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न्यायालय परिसर भवन में शुरू हुआ शिशु सदन
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न्यायालय परिसर भवन में शुरू हुआ शिशु सदन
पलवल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार वर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से स्थानीय न्यायालय भवन की दूसरी मंजिल पर बनाए गए शिशु सदन (क्रैच रूम) का शुभारंभ किया। इस शिशु सदन में सभी जज, एडवोकेट व स्टाफ के छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की ड्यूटी समय में देखरेख की जाएगी। इसके लिए एक महिला अध्यापक व एक बाल सेविका की ड्यूटी दिन में दो शिफ्टों में रहेगी। पहली शिफ्ट में प्रात: 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरी शिफ्ट में दोपहर 1 बजे से सायं 5.30 बजे तक रहेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. कविता कांबोज ने बताया कि इस क्रैच रूम की सुविधा शुरू होने से स्टाफ के बच्चों की अच्छी प्रकार की देखभाल संभव हो पाएगी। जिस परिवार में पति, पत्नी दोनो ही नौकरी पर है तथा घर पर बच्चे की देखभाल के लिए कोई नहीं है। ऐसे स्टाफ सदस्यों को अपने बच्चों की देखभाल में परेशानी नहीं आएगी। डॉ. कविता कांबोज ने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर प्राधिकरण की ओर से एडीआर सेंटर में आंखों का निशुल्क जांच शिविर लगाया गया, जिसमें लगभग 300 लोगों ने अपनी आंखों की जांच कराई तथा नि:शुल्क परामर्श लिया। इस दौरान लगभग 200 मरीजों को नि:शुल्क चश्मे तथा लगभग 250 लोगों को आंखों की दवाई दी गई। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार, देवेंद्र सिंह यादव, अमित कुमार शर्मा, अनुभव शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पियूष शर्मा, एसडीएम पलवल जितेंद्र कुमार, पलवल बार एसोसिएशन के प्रधान सुभाष शर्मा, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर मौजूद रहे।
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पलवल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार वर्मा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से स्थानीय न्यायालय भवन की दूसरी मंजिल पर बनाए गए शिशु सदन (क्रैच रूम) का शुभारंभ किया। इस शिशु सदन में सभी जज, एडवोकेट व स्टाफ के छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की ड्यूटी समय में देखरेख की जाएगी। इसके लिए एक महिला अध्यापक व एक बाल सेविका की ड्यूटी दिन में दो शिफ्टों में रहेगी। पहली शिफ्ट में प्रात: 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दूसरी शिफ्ट में दोपहर 1 बजे से सायं 5.30 बजे तक रहेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. कविता कांबोज ने बताया कि इस क्रैच रूम की सुविधा शुरू होने से स्टाफ के बच्चों की अच्छी प्रकार की देखभाल संभव हो पाएगी। जिस परिवार में पति, पत्नी दोनो ही नौकरी पर है तथा घर पर बच्चे की देखभाल के लिए कोई नहीं है। ऐसे स्टाफ सदस्यों को अपने बच्चों की देखभाल में परेशानी नहीं आएगी। डॉ. कविता कांबोज ने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर प्राधिकरण की ओर से एडीआर सेंटर में आंखों का निशुल्क जांच शिविर लगाया गया, जिसमें लगभग 300 लोगों ने अपनी आंखों की जांच कराई तथा नि:शुल्क परामर्श लिया। इस दौरान लगभग 200 मरीजों को नि:शुल्क चश्मे तथा लगभग 250 लोगों को आंखों की दवाई दी गई। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार, देवेंद्र सिंह यादव, अमित कुमार शर्मा, अनुभव शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पियूष शर्मा, एसडीएम पलवल जितेंद्र कुमार, पलवल बार एसोसिएशन के प्रधान सुभाष शर्मा, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर मौजूद रहे।