{"_id":"68bc5f218c777a10af0eec2e","slug":"case-against-two-accused-for-indecency-with-female-teacher-palwal-news-c-24-1-gr11004-117582-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: महिला शिक्षक से अभद्रता में दो आरोपियों पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: महिला शिक्षक से अभद्रता में दो आरोपियों पर केस
Sat, 06 Sep 2025 09:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 06 Sep 2025 09:49 PM IST
विज्ञापन
पलवल। अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस ने महिला शिक्षक से अभद्रता के मामले में कार्रवाई की है। सदर थाना पुलिस ने शनिवार को एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह घटना 24 मई को राजकीय माध्यमिक विद्यालय महेशपुर में हुई थी।
जानकारी के अनुसार, सिकंदरपुर गांव के शिक्षक वेदपाल अचानक कक्षा में घुस गए और बच्चों को पढ़ा रही अध्यापिका सरला देवी के साथ अभद्रता करने लगे। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी का स्कूल महेशपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है।
शोर सुनकर अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी नहीं रुके। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक तनाव में चली गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक अन्य शिक्षिका ऋचा ने आरोपी को मौके पर बुलाया था और वह भी बच्चों के सामने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करती थीं।
विज्ञापन
पीड़िता ने घटना के बाद सीएम से लेकर स्थानीय थाने तक कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने से वह निराश थी। अंततः अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिए। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सिकंदरपुर गांव के शिक्षक वेदपाल अचानक कक्षा में घुस गए और बच्चों को पढ़ा रही अध्यापिका सरला देवी के साथ अभद्रता करने लगे। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी का स्कूल महेशपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है।
विज्ञापन
शोर सुनकर अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी नहीं रुके। इस घटना के बाद पीड़िता मानसिक तनाव में चली गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक अन्य शिक्षिका ऋचा ने आरोपी को मौके पर बुलाया था और वह भी बच्चों के सामने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करती थीं।
विज्ञापन
पीड़िता ने घटना के बाद सीएम से लेकर स्थानीय थाने तक कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने से वह निराश थी। अंततः अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिए। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।