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सरकारी आदेश हवा में, सहकारी एजेंसी नहीं ले रही 500-1000 के नोट

Wed, 23 Nov 2016 05:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 23 Nov 2016 05:10 PM IST
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Air government orders, not taking cooperative agency notes 500-1000
पीलीकोठी स्थित इलाहाबाद बैंक में रुपया निकालने और जमा करने के लिए लगी लोगों की भीड़।

नोटबंदी के फरमान के बाद लोगों के सुविधार्थ जारी होने वाले सरकारी आदेशों की धरातल पर हवा निकल रही है। शादी वालों के 2.50 लाख रुपये निकाले जाने की घोषणा की तरह ही खाद-बीज के लिए किसानों के 500 व 1000 के नोट लिए जाने की भी घोषणा फलीभूत नहीं हो रही है।

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आजकल रबी की फसलों की बिजाई का समय जोरों पर चल रहा है। पहले से ही घाटे का सौदा बन चुकी किसानी के लिए खाद बीज की समस्या बनी हुई है। जिसे देखते हुए केंद्रीय वित्त सचिव व रिजर्व बैंक ने सोमवार को आदेश जारी किया था कि सहकारी समितियों के कार्यालयों में पुराने नोटों से खाद-बीज दी जाएगी। 
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मंडियों में किसानों की धान की फसल आसानी से बिक नहीं रही है। व्यापारी उनकी उपज में कमी निकालकर औने-पौने दामों में खरीद रहे हैं। बदले में किसानों को व्यापारियों से भुगतान में 1000-500 के कागज बने नोट मिल रहे हैं। 
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मंगलवार को कई किसान इफको व अन्य सरकारी एजेंसियों पर खाद-बीज लेने पहुंचे। लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों व बिक्री अधिकारी ने उनसे पुराने नोट लेने से साफ मना कर दिया। परेशान किसानों का कहना था कि सरकारी फरमानों से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा। वहीं बीजेपी से जुड़े किसानों ने कहा कि अधिकारी सरकार को बदनाम कर रहे हैं। 

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