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दिव्यांगों के लिए लगाए कानूनी जागरूकता शिविर
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:32 PM IST
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दिव्यांगों के लिए लगाए कानूनी जागरूकता शिविर
पलवल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन एके वर्मा व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डॉ. कविता कांबोज के मार्गदर्शन में बृहस्पतिवार को (द लिविंग स्टार) दिव्यांग बच्चों के संरक्षण के लिए अभियान के अन्तर्गत विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। गांव असावटा, चिरावटा, महेशपुर, सैलोठी, लाडियाका में आयोजित इन शिविरों में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत, हंसराज शांडिल्य, नारायण शर्मा तथा इंद्रजीत, अनिल, सुंदर लाल पैराविधिक स्वयं सेवकों ने ग्रामीणों को कानूनी जानकारी भी दी। रावत ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से गांवों में शारीरिक व मानसिक रूप से 34 दिव्यांगों की पहचान की गई। ग्रामीणों व दिव्यांगों को मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के प्रावधानों, दिव्यांगों के संवैधानिक अधिकारों, दिव्यांगों के साथ घरेलू हिंसा निषेध प्रावधानों, नालसा योजना, दिव्यांगों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्हें असमर्थता प्रमाण-पत्र बनवाने, कृत्रिम अंग लगवाने, उपकरण लेने, निशक्त छात्रवृत्ति पेंशन बनवाने, स्कूलों में दाखिला संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया। ब्यूरो
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पलवल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन एके वर्मा व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डॉ. कविता कांबोज के मार्गदर्शन में बृहस्पतिवार को (द लिविंग स्टार) दिव्यांग बच्चों के संरक्षण के लिए अभियान के अन्तर्गत विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। गांव असावटा, चिरावटा, महेशपुर, सैलोठी, लाडियाका में आयोजित इन शिविरों में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत, हंसराज शांडिल्य, नारायण शर्मा तथा इंद्रजीत, अनिल, सुंदर लाल पैराविधिक स्वयं सेवकों ने ग्रामीणों को कानूनी जानकारी भी दी। रावत ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से गांवों में शारीरिक व मानसिक रूप से 34 दिव्यांगों की पहचान की गई। ग्रामीणों व दिव्यांगों को मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के प्रावधानों, दिव्यांगों के संवैधानिक अधिकारों, दिव्यांगों के साथ घरेलू हिंसा निषेध प्रावधानों, नालसा योजना, दिव्यांगों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उन्हें असमर्थता प्रमाण-पत्र बनवाने, कृत्रिम अंग लगवाने, उपकरण लेने, निशक्त छात्रवृत्ति पेंशन बनवाने, स्कूलों में दाखिला संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया। ब्यूरो