फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   15 crores are spent every year, still no cleaning is done

Palwal News: साल में 15 करोड़ होता है खर्च, फिर भी नहीं होती सफाई

Mon, 16 Oct 2023 10:16 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 10:16 AM IST
विज्ञापन
15 crores are spent every year, still no cleaning is done
कैप्शन: 4- पलवल शहर में पड़ा गंदगी का ढेर
विज्ञापन

कैप्शन: 5- पलवल के ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में गंदगी में लगाई गई आग
सड़कों व गली-मोहल्लों में लगे गंदगी के ढेर, गंदगी उठाने की बजाय लगा दी जाती है आग
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पलवल की सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद 15 करोड़ रुपये के करीब खर्च करता है, लेकिन सफाई कहीं नजर नहीं आती है। अब तो हालात ये हैं कि जहां गंदगी पड़ी है, उसे हटाने की बजाय उसमें आग लगा दी जाती है। इससे शहर में एक तरफ आग लगने से प्रदूषण फैल रहा तो है, दूसरी तरफ गंदगी में पनप रहे मच्छर-मक्खी के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं और अधिकारी व जनप्रतिनिधि चादर तान घरों में आराम से बैठे हैं।
नगर परिषद के अंतर्गत 31 वार्ड हैं, जिनकी कुल आबादी पांच लाख के करीब है। इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र की साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, लेकिन इस जिम्मेदारी को निभाने में नगर परिषद पूरी तरह से फेल है। वर्षों द्वारा शहर में खराब सफाई व्यवस्था का मामला उठाया जा रहा है, पर किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगती। आज हालात ये हैं कि शहर के हर चौराहे पर, सार्वजनिक स्थानों पर तथा गली-मोहल्लों में गंदगी के ढेर नजर आते हैं। नाले व नालियां भी गंदगी से अटे पडे़ हैं।
विज्ञापन

नगर परिषद द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर करीब 71 लाख रुपये खर्च किया जाता है। इसमें ट्रैक्टर, जेसीबी, अन्य गाड़ियों में डीजल भरवाने के नाम पर खर्च दिखाया जाता है। नियमित व पक्के कर्मचारियों सहित दैनिक सफाई कर्मियों के वेतन पर अलग से खर्च दिखाया जाता है। इस तरह से नगर परिषद की तरफ से एक करोड़ रुपये के करीब खर्च पहुंच जाता है, लेकिन फिर भी कहीं सफाई नहीं होती है। यह हाल तो तब है जब नगर परिषद के पास पालिका रोल पर 170 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके अलावा 51 पक्के कर्मचारी, 10 ग्रामीण सफाई कर्मचारी हैं। 25 दैनिक वेतन सफाई कर्मचारी भी हैं। सफाई के उपकरणों के नाम पर 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, एक जेसीबी, डंपर और मशीनें हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए भी 50 से अधिक गाड़ियां हैं, फिर भी सड़कों पर कूड़ा नजर आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

त्योहारी सीजन में भी नहीं होती सफाई
मजे की बात यह है कि त्योहारी सीजन में भी शहर के अंदर सफाई नहीं होती है। चारों तरफ गंदगी के ढेर हैं। मंदिर प्रबंधन कमेटी की तरफ से तथा लोगों द्वारा मंदिरों के आसपास व रिहायशी काॅलोनियों में भी गंदगी उठाने के लिए नवरात्र से पहले शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सफाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया। शहर में पडे़ गंदगी के ढेरों को उठाने की बजाय नगर परिषद सफाई कर्मचारी ही गंदगी में आग लगा देते हैं, जहां नगर परिषद कर्मी नहीं पहुंच पाता है, वहां लोग इंतजार करने के बाद गंदगी में आग लगा देते हैं।

शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद पूरी तरह से गंभीर है। गंदगी प्रतिदिन उठवाई जा रही है। घर-घर से भी कूड़ा उठाया जाता है। फिर भी मैं स्वयं शहर का जायजा लूंगा तथा जहां भी गंदगी के ढेर हैं, वहां से गंदगी को उठवाया जाएगा। -डॉ. यशपाल, चेयरमैन नगर परिषद पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed