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सरकारी अस्पताल में नहीं होगी अब बेड की कमी
कैथल
Updated Fri, 13 Sep 2013 12:26 AM IST
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हरियाणा के कैथल श्ाहर के इंदिरा गांधी बहुउद्देशीय राजकीय अस्पताल(आईजीएमएसएच) में अब मरीजों को बेड सांझा नहीं करना पड़ेगा।
सिविल सर्जन ने वार्ड में दाखिल मरीजों की हालत को देखते हुए 50 नए बेड खरीदे जाने के ऑर्डर जारी किए हैं।
अस्पताल में बेडों की कमी होने के कारण एक बेड पर कई बार दो-दो मरीजों को रहना पड़ता है। इसके अलावा भी अस्पताल में कई प्रकार की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
नए प्लान के अनुसार हर ओपीडी के बाहर मरीजों के लिए प्रतीक्षालय होगा और ओपीडी के बाहर व्यवस्थित तरीके से लाइनें लगेंगी, जहां मरीज पंखो के नीचे आराम से खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे और प्रतीक्षालय हॉल में बैठने के लिए उपर पंखे लगे होंगे।
इसी तरह रजिस्ट्रेशन करवाने, पर्ची कटवाने और दवाइयां लेने के लिए बने काउंटर के पास भी पंखे की सुविधा होगी। यहां महिलाओं, बच्चो बुजुर्गों, विकलांग और अस्पताल कर्मचारियों के लिए अलग से लाइन होंगी।
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ज्यादा मरीज होने पर बैठने के लिए प्रतीक्षालय हॉल में कुर्सियां लगी होंगी। इतना ही नहीं मरीजों के लिए दो एलसीडी भी दवाई और रजिस्ट्रेशन प्रतीक्षालय के बाहर लगी होंगी।
इन पर लगातार स्वास्थ्य प्रोग्राम चलते रहेंगे और मरीज आराम से टीवी देखते हुए अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। इतना ही नहीं प्रशासन ने अस्पताल के लिए 50 नए बेडों का आर्डर भी दे दिया है।
अब अस्पताल में मरीजों को दवाएं लेने के समय की जानकारी लेने के लिए भी धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अब गोलियों के पत्तों पर ही उसे लेने के समय की जानकारी होगी जो हिंदी में प्रिंट होगी।
इसके अलावा नए प्लान के अनुसार अब मरीजों को अलग टेस्टों की जांच के लिए जगह जगह धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। एक ही कमरे में मरीज को ब्लड संबंधी सभी प्रकार टेस्ट के उपलब्ध होंगे।
यह सुविधाएं होंगी
- अस्पताल में पचास नए बेड
- प्रतीक्षालय और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पंखे और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए दो एलसीडी
- मरीजों को दी जाने वाली दवाओं पर उसे लेने की हिंदी में जानकारी
- एक ही जगह पर मरीजों के सभी ब्लड संबंधी टेस्ट
‘मेरी नोटिस में लाया गया कि प्रसूति विभाग में डिलीवरी मरीजों के लिए बेड ही नहीं है। इस संबंध में उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला से बात की गई और उन्होंने 50 बेड खरीदने के लिए हामी भर दी। मरीजों को नियंत्रित करने के लिए प्रतीक्षालय और डिस्पेंसरी के बाहर नंबर सिस्टम डिस्प्ले लगाई जा रही है। इसके अलावा मरीजों के लिए कई सुविधाएं होंगी।
- डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ
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सिविल सर्जन ने वार्ड में दाखिल मरीजों की हालत को देखते हुए 50 नए बेड खरीदे जाने के ऑर्डर जारी किए हैं।
अस्पताल में बेडों की कमी होने के कारण एक बेड पर कई बार दो-दो मरीजों को रहना पड़ता है। इसके अलावा भी अस्पताल में कई प्रकार की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
नए प्लान के अनुसार हर ओपीडी के बाहर मरीजों के लिए प्रतीक्षालय होगा और ओपीडी के बाहर व्यवस्थित तरीके से लाइनें लगेंगी, जहां मरीज पंखो के नीचे आराम से खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे और प्रतीक्षालय हॉल में बैठने के लिए उपर पंखे लगे होंगे।
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इसी तरह रजिस्ट्रेशन करवाने, पर्ची कटवाने और दवाइयां लेने के लिए बने काउंटर के पास भी पंखे की सुविधा होगी। यहां महिलाओं, बच्चो बुजुर्गों, विकलांग और अस्पताल कर्मचारियों के लिए अलग से लाइन होंगी।
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ज्यादा मरीज होने पर बैठने के लिए प्रतीक्षालय हॉल में कुर्सियां लगी होंगी। इतना ही नहीं मरीजों के लिए दो एलसीडी भी दवाई और रजिस्ट्रेशन प्रतीक्षालय के बाहर लगी होंगी।
इन पर लगातार स्वास्थ्य प्रोग्राम चलते रहेंगे और मरीज आराम से टीवी देखते हुए अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। इतना ही नहीं प्रशासन ने अस्पताल के लिए 50 नए बेडों का आर्डर भी दे दिया है।
अब अस्पताल में मरीजों को दवाएं लेने के समय की जानकारी लेने के लिए भी धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अब गोलियों के पत्तों पर ही उसे लेने के समय की जानकारी होगी जो हिंदी में प्रिंट होगी।
इसके अलावा नए प्लान के अनुसार अब मरीजों को अलग टेस्टों की जांच के लिए जगह जगह धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। एक ही कमरे में मरीज को ब्लड संबंधी सभी प्रकार टेस्ट के उपलब्ध होंगे।
यह सुविधाएं होंगी
- अस्पताल में पचास नए बेड
- प्रतीक्षालय और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पंखे और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के लिए दो एलसीडी
- मरीजों को दी जाने वाली दवाओं पर उसे लेने की हिंदी में जानकारी
- एक ही जगह पर मरीजों के सभी ब्लड संबंधी टेस्ट
‘मेरी नोटिस में लाया गया कि प्रसूति विभाग में डिलीवरी मरीजों के लिए बेड ही नहीं है। इस संबंध में उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला से बात की गई और उन्होंने 50 बेड खरीदने के लिए हामी भर दी। मरीजों को नियंत्रित करने के लिए प्रतीक्षालय और डिस्पेंसरी के बाहर नंबर सिस्टम डिस्प्ले लगाई जा रही है। इसके अलावा मरीजों के लिए कई सुविधाएं होंगी।
- डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ