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अमृत 2.0 योजना : छह रेनीवेल बनेंगे, तीन के लिए जमीन चयनित
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522 करोड़ रुपये की परियोजना पर तेजी से काम चल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बढ़ती आबादी और गहराते पेयजल संकट से जूझ रहे पलवल शहर को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अमृत 2.0 योजना के तहत शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को वर्ष 2055 तक की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। यमुना की तलहटी में थंथरी गांव के निकट छह नए रेनीवेल स्थापित किए जाएंगे। इनमें से तीन के लिए जमीन का चयन हो चुका है, जबकि शेष तीन के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश जारी है।
चयनित जमीन किसानों से खरीदने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। वर्ष 2029 तक पूरी होने वाली इस परियोजना से शहर के साथ नगर परिषद में शामिल रोजिना, लोहागढ़, किठवाड़ी, फजलपुर, धौलागढ़, कुसलीपुर, मेघपुर, अगवानपुर, आलापुर और फिरोजपुर सहित प्रशासनिक सेक्टरों में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025 के अनुमान के अनुसार करीब 2.13 लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
परियोजना के तहत थंथरी में 1.30 करोड़ लीटर क्षमता का मुख्य बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यहां से 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से पानी किठवाड़ी स्थित मुख्य बूस्टिंग स्टेशन तक पहुंचेगा। इसके अलावा गोविंद नगर, फजलपुर, कुसलीपुर, सोहना रोड, रायपुर और लघु सचिवालय में नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे पूरे शहर में पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति हो सकेगी।
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वर्तमान में शहर के कई इलाकों में भूजल खारा है और पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण दूषित पानी की शिकायतें आती रहती हैं। विभाग का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
तीन रेनीवेल के लिए जमीन का चयन हो चुका है। शेष तीन के लिए बोरिंग के माध्यम से ऐसे स्थानों की तलाश की जा रही है, जहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो।
- रामवीर सिंह, जेई जनस्वास्थ्य विभाग पलवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बढ़ती आबादी और गहराते पेयजल संकट से जूझ रहे पलवल शहर को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अमृत 2.0 योजना के तहत शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को वर्ष 2055 तक की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए 522 करोड़ रुपये की रेनीवेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। यमुना की तलहटी में थंथरी गांव के निकट छह नए रेनीवेल स्थापित किए जाएंगे। इनमें से तीन के लिए जमीन का चयन हो चुका है, जबकि शेष तीन के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश जारी है।
चयनित जमीन किसानों से खरीदने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। वर्ष 2029 तक पूरी होने वाली इस परियोजना से शहर के साथ नगर परिषद में शामिल रोजिना, लोहागढ़, किठवाड़ी, फजलपुर, धौलागढ़, कुसलीपुर, मेघपुर, अगवानपुर, आलापुर और फिरोजपुर सहित प्रशासनिक सेक्टरों में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025 के अनुमान के अनुसार करीब 2.13 लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
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परियोजना के तहत थंथरी में 1.30 करोड़ लीटर क्षमता का मुख्य बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यहां से 16 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से पानी किठवाड़ी स्थित मुख्य बूस्टिंग स्टेशन तक पहुंचेगा। इसके अलावा गोविंद नगर, फजलपुर, कुसलीपुर, सोहना रोड, रायपुर और लघु सचिवालय में नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे पूरे शहर में पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति हो सकेगी।
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वर्तमान में शहर के कई इलाकों में भूजल खारा है और पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण दूषित पानी की शिकायतें आती रहती हैं। विभाग का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
तीन रेनीवेल के लिए जमीन का चयन हो चुका है। शेष तीन के लिए बोरिंग के माध्यम से ऐसे स्थानों की तलाश की जा रही है, जहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो।
- रामवीर सिंह, जेई जनस्वास्थ्य विभाग पलवल