फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Black marketing of black fungus injections

ब्लैक फंगस के इंजेक्शनों की कालाबाजारी, 50 हजार तक में मिल रहे

Thu, 20 May 2021 11:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 11:19 PM IST
विज्ञापन
Black marketing of black fungus injections
पलवल। ब्लैक फंगस के रोगियों को लगने वाले इंजेक्शन की कालाबाजारी जोरों पर चल रही है। इतना ही नहीं साइबर ठग भी इसके लिए सक्रिय हो गए हैं। ये साइबर ठग रोगियों के परिजनों को ब्लैक फंगस में लगने वाले इंजेक्शनों को उपलब्ध कराने के नाम पर रुपये ठगने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इन इंजेक्शनों को 50-50 हजार रुपये में बेच रहे हैं। मरीजों के परिजन मजबूरी में इंजेक्शन खरीद रहे हैं। इंजेक्शन की कालाबाजरी इजनी जोरों पर चल रही है कि दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में तो इंजेक्शन मिलही नहीं रहे हैं। इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले लोग मरीजों के परिजनों को कभी पंजाब तो कभी आगरा तो कभी हरियाणा के विभिन्न शहरों में बुलाकर मोटी कीमत वसूल कर इंजेक्शन उपलब्ध करा रहे हैं।
विज्ञापन

वीडियो कॉल के द्वारा इंजेक्शन लेने को बुला रहे मुनाफाखोर
ब्लैक फंगस का इंजेक्शन ब्लैक में उपलब्ध कराने वाले लोग अस्पतालों से मरीजों की सूची व फोन नंबर लेकर उनके परिजनों से वट्स अप पर विडियो कॉल कर इंजेक्शन उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। अस्पताल द्वारा लिखे गए इंजेक्शन की विडियो कॉल पर फोटो दिखाकर मरीजों के परिजनों को फंसा लेते हैं तथा उसके बाद उन लोगों को पंजाब के विभिन्न शहरों जैसे बटिंडा, लुधियाना व अमृतसर बुलाते हैं। इसके अलावा जम्मू कश्मीर का पता देकर ये लोग परिजनों से एक इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 50 हजार रुपये तक जमा पहले ही करा रहे हैं। उसके बाद दूसरे शहरों में बुलाकर या दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों को केजीपी तथा केएमपी पर बुलाकर इंजेक्शन उपलब्ध कराते हैं।
विज्ञापन

ये है इंजेक्शन
ब्लैक फंगस वाले मरीजों को फरीदाबाद के डॉक्टरों द्वारा इंजेक्शन लिखा जा रहा है, उसका नाम एमपोटरीसिन-बी है। 50 एमजी के इस इंजेक्शन की कीमत वैसे साढ़े चार हजार रुपये बताई जा रही है, लेकिन ब्लैक में यह इंजेक्शन 15 हजार रुपये तक में बिक रहा है। उसके बाद भी मरीजों को इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो रहा है। मरीजों के परिजन भटकते फिर रहे हैं। निजी अस्पताल संचालक भी इंजेक्शन को लेकर मरीजों पर ही छोड़ रहे हैं कि वे कहीं से भी लाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हमारे मरीज के लिए रोजाना 50 एमजी के चार इंजेक्शन लगने हैं। डॉक्टरों ने फिलहाल 10 इंजेक्शन लगाने को बोला है। हमारे द्वारा इन इंजेक्शनों को लेने के लिए कई जगह संपर्क किया गया है, लेकिन कहीं नहीं मिल रहे हैं। अब हमें किसी व्यक्ति ने विडियो काल कर लुधियाना इंजेक्शन लेने के लिए बुलाया तो मजबूरी में हम लुधियाना पहुंच गए, लेकिन वहां पता नहीं क्या हुआ हमारे पहुंचने से कुुछ देर पहले इंजेक्शन देने के लिए बुलाने वाले व्यक्ति ने फोन बंद कर लिया। हमारे द्वारा पहले भी 15 से 20 हजार रुपये तक में इंजेक्शन लिए गए हैं।
-निखिल, पलवल
गंभीर बीमारी है
जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. शिल्पी का कहना है कि सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप के निर्देशों की पालना करते हुए स्वास्थ्य जांच में नेत्र रोग से जुड़ी टीम पूरी सक्रियता से लगी हुई है। उन्होंने बताया कि म्यूकर माइकोसिस इंफेक्शन अर्थात ब्लैक फंगस एक गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित शरीर के अंदर तेजी से फैलती है। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज, हार्ट, अस्थमा और टीबी जैसी घातक बीमारियों के साथ-साथ कोरोना की बीमारी भी है तो उन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी से ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस ब्लैक फंगस जैसी बीमारी से अधिक सचेत रहना है। ब्लैक फंगस मरीज के दिमाग, फैंफड़े, स्किन पर सीधे अटैक करता है और आंखों की रोशनी तक इस रोग के कारण जा सकती है। ऐसे में मरीज को यदि किसी भी रूप से पलकों पर सूजन दिखाई देती है तो आवश्यक चिकित्सक से जांच करवाते हुए सजगता बरतकर बचाव का सशक्त माध्यम अपनाएं। कोरोना महामारी के कारण विकसित हो रहे ब्लैक फंगस बीमारी से बचाव के लिए मरीज ब्लड ग्लूकोज पर नजर अवश्य रखें। साथ ही स्टेरॉयड के इस्तेमाल में समय व डोस का पूरा ध्यान रखा जाए। ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान स्टेराइल वाटर का प्रयोग करें। एंटी बॉयोटिक्स व एंटी फंगल दवाइयों का सावधानी से इस्तेमाल करें और ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रखें। यदि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की बीमारी के लक्षण महसूस होते हैं तो वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों से भी संपर्क करें ताकि समय रहते इसका इलाज संभव हो सके।
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि यदि कहीं भी ब्लैक फंगस की बीमारी में लगने वाले इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने की शिकायत मिले तो तुरंत पुलिस व उनकेे पास शिकायत करें। उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने कहा है कि इंजेक्शनों को बेचने के नाम पर साइबर ठग सक्रिय हैं। ऐसे में इनसे बचें। यदि आपको कोई सोशल मीडिया या अन्य तरीकों से इंजेक्शन देने की बात करता है तो उनसे सावधान रहें तथा उनके बारे में पुलिस को सूचित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed