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Palwal News: भ्रष्टाचार के आरोप में लगा था 10 लाख जुर्माना, फिर भी कंपनी को सौंप रहे सफाई की जिम्मेदारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:47 PM IST
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10 lakh fine was imposed on corruption charges, yet the responsibility of cleanliness is being handed over to the company
2021 में दिए गए टेंडर रद्द करने के आदेश, नगर परिषद नए टेंडर लगाने के बजाय क्लासिक मेन पावर को ही दे रहे काम
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-आठ करोड़ सालाना खर्च फिर भी शहर साफ नहीं, हर वर्ष रहता है फिसड्डी
अनूप पाराशर
पलवल। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। 70 लाख रुपये प्रति माह में सफाई की जिम्मेदारी उठा रही क्लासिक मेन पावर कंपनी पर भ्रष्टाचार व नियमों की अवहेलना का आरोप लगा था। इतना ही नहीं 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद कंपनी का टेंडर रद्द नहीं किया गया। लापरवाही इतनी बड़ी है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर परिषद ने आगे टेंडर लगाने के बजाय उसी क्लासिक मेन पावर कंपनी को आगे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप दी। छह साल से यही कंपनी सफाई का ठेका चला रही है।
बता दें कि क्लासिक मेनपावर द्वारा जितने कर्मचारी और कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां लगी दिखाई जा रही हैं, उतनी गाड़ियां हैं ही नहीं। इससे साफ दिखाई पड़ता है कि सफाई के नाम पर आठ करोड़ रुपये सालाना खर्च दिखाना सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।
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प्रति दिन निकलता है 106 टन कूड़ा
नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में रोजाना 106 टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा पिछले पांच सालों से निरंतर निकल रहा है। परिषद अधिकारियों की मानें तो साल 2011 की जनसंख्या को आधार मानकर शहर की कुल आबादी दो लाख, 65 हजार है। उस हिसाब से प्रति व्यक्ति प्रति व्यक्ति 400 ग्राम कूड़ा फैलाता है। इसके अनुसार शहर में प्रतिदिन 106 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा घर तक लाने में प्रति टन 2200 रुपये खर्च किए जाते हैं। इस हिसाब से हर महीने करीब 70 लाख रुपये और साल में आठ करोड़, 40 लाख रुपये खर्च होते हैं।
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इस कूड़े को उठाने में लगाए गए हैं मात्र 147 कर्मचारी
बता दें कि जिस कंपनी को सफाई का ठेका दिया हुआ है, उस कंपनी ने शहर से कूड़ा उठाने के लिए मात्र 147 कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 44 गाड़ी और शहर में से कूड़ा उठाने के लिए 12 ट्रैक्टर लगाए हुए हैं। जबकि ठेका लेते समय यह संख्या दोगुणा दर्शाई गई थी। अब जितने कर्मचारी दिखाए गए हैं, यदि उन पर नजर दौड़ाई जाए तो उनमें से आधे अधिकारियों, पार्षदों के यहां घर का कामकाज देखते हैं। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था कैसे दुरुस्त होगी, यह सवाल उठता है।
2021 में लगाया गया था 10 लाख रुपये का जुर्माना
शहर की सफाई व्यवस्था को देख रही क्लासिक मेन पावर कंपनी पर 2021 में भ्रष्टाचार और टेंडर नियमों की शर्तों को पूरा न करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही अधिकारियों को निर्देश देकर ठेका रद्द कर किसी और कंपनी को देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अधिकारियों व सफेदपोश नेताओं की मिलीभगत से आदेशों को हवा में उड़ाकर ठेका क्लासिक मेन पावर कंपनी को ही जारी रखा। जबकि ठेका मात्र एक साल के लिए छोड़ा गया, फिर भी अधिकारी मिलीभगत से इसी कंपनी को लगातार टेंडर को बिना छोड़े आगे बढ़ाते रहे। अब फिर यह टेंडर दिसंबर में समाप्त हो गया, लेकिन नई टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बजाय एक बार फिर क्लासिक मेन पावर कंपनी को ही टेंडर आगे जारी रखने के लिए चयनित कर दिया गया है।
शहर के लोगों की व्यथा
शहर में रहने वाले मुकेश धारीवाल ने बताया कि उनके घर में 11 सदस्य हैं। झाडू लगाने पर घर से करीब एक किलोग्राम कूड़ा निकलता है। फलों के छिलके और अन्य प्रकार की गंदगी मिलाकर करीब दो किलोग्राम के आसपास रहती है। वहीं, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन नेत्रपाल तंवर व केशव देव मुंजाल का कहना है कि बरसात के मौसम में कूड़ा प्रति व्यक्ति 200 ग्राम और सर्दी व गर्मी के मौसम में प्रति व्यक्ति 50 ग्राम कूड़ा ही निकल पाता है। रेहडी-पटरी बाजार और अन्य भीड़ वाले इलाकों में भी प्रति व्यक्ति 200 ग्राम कूड़ा निकल पाता है। बिल्डिंग मेटेरियल का सामान बेचने वाले और कबाड़ी का काम करने वालों को भी शामिल किया जाए तो भी कूड़ा प्रति व्यक्ति 400 ग्राम नहीं होता। लेकिन हालात ये हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था पर पूरी तरह से ग्रहण लगा हुआ है। इस तरफ न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही सरकार का। 8 करोड़ रुपये सालाना खर्च करने के बाद भी सफाई व्यवस्था के मामले में हर वर्ष सर्वेक्षण में पलवल शहर सबसे फिसड्डी रहता है। इन लोगों का कहना है कि यदि ठीक से जांच की जाए तो इस मामले में बड़ा घोटाला सामने आएगा, लेकिन मिलीभगत के चलते जांच होने के बजाय मामला ऐसे ही चलता जा रहा है।
शहर में नजर आते हैं जगह-जगह कूड़े के ढेर
शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग, सोहना रोड, किठवाड़ी रोड, रसूलपुर रोड, माल गोदाम रोड, रेलवे रोड, जवाहर नगर कैंप, सिविल लाइन कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, पैंठ मोहल्ला, अलावलपुर चौक, आदर्श कॉलोनी, न्यू एक्स्टेन्शन कॉलोनी, मोहन नगर, कैलाश नगर समेत अनेक स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। यह कूड़े के ढेर बीते लंबे समय से लगे हुए हैं। जिला प्रशासन की बैठकों में भी हर बार सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठता है

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नगर परिषद के ईओ सुनील रंगा के अनुसार शहर में सफाई व्यवस्था के लिए नया टेंडर जारी किया जाना है। टेंडर के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलनी है। चंडीगढ़ मुख्यालय में अक्तूबर में ही इसकी स्वीकृति के लिए भेजा हुआ है। टेंडर की शर्तों में बदलाव हुआ है। पहले एक वर्ष के लिए ठेका दिया जाता था, लेकिन अब पांच वर्ष के लिए ठेका दिया जाएगा। यही कारण है कि नए टेंडर जारी होने में देरी हो रही है। नया टेंडर जारी नहीं होने के कारण पुरानी कंपनी को ही दो महीने का कार्य करने के लिए एक्सटेंशन दिया गया था। उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर जारी करने की अनुमति मिल जाएगी। जैसे ही ऊपर से अनुमति आ जाएगी, तुरंत ठेका छोड़ दिया जाएगा।
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