Haryana: पीपीपी में खामियों के अंबार, 45 हजार को गलती ठीक होने का इंतजार; 4 जून के बाद शुरू होगा सुधार अभियान
हरियाणा में 4 जून को लोकसभा चुनावों के परिणाम के बाद आचार संहिता हटने के बाद गलतियां सुधारने के लिए विशेष रूप से अभियान चलाया जाएगा। परिवार पहचान पत्र अथोरिटी के स्टेट कार्डिनटेर सतीश खोला ने कहा कि 5 जून से गांवों में और 10 जून से शहरों में शिविर लगाए जाएंगे।
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परिवार पहचान पत्रों में खामियों के अंबार लगे हुए हैं। अभी तक हरियाणा सरकार की ओर से कुल ढाई लाख आवेदकों की गलतियों को सुधारा जा चुका है, जबकि अभी भी 45 हजार से अधिक आवेदकों को गलतियां ठीक कराने का इंतजार है। हालांकि, पीपीपी में अधिकतर मामले सालाना आय संशोधित कराने के हैं। इनको वेरिफाई कराने के बाद ही संशोधित किया जाता है। खामियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गलतियों को ठीक कराने के लिए विशेष रूप से शिविर लगाने का फैसला लिया है। 4 जून को लोकसभा चुनावों के परिणाम के बाद आचार संहिता हटने के बाद गलतियां सुधारने के लिए विशेष रूप से अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरों में शिविर लगाए जाएंगे।
सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और सही डाटा जानने के लिए हरियाणा सरकार ने दिसंबर 2020 में परिवार पहचान पत्र की योजना शुरू की थी। इसमें परिवार के व्यवसाय से लेकर संबंधित व्यक्तियों की आय और परिवार की पूरी जानकारी होती है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हरियाणा सरकार ने इसे अनिवार्य किया हुआ है। हालांकि, आनन फानन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत लोगों ने या तो गलत जानकारी दे दी या फिर सर्वे के समय घर बैठे ही सर्वे करने वाला डाटा अपलोड कर दिया। इस समय एसडीएम और एडीसी के कार्यालय में अधिकतर संख्या ऐसे लोगों की आती है, जो पीपीपी आईडी में अपनी गलतियां ठीक कराने आते हैं। लगातार बढ़ रहे मामलों और लोगों की नाराजगी को देखते हुए एक बार फिर सरकार ने फैसला लिया है कि लोगों की सहूलियत के लिए फिर से विशेष शिविर लगाकर इन गलतियों को सुधारा जाएगा।
गांवों में 5 जून और शहरों में 10 से शुरू होंगे शिविर
परिवार पहचान पत्र अथोरिटी के स्टेट कार्डिनटेर सतीश खोला ने कहा कि 5 जून से गांवों में और 10 जून से शहरों में शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान लोगों को पीपीपी में जो भी कमी रह गई है, उसको दूर किया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 5 जून से गांवों में और 10 जून से शहरों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसमें खासतौर पर आय में गलती, रोजगार की गलती, नाम में गलती और फैमिली आईडी में नाम जोड़ने और काटने के विकल्प होंगे। संशोधन में कम से कम 30 दिन का समय लगेगा। इस कार्य के लिए 6840 कि्रड पंचायत लोकल आपरेटर की नियुक्ति की जा चुकी है, शहरों के लिए भी 1800 आपरेटर रखने की तैयारी चल रही है।