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Mahendragarh-Narnaul News: डीयू में नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से ठगे 22 लाख रुपये
Sat, 15 Apr 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:12 AM IST
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नारनौल। नांगल चौधरी के गांव बामनवास नौ निवासी एक व्यक्ति से नौकरी लगवाने के नाम 22 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसपी को देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव बामनवास नौ निवासी नरेंद्र यादव ने बताया कि वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। बहरोड राजस्थान निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू उनके गांव के श्याम बाबा के मंदिर में पिछले 10-12 साल से आता-जाता है तथा पारिवारिक तौर पर हमारी व वीरेंद्र की अच्छी जान-पहचान है। इसी बात का फायदा उठाकर वीरेंद्र ने उससे कहा कि उसका रिश्तेदार आदित्य उर्फ छोटू जनता कॉलोनी रोहतक यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत है जोकि पैसे लेकर क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाता है। अगर वह ग्यारह लाख रुपये दे तो उसे दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा देगा। उसके कहने पर ग्यारह लाख रुपये नौकरी के बदले देने को तैयार हो गए। इसके बाद वीरेंद्र ने उसकी बात आदित्य से करवाई और उसके कहे अनुसार अपने सारे कागजात रोहतक आदित्य के पास भिजवा दिए। 19 जुलाई 2021 को वीरेंद्र उर्फ वीरू को 5 लाख 50 हजार रुपये घर पर सुरेश सरपंच व विश्वास सरपंच के सामने दिए तथा 5 लाख 50 हजार रुपये का चेक 26 जुलाई 2021 को दिया। अगस्त 2021 में वीरेंद्र व आदित्य ने बुलाकर उसकी मेडिकल परीक्षा करवाई व दो डिमांड ड्रॉफ्ट यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन दिल्ली के नाम बनवाए तथा उसे पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए एक कागज भेज दिया जिसके बाद उसने पुलिस वेरिफिकेशन करवाकर दस्तावेज उक्त दोनों को भेज दिया। 28 नवंबर 2021 को उक्त दोनों ने उसे रोहतक के एक होटल में रुकवाया और उसके साथ वीरेंद्र उर्फ वीरू भी रुका हुआ था और वहीं से उसका ऑनलाइन इंटरव्यू करवाया। जिसके बाद उन्होंने कहा कि आपकी परफोरमेंस बहुत अच्छी नहीं रही अगर सलेक्शन लेना है तो कुछ पैसे और लगेंगे वे दोबारा से इंटरव्यू अरेंज करवा देंगे। यह सुनकर उसके पापा ने वीरेंद्र के खाता में तुरंत एक लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 3 दिसंबर 2022 को वीरेंद्र व आदित्य ने उसे रोहतक के होटल में रुकवाया और फिर वहीं से उसका ऑनलाइन इंटरव्यू 6 दिसंबर 2022 को करवाया और उसे ज्वाइनिंग का आश्वासन दिया, परंतु कुछ दिन बाद उक्त दोनों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। बार-बार संपर्क करने पर एक दिन आदित्य को फोन आया और उसने कहा कि कुछ दिक्कत हो गई है अगर नौ लाख रुपये और दे तो वह उसकी ज्वाइनिंग पक्की करवा सकता है। उसके कहे अनुसार 14 मार्च 2022 को उसने 2 लाख रुपये नकद व 2 लाख रुपये आदित्य के खाते में आरटीजीएस द्वारा विश्वास सरंपच के खाते से व 50 हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट रतन के खाते व एक लाख रुपये गूगल-पे रणजीत के खाते से दिए। इसके अलावा 3 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद 5 अप्रैल 2022 को आदित्य ने उसे ज्वाइनिंग के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में बुलाया और वहा आईडी कार्ड फोरम भरवाया और एक अपोईटमेंट लेटर ऑर्डर दिखाया। इसके बाद भी उसकी ज्वाइनिंग की तारीख कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे और 2 मई 2022 को आदित्य ने उसे दूसरा अपोइटमेंट लेटर दिया गया। वहीं उसे एसबीआई बैक में खाता खुलवाने के लिए कहा। उनके कहे अनुसार खाता खुलवाकर ज्वाइनिंग के सभी कागजात व खाता पासबुक पीडीएफ फाइल बनाकर आदित्य द्वारा दी गई मेल आईडी पर मेल पर भेज दी। 17 मई 2022 को आदित्य ने उसे पदभार संभालने के लिए एक पत्र दिया और कहा कि 23 मई 2022 से उसकी ज्वाइनिंग कंफर्म है व सैलरी चालू हो जाएगी। 23 मई 2022 को डीयू कार्यालय के बाहर आदित्य ने सर्विस बुक व सभी ज्वाइनिंग फोरमल्टीज पूरी करवा दी और कहा कि उसे छह महीने फील्ड वर्क करना पड़ेगा। इस काम के लिए सिर्फ उससे कोऑर्डिनेट करेंगे। आदित्य उसे फोन पर फील्ड वर्क बताता रहा और वह उसके कहे अनुसार पार्सल डिलिवर व रिसीव करता रहा। 6 जून 2022 को उसके खाते में बतौर सैलरी 13,700 रुपये क्रेडिट हुए। उसके बाद उसकी सैलरी आना बंद हो गई। जब उसने आदित्य से पूछा तो कहा कि कोई दस्तावेज वेरिफिकेशन में दिक्कत हो गई है, जल्दी ही ठीक हो जाएगी। जब तक वह उसे खर्चे के पैसे ट्रांसफर कर देगा। बीच-बीच में आदित्य ने उसे बतौर खर्चा मार्फत कुछ पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद आदित्य व वीरेंद्र ने अपना फोन स्वीच ऑफ कर लिया। इसके बाद 20 फरवरी 2023 को अपने घरवालों के साथ डीयू साउथ कैंपस दिल्ली पहुंचा तो पता चला कि वहां आदित्य नाम का कोई सेक्शन आफिसर कार्यरत नहीं है और न ही उसके द्वारा दिए हुए ज्वाइनिंग लेटर के मार्फत उसकी कोई नौकरी लगी थी। इस प्रकार उसके द्वारा दिए हुए सभी कागजात जाली व फर्जी थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उक्त दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव बामनवास नौ निवासी नरेंद्र यादव ने बताया कि वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। बहरोड राजस्थान निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू उनके गांव के श्याम बाबा के मंदिर में पिछले 10-12 साल से आता-जाता है तथा पारिवारिक तौर पर हमारी व वीरेंद्र की अच्छी जान-पहचान है। इसी बात का फायदा उठाकर वीरेंद्र ने उससे कहा कि उसका रिश्तेदार आदित्य उर्फ छोटू जनता कॉलोनी रोहतक यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत है जोकि पैसे लेकर क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाता है। अगर वह ग्यारह लाख रुपये दे तो उसे दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा देगा। उसके कहने पर ग्यारह लाख रुपये नौकरी के बदले देने को तैयार हो गए। इसके बाद वीरेंद्र ने उसकी बात आदित्य से करवाई और उसके कहे अनुसार अपने सारे कागजात रोहतक आदित्य के पास भिजवा दिए। 19 जुलाई 2021 को वीरेंद्र उर्फ वीरू को 5 लाख 50 हजार रुपये घर पर सुरेश सरपंच व विश्वास सरपंच के सामने दिए तथा 5 लाख 50 हजार रुपये का चेक 26 जुलाई 2021 को दिया। अगस्त 2021 में वीरेंद्र व आदित्य ने बुलाकर उसकी मेडिकल परीक्षा करवाई व दो डिमांड ड्रॉफ्ट यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन दिल्ली के नाम बनवाए तथा उसे पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए एक कागज भेज दिया जिसके बाद उसने पुलिस वेरिफिकेशन करवाकर दस्तावेज उक्त दोनों को भेज दिया। 28 नवंबर 2021 को उक्त दोनों ने उसे रोहतक के एक होटल में रुकवाया और उसके साथ वीरेंद्र उर्फ वीरू भी रुका हुआ था और वहीं से उसका ऑनलाइन इंटरव्यू करवाया। जिसके बाद उन्होंने कहा कि आपकी परफोरमेंस बहुत अच्छी नहीं रही अगर सलेक्शन लेना है तो कुछ पैसे और लगेंगे वे दोबारा से इंटरव्यू अरेंज करवा देंगे। यह सुनकर उसके पापा ने वीरेंद्र के खाता में तुरंत एक लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 3 दिसंबर 2022 को वीरेंद्र व आदित्य ने उसे रोहतक के होटल में रुकवाया और फिर वहीं से उसका ऑनलाइन इंटरव्यू 6 दिसंबर 2022 को करवाया और उसे ज्वाइनिंग का आश्वासन दिया, परंतु कुछ दिन बाद उक्त दोनों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। बार-बार संपर्क करने पर एक दिन आदित्य को फोन आया और उसने कहा कि कुछ दिक्कत हो गई है अगर नौ लाख रुपये और दे तो वह उसकी ज्वाइनिंग पक्की करवा सकता है। उसके कहे अनुसार 14 मार्च 2022 को उसने 2 लाख रुपये नकद व 2 लाख रुपये आदित्य के खाते में आरटीजीएस द्वारा विश्वास सरंपच के खाते से व 50 हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट रतन के खाते व एक लाख रुपये गूगल-पे रणजीत के खाते से दिए। इसके अलावा 3 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद 5 अप्रैल 2022 को आदित्य ने उसे ज्वाइनिंग के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में बुलाया और वहा आईडी कार्ड फोरम भरवाया और एक अपोईटमेंट लेटर ऑर्डर दिखाया। इसके बाद भी उसकी ज्वाइनिंग की तारीख कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे और 2 मई 2022 को आदित्य ने उसे दूसरा अपोइटमेंट लेटर दिया गया। वहीं उसे एसबीआई बैक में खाता खुलवाने के लिए कहा। उनके कहे अनुसार खाता खुलवाकर ज्वाइनिंग के सभी कागजात व खाता पासबुक पीडीएफ फाइल बनाकर आदित्य द्वारा दी गई मेल आईडी पर मेल पर भेज दी। 17 मई 2022 को आदित्य ने उसे पदभार संभालने के लिए एक पत्र दिया और कहा कि 23 मई 2022 से उसकी ज्वाइनिंग कंफर्म है व सैलरी चालू हो जाएगी। 23 मई 2022 को डीयू कार्यालय के बाहर आदित्य ने सर्विस बुक व सभी ज्वाइनिंग फोरमल्टीज पूरी करवा दी और कहा कि उसे छह महीने फील्ड वर्क करना पड़ेगा। इस काम के लिए सिर्फ उससे कोऑर्डिनेट करेंगे। आदित्य उसे फोन पर फील्ड वर्क बताता रहा और वह उसके कहे अनुसार पार्सल डिलिवर व रिसीव करता रहा। 6 जून 2022 को उसके खाते में बतौर सैलरी 13,700 रुपये क्रेडिट हुए। उसके बाद उसकी सैलरी आना बंद हो गई। जब उसने आदित्य से पूछा तो कहा कि कोई दस्तावेज वेरिफिकेशन में दिक्कत हो गई है, जल्दी ही ठीक हो जाएगी। जब तक वह उसे खर्चे के पैसे ट्रांसफर कर देगा। बीच-बीच में आदित्य ने उसे बतौर खर्चा मार्फत कुछ पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद आदित्य व वीरेंद्र ने अपना फोन स्वीच ऑफ कर लिया। इसके बाद 20 फरवरी 2023 को अपने घरवालों के साथ डीयू साउथ कैंपस दिल्ली पहुंचा तो पता चला कि वहां आदित्य नाम का कोई सेक्शन आफिसर कार्यरत नहीं है और न ही उसके द्वारा दिए हुए ज्वाइनिंग लेटर के मार्फत उसकी कोई नौकरी लगी थी। इस प्रकार उसके द्वारा दिए हुए सभी कागजात जाली व फर्जी थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर उक्त दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
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