फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Asavata's family has been dedicated to serving the country for three generations.

Palwal News: तीन पीढ़ियों से देश सेवा के लिए समर्पित है असावटा का परिवार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2025 10:42 PM IST
विज्ञापन
Asavata's family has been dedicated to serving the country for three generations.
- दादा से लेकर पौत्र तक नौ सदस्यों ने दी है भारतीय सेना में सेवा, पांच युवा अभी भी दे रहे सेवाएं
विज्ञापन

- चार हो चुके हैं सेवानिवृत, फौजियों के परिवार के नाम से है इलाके में पहचान
- आज भी संगठित रहता है 40 सदस्यीय परिवार, कई बार मिल चुका है सम्मान

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। देश सेवा का जज्बा हो तो घर-परिवार व सुख-समृद्धि सब व्यर्थ की बातें हैं। गांव असावटा निवासी दिवंगत रामपाल के परिवार ने यह सार्थक कर दिखाया है। यह परिवार तीन पीढ़ियों से देश सेवा के लिए समर्पित है। परिवार में दादा से लेकर पौत्र तक सभी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। परिवार के पांच बेटे अभी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि चार सेवानिवृत हो चुके हैं। पूरे इलाके में इनको फौजियों के परिवार के नाम से जाना जाता है। इस परिवार की एक खासियत और भी है। परिवार में 40 के करीब सदस्य होने के बावजूद संगठित है। आज भी एक ही चूल्हे पर पूरे परिवार का भोजन बनता है और सभी आने वाली पीढ़ी को देश सेवा व सेना में जाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसके लिए परिवार कई बार सम्मानित भी हो चुका है।
भारतीय सेना दिवस सेना की बहादुरी, निस्वार्थता और बलिदान का सम्मान करने के लिए हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन वीर शहीदों व सेना में अदम्य साहस का परिचय देने वाले सैनिकों को याद किया जाता है। देश में काफी लोग फौज के नाम से दूर भागते हैं। वहीं, देश में लाखों की संख्या में परिवार आज भी देश के लिए समर्पित हैं। ऐसा ही एक परिवार पलवल जिले के गांव असावटा में भी है, जो करीब 70 साल से देश सेवा के लिए समर्पित है। गांव निवासी रामपाल हवलदार ने 70 साल पहले देश सेवा की यह नींव रखी। सेना में रहते हुए उन्होंने अपने बच्चों को भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। उनके तीन बेटे श्यामवीर, रामवीर व ओमवीर में दो ने देश सेवा का विकल्प चुना और श्यामवीर व रामवीर फौज में भर्ती हो गए। तीसरे बेटे ओमवीर ने गांव में जमींदारी संभाली। तीनों के सात बेटों में छह को सेना के लिए तैयार किया गया। परिवार के बेटे धनवीर, मनवीर, दलवीर, नरवीर, उदयवीर व चमनवीर सैनिक के तौर पर भारतीय सेना में भर्ती हुए। सातवें बेटे विजयवीर पर परिवार की जिम्मेदारी आई। अब धनवीर भी सेवानिवृति के बाद हरियाणा पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन

अगली पीढ़ी को किया जा रहा तैयार
परिवार की चार पीढियों की बागडोर 87 वर्षीय दादी बतासो संभाले हुए हैं। दादी के सात पौत्र की शादी हो चुकी है, जिनके 18 के करीब बच्चे हैं। इनमें कई बेटियां भी शामिल हैं। पूरा परिवार आज भी एक ही छत के नीचे संगठित रहता है। सभी का खाना एक चूल्हे पर तैयार होता है। सेना से सेवानिवृत परिवार के बड़े बेटे श्यामवीर नई पीढ़ी को सेना के लिए तैयार करने का काम कर रहे हैं। बच्चों को अनुशासन का पूरा पाठ पढ़ाया जा रहा है। सुबह चार बजे से बच्चों की कक्षा शुरू हो जाती है। बच्चों को सुबह दौड़ लगवाई जाती है। शिक्षा के साथ-साथ उन्हें अभी से ही अकादमी में प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फौज अनुशासन में रहना और वह सब कुछ सिखाती है, जो देश सेवा के लिए काम आए। यही शिक्षा हम अपने बच्चों को दे रहे हैं। परिवार के पांच बच्चे अभी भी सेना में कार्यरत हैं। अगली पीढी को भी फौज के लिए तैयार किया जा रहा है। - श्यामवीर पोसवाल, सेवानिवृत फौजी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed