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चौकीदार का स्कूल परिसर में पेड़ पर लटका मिला शव
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होडल। गांव लीखी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत एक चौकीदार निरंजन का शुक्रवार सुबह स्कूल परिसर में ही पेड़ पर शव लटका मिला। चौकीदार की लाश मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्रित होकर स्कूल पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत हसनपुर थाने में दे दी। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया तथा शव को पुलिस को नहीं ले जाने दिया। इस जानकारी मिलने के बाद होडल के एसडीएम वकील अहमद मौके पर पहुंच गए तथा परिजनों को समझाया। एसडीएम ने परिजनों को मृतक चौकीदार की पत्नी को नौकरी दिलवाने का लिखित में आश्वासन दिया। पुलिस द्वारा इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य व हास्टॅल वार्डन सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार लीखी गांव निवासी निरंजन गांव में ही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चौकीदार के पद पर कार्यरत था। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार की देर रात वह ड्यूटी पर स्कूल गया था। शुक्रवार को सुबह निरंजन की लाश स्कूल परिसर में एक पेड़ पर लटकी मिली। जबकि उसकी लाठी, टार्च और जूते पेड़ से काफी देर अलग-अलग स्थान पर पड़े मिले। इसकी सूचना जैसे ही निरंजन के परिजनों को मिली तो वे दौड़कर स्कूल पहुंच गए। उधर चौकीदार निरंजन का भाई अशोक कुमार व गांव के काफी लोग भी स्कूल पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना जैसे ही पुलिस को दी तो हसनपुर थाने से पुलिस भी स्कूल में पहुंच गई। पुलिस ने जैसे ही पेड़ से चौकीदार निरंजन का शव उतारने का प्रयास किया तो ग्रामीणों से पुलिस को रोक दिया तथा हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि निरंजन की हत्या कर लाश को पेड़ पर लटकाया गया है। लोग आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। हंगामा होते देख पुलिस कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही एसडीएम वकील अहमद भी स्कूल पहुंच गए।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों को समझाया। परिजनों की मांग पर एसडीएम ने पुलिस को निर्देश दिए कि हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने तुरंत स्कूल की वार्डन पूनम, वार्डन के भाई बिक्रांत, प्रधानाचार्य प्रमोद गुप्ता, एक अन्य व्यक्ति राव, कर्मचारी मिथलेश का जेठ व लिपिक साधना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। उसके अलावा एसडीएम ने जल्द से जल्द मृतक चौकीदार निरंजन की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया। उसके बाद ही परिजनों व ग्रामीणों ने निरंजन के शव को पेड़ से उतारने दिया। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारने के बाद तुरंत पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। जहां से पोस्टमार्टम कराने के परिजनों को सौंप दिया गया।
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पुलिस तीन दिन पहले कार्रवाई करती तो नहीं मरता निरंजन
मृतक चौकीदार के भतीजे भरत लाल का कहना था कि यदि हसनपुर पुलिस निरंजन द्वारा तीन दिन पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई करती तो आज निरंजन जिंदा होता। भरत लाल ने बताया कि निरंजन को स्कूल की वार्डन पूनम, उसका भाई बिक्रांत, प्रधानाचार्य प्रमोद गुप्ता व अन्य आरोपी टार्चर करते थे। परिजनों का कहना था कि मृतक चौकीदार निरंजन वार्डन, प्रधानाचार्य तथा अन्य आरोपियों द्वारा स्कूल में किए जा रहे गलत कार्यों का विरोध करता था। जिसे लेकर वे निरंजन को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि उसे तीन दिन पहले वार्डन पूनम व उसके भाई बिक्रांत ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसकी शिकायत लेकर निरंजन तथा गांव के कुछ लोग हसनपुर थाने में गए, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेने के बजाय निरंजन को धमकाकर भगा दिया। उनका कहना था कि यदि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करती तो आज यह घटना नहीं घटती।
कोई पुलिसकर्मी दोषी तो उसपर भी कार्रवाई
हसनपुर थाने में कार्यरत उपनिरीक्षक सचिन कुमार का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उचित कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एसडीएम वकील अहमद का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर जांच कराई जाएगी। यदि कोई पुलिस कर्मी दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार लीखी गांव निवासी निरंजन गांव में ही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चौकीदार के पद पर कार्यरत था। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार की देर रात वह ड्यूटी पर स्कूल गया था। शुक्रवार को सुबह निरंजन की लाश स्कूल परिसर में एक पेड़ पर लटकी मिली। जबकि उसकी लाठी, टार्च और जूते पेड़ से काफी देर अलग-अलग स्थान पर पड़े मिले। इसकी सूचना जैसे ही निरंजन के परिजनों को मिली तो वे दौड़कर स्कूल पहुंच गए। उधर चौकीदार निरंजन का भाई अशोक कुमार व गांव के काफी लोग भी स्कूल पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना जैसे ही पुलिस को दी तो हसनपुर थाने से पुलिस भी स्कूल में पहुंच गई। पुलिस ने जैसे ही पेड़ से चौकीदार निरंजन का शव उतारने का प्रयास किया तो ग्रामीणों से पुलिस को रोक दिया तथा हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि निरंजन की हत्या कर लाश को पेड़ पर लटकाया गया है। लोग आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा तुरंत गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। हंगामा होते देख पुलिस कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही एसडीएम वकील अहमद भी स्कूल पहुंच गए।
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एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों को समझाया। परिजनों की मांग पर एसडीएम ने पुलिस को निर्देश दिए कि हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने तुरंत स्कूल की वार्डन पूनम, वार्डन के भाई बिक्रांत, प्रधानाचार्य प्रमोद गुप्ता, एक अन्य व्यक्ति राव, कर्मचारी मिथलेश का जेठ व लिपिक साधना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। उसके अलावा एसडीएम ने जल्द से जल्द मृतक चौकीदार निरंजन की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया। उसके बाद ही परिजनों व ग्रामीणों ने निरंजन के शव को पेड़ से उतारने दिया। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारने के बाद तुरंत पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। जहां से पोस्टमार्टम कराने के परिजनों को सौंप दिया गया।
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पुलिस तीन दिन पहले कार्रवाई करती तो नहीं मरता निरंजन
मृतक चौकीदार के भतीजे भरत लाल का कहना था कि यदि हसनपुर पुलिस निरंजन द्वारा तीन दिन पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई करती तो आज निरंजन जिंदा होता। भरत लाल ने बताया कि निरंजन को स्कूल की वार्डन पूनम, उसका भाई बिक्रांत, प्रधानाचार्य प्रमोद गुप्ता व अन्य आरोपी टार्चर करते थे। परिजनों का कहना था कि मृतक चौकीदार निरंजन वार्डन, प्रधानाचार्य तथा अन्य आरोपियों द्वारा स्कूल में किए जा रहे गलत कार्यों का विरोध करता था। जिसे लेकर वे निरंजन को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि उसे तीन दिन पहले वार्डन पूनम व उसके भाई बिक्रांत ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसकी शिकायत लेकर निरंजन तथा गांव के कुछ लोग हसनपुर थाने में गए, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेने के बजाय निरंजन को धमकाकर भगा दिया। उनका कहना था कि यदि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करती तो आज यह घटना नहीं घटती।
कोई पुलिसकर्मी दोषी तो उसपर भी कार्रवाई
हसनपुर थाने में कार्यरत उपनिरीक्षक सचिन कुमार का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उचित कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एसडीएम वकील अहमद का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर जांच कराई जाएगी। यदि कोई पुलिस कर्मी दोषी मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।