में तो गांवों को शामिल कर लिया, लेकिन योजना देने के बजाय शुल्क वसूल रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी फॉर्मों को रद्द कर दिया। इस योजना का लाभ जल्द मिलना चाहिए
- गुड्डी देवी, स्थानीय निवासी
------
सरकार के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन हम लोगों को गुमराह कर रहा है। कई महीनों से लगातार नगर परिषद और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन योजना का लाभ अब तक नहीं मिला।
- बिजेंद्र सिंह, ग्रामीण
-----
नगर परिषद के अधिकारियों ने दो गांवों के आवास योजना के 266 फॉर्म बिना कारण बताए रद्द कर दिए हैं। सरकार ने पोर्टल पर आवास योजना को मंजूरी दी ,लेकिन नगर परिषद ने रद्द कर दिए।
- डोरी लाल ग्रामीण
-------
योजना के तहत करीब 64 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। मकान का निर्माण पूरा होने पर ही तीसरी किस्त खाते में डाली जाती है। कोरोना के कारण काम प्रभावित हो रहे हैं। नए घर बनाने वालों को जल्द ही योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। गांव गढ़ी और बेढ़ा पट्टी को नगर परिषद में शामिल किया जा चुका है, लेकिन योजना का लाभ नोटिफिकेशन के बाद ही मिलना शुरू होगा।
- सुल्तान सिंह भवन निर्माण अधिकारी, नगर परिषद