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Palwal News: बाल विवाह निषेध शाखा ने नाबालिग के विवाह को रुकवाया
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- नाबालिग व परिजनों की काउंसलिंग कर बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पुलिस की बाल विवाह निषेध शाखा ने बाल विवाह को रोकने में सफलता हासिल की है। सूचना मिलने पर बाल विवाह निषेध अधिकारी सुमन चौधरी के नेतृत्व में टीम ने एक गांव में पहुंचकर बाल विवाह को रुकवाया। इस अवसर पर ग्रामीणों को बाल विवाह के नुकसान बताए। टीम ने नाबालिग बेटी और उसके परिजनों की काउंसलिंग करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून की विस्तृत जानकारी दी। सुमन चौधरी ने बताया कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश की बेटियों को न केवल बढ़ाना और पढ़ाना है बल्कि उन्हें समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बेटा-बेटी में अंतर व बाल विवाह से लड़कर जीतना भी सिखाना है। आज भी कुछ लोग अज्ञानता वश अपनी नाबालिग बेटियों का विवाह कर देते हैं, जिससे वह भविष्य में अनेक परेशानियों का सामना करती हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए आगे बढ़ कर अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र का निर्माण हो सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पुलिस की बाल विवाह निषेध शाखा ने बाल विवाह को रोकने में सफलता हासिल की है। सूचना मिलने पर बाल विवाह निषेध अधिकारी सुमन चौधरी के नेतृत्व में टीम ने एक गांव में पहुंचकर बाल विवाह को रुकवाया। इस अवसर पर ग्रामीणों को बाल विवाह के नुकसान बताए। टीम ने नाबालिग बेटी और उसके परिजनों की काउंसलिंग करते हुए बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून की विस्तृत जानकारी दी। सुमन चौधरी ने बताया कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश की बेटियों को न केवल बढ़ाना और पढ़ाना है बल्कि उन्हें समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे बेटा-बेटी में अंतर व बाल विवाह से लड़कर जीतना भी सिखाना है। आज भी कुछ लोग अज्ञानता वश अपनी नाबालिग बेटियों का विवाह कर देते हैं, जिससे वह भविष्य में अनेक परेशानियों का सामना करती हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए आगे बढ़ कर अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र का निर्माण हो सके।