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Palwal News: अनियमितताओं की पाठशाला
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एसडीएम ने रूपनगर नाटोली के राजकीय मिडिल स्कूल और राजकीय प्राइमरी पाठशाला का किया निरीक्षण
11:20 बजे तक प्राइमरी स्कूल में दर्ज नहीं थी छात्रों की उपस्थिति, मिडिल स्कूल में अनुपस्थित छात्रों की भी हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। रूपनगर नाटोली स्थित राजकीय मिडिल स्कूल और राजकीय प्राइमरी पाठशाला में मंगलवार को एसडीएम हरिराम के औचक निरीक्षण किया। इस दाैरान दोनों विद्यालयों में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। स्कूलों के रिकॉर्ड और मौके पर उपस्थित छात्रों की संख्या में काफी अंतर पाया गया। इसके अलावा छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने में भी लापरवाही सामने आई। एसडीएम ने दोनों स्कूलों में मिली अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निरीक्षण के दौरान सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक राजकीय प्राइमरी स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। वहीं, राजकीय मिडिल स्कूल में निरीक्षण के दौरान ऐसे छात्रों की भी उपस्थिति दर्ज मिली, जो मौके पर उपस्थित नहीं थे। इससे स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
रिकॉर्ड में 200 छात्र, भोजन करने वाले काफी कम
पीएम पोषण योजना के रिकॉर्ड की जांच के दौरान करीब 200 छात्रों को योजना का लाभार्थी दर्शाया हुआ मिला। इसके बाद एसडीएम ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइए से छात्रों की वास्तविक संख्या के बारे में जानकारी ली। कुक ने बताया कि राजकीय मिडिल स्कूल में प्रतिदिन करीब 30 छात्र और राजकीय प्राइमरी स्कूल में करीब 50 छात्र भोजन करते हैं। ऐसे में रिकॉर्ड में दर्शाई गई संख्या और मौके पर भोजन करने वाले छात्रों की संख्या में अंतर सामने आया।
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सूखा राशन बांटने का भी आरोप
जांच के दौरान शिक्षण स्टाफ की ओर से छात्रों को सूखा राशन वितरित किए जाने की बात कही गई। हालांकि, इस संबंध में ग्रामीणों से जानकारी लेने पर उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। एसडीएम ने स्कूलों के रिकॉर्ड, उपस्थिति और पीएम पोषण योजना से संबंधित जानकारी को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की है।
कोर्ट
दोनों स्कूलों में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की गई है। दोनों स्कूलों के मुख्याध्यापकों और पीएम पोषण योजना के प्रभारी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति उच्च अधिकारियों से की जा रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। - हरिराम, एसडीएम
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11:20 बजे तक प्राइमरी स्कूल में दर्ज नहीं थी छात्रों की उपस्थिति, मिडिल स्कूल में अनुपस्थित छात्रों की भी हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। रूपनगर नाटोली स्थित राजकीय मिडिल स्कूल और राजकीय प्राइमरी पाठशाला में मंगलवार को एसडीएम हरिराम के औचक निरीक्षण किया। इस दाैरान दोनों विद्यालयों में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। स्कूलों के रिकॉर्ड और मौके पर उपस्थित छात्रों की संख्या में काफी अंतर पाया गया। इसके अलावा छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने में भी लापरवाही सामने आई। एसडीएम ने दोनों स्कूलों में मिली अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निरीक्षण के दौरान सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक राजकीय प्राइमरी स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। वहीं, राजकीय मिडिल स्कूल में निरीक्षण के दौरान ऐसे छात्रों की भी उपस्थिति दर्ज मिली, जो मौके पर उपस्थित नहीं थे। इससे स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
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रिकॉर्ड में 200 छात्र, भोजन करने वाले काफी कम
पीएम पोषण योजना के रिकॉर्ड की जांच के दौरान करीब 200 छात्रों को योजना का लाभार्थी दर्शाया हुआ मिला। इसके बाद एसडीएम ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले रसोइए से छात्रों की वास्तविक संख्या के बारे में जानकारी ली। कुक ने बताया कि राजकीय मिडिल स्कूल में प्रतिदिन करीब 30 छात्र और राजकीय प्राइमरी स्कूल में करीब 50 छात्र भोजन करते हैं। ऐसे में रिकॉर्ड में दर्शाई गई संख्या और मौके पर भोजन करने वाले छात्रों की संख्या में अंतर सामने आया।
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सूखा राशन बांटने का भी आरोप
जांच के दौरान शिक्षण स्टाफ की ओर से छात्रों को सूखा राशन वितरित किए जाने की बात कही गई। हालांकि, इस संबंध में ग्रामीणों से जानकारी लेने पर उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। एसडीएम ने स्कूलों के रिकॉर्ड, उपस्थिति और पीएम पोषण योजना से संबंधित जानकारी को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की है।
कोर्ट
दोनों स्कूलों में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की गई है। दोनों स्कूलों के मुख्याध्यापकों और पीएम पोषण योजना के प्रभारी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति उच्च अधिकारियों से की जा रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। - हरिराम, एसडीएम