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दिवाली पर दिखा आपसी प्रेम व भाईचारा, हर्षोल्लास से मना दिवाली पर्व
Updated Thu, 08 Nov 2018 10:37 PM IST
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पटाखों के धुंए ने घोल दिया हवा में जहर
दिवाली पर देर रात तक हुई आतिशबाजी
दिखा आपसी प्रेम व भाईचारा, दिन में बांटी मिठाई रात में की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिले में दिवाली बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया। जहां घरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना की गई, वहीं एक-दूसरे को उपहार देकर दिवाली की शुभकामनाओं का भी पूरे दिन दौर चलता रहा। लोग एक-दूसरे के घरों में जाकर मिठाइयां व उपहार देकर दिवाली की शुभकामनाएं देते नजर आए। देर शाम को लक्ष्मी पूजन के समय शाम साढ़े छह बजे से रात्रि 8:40 तक पूजन करने में व्यस्त रहे। पूजन के बाद लोगों ने घर-घर जाकर खील बताशों का भी वितरण कर एक दूसरे को बधाई दी।
दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इसकी तैयारियों में लोग पिछले 15 दिनों से जुटे हुए थे। बुधवार को लोगों ने बड़े ही प्रेम व आपसी भाईचारे के साथ दिवाली मनाया। सुबह से ही महिलाएं घरों की साफ-सफाई करने में लगी रहीं, जबकि पुरुष वर्ग अपने मित्रों, रिश्तेदारों को दिवाली की मिठाइयां देने में व्यस्त रहे। बच्चे भी अपने खेलकूद में मस्त नजर आए। शाम होते ही दिवाली की रौनक नजर आने लगी।
घरों व मंदिरों में जलाए दीप
दिवाली को लेकर घरों के बाहर महिलाएं छतों व दीवारों पर दीप जलाने में व्यस्त नजर आईं। मंदिरों में भी जाकर महिलाओं ने दीप जलाए। मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना कर लोगों ने घर में सुख, शांति व समृद्धि की मांग की।
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सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिबंध का नहीं दिखा असर
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने के लिए आतिशबाजी पर लगाई गई रोक का भी जिले में कोई असर नहीं दिखाई दिया। देर रात तक लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। शहर के पॉश इलाकों में भी शिक्षित व संभ्रात लोग देर रात तक आतिशबाजी करते नजर आए। आसमान पटाखों की की आवाज से गूंजता रहा। आतिशबाजी से निकलने वाले धुओं से पूरा शहर प्रदूषण में घिरा नजर आया। आतिशबाजी होने के चलते बृहस्पतिवार की सुबह भी कई क्षेत्रों में प्रदूषण फैलता नजर आया। आतिशबाजी का धुआं हवा में जहर घोलता नजर आ रहा है। इसी के चलते अन्य दिनों के मुकाबले सैर करने वालों की भी संख्या कम दिखाई दी। ग्रामीण अंचल में बसे लोगों ने दीप जलाकर लक्ष्मी पूजन किया तथा प्रदूषण मुक्त समाज का संदेश दिया। वैसे अदालत के आदेश का शहरी क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर खुले दिल से स्वागत भी किया गया।
ब्लैक में खूब बिके पटाखे
अदालत द्वारा आतिशबाजी बेचने के दिए गए आदेशों का असर पटाखा विक्रेताओं में दिखाई नहीं दिया। पटाखा विक्रेताओं ने जमकर पटाखे बेचे तथा खूब चांदी कूटी। लोगों को ब्लैक में पटाखे खरीदने पड़े। अदालत व पुलिस प्रशासन का डर दिखा पटाखा विक्रेताओं ने एक का माल 100 रुपये में बेचा।
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दिवाली पर देर रात तक हुई आतिशबाजी
दिखा आपसी प्रेम व भाईचारा, दिन में बांटी मिठाई रात में की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिले में दिवाली बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया। जहां घरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना की गई, वहीं एक-दूसरे को उपहार देकर दिवाली की शुभकामनाओं का भी पूरे दिन दौर चलता रहा। लोग एक-दूसरे के घरों में जाकर मिठाइयां व उपहार देकर दिवाली की शुभकामनाएं देते नजर आए। देर शाम को लक्ष्मी पूजन के समय शाम साढ़े छह बजे से रात्रि 8:40 तक पूजन करने में व्यस्त रहे। पूजन के बाद लोगों ने घर-घर जाकर खील बताशों का भी वितरण कर एक दूसरे को बधाई दी।
दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इसकी तैयारियों में लोग पिछले 15 दिनों से जुटे हुए थे। बुधवार को लोगों ने बड़े ही प्रेम व आपसी भाईचारे के साथ दिवाली मनाया। सुबह से ही महिलाएं घरों की साफ-सफाई करने में लगी रहीं, जबकि पुरुष वर्ग अपने मित्रों, रिश्तेदारों को दिवाली की मिठाइयां देने में व्यस्त रहे। बच्चे भी अपने खेलकूद में मस्त नजर आए। शाम होते ही दिवाली की रौनक नजर आने लगी।
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घरों व मंदिरों में जलाए दीप
दिवाली को लेकर घरों के बाहर महिलाएं छतों व दीवारों पर दीप जलाने में व्यस्त नजर आईं। मंदिरों में भी जाकर महिलाओं ने दीप जलाए। मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना कर लोगों ने घर में सुख, शांति व समृद्धि की मांग की।
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सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिबंध का नहीं दिखा असर
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने के लिए आतिशबाजी पर लगाई गई रोक का भी जिले में कोई असर नहीं दिखाई दिया। देर रात तक लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। शहर के पॉश इलाकों में भी शिक्षित व संभ्रात लोग देर रात तक आतिशबाजी करते नजर आए। आसमान पटाखों की की आवाज से गूंजता रहा। आतिशबाजी से निकलने वाले धुओं से पूरा शहर प्रदूषण में घिरा नजर आया। आतिशबाजी होने के चलते बृहस्पतिवार की सुबह भी कई क्षेत्रों में प्रदूषण फैलता नजर आया। आतिशबाजी का धुआं हवा में जहर घोलता नजर आ रहा है। इसी के चलते अन्य दिनों के मुकाबले सैर करने वालों की भी संख्या कम दिखाई दी। ग्रामीण अंचल में बसे लोगों ने दीप जलाकर लक्ष्मी पूजन किया तथा प्रदूषण मुक्त समाज का संदेश दिया। वैसे अदालत के आदेश का शहरी क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर खुले दिल से स्वागत भी किया गया।
ब्लैक में खूब बिके पटाखे
अदालत द्वारा आतिशबाजी बेचने के दिए गए आदेशों का असर पटाखा विक्रेताओं में दिखाई नहीं दिया। पटाखा विक्रेताओं ने जमकर पटाखे बेचे तथा खूब चांदी कूटी। लोगों को ब्लैक में पटाखे खरीदने पड़े। अदालत व पुलिस प्रशासन का डर दिखा पटाखा विक्रेताओं ने एक का माल 100 रुपये में बेचा।