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तालाब में डूबने से युवक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल
Updated Sun, 07 Sep 2014 11:49 PM IST
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छोटा-बड़ा तालाब में रविवार की सुबह एक युवक डूब गया। आसपास के लोग उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गए लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बाद में रेवाड़ी से आए गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला।
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मोहल्ला चांदुवाड़ा निवासी 34 वर्षीय संजीव वालिया ने चांदुवाड़ा में ही परचून की दुकान खोल रखी है। वह रोजाना सुबह सैर करने और पक्षियों को दाना डालने के लिए छोटा-बड़ा तालाब जाता था। रविवार को भी वह सुबह घर से इसी काम के लिए निकला था। सुबह करीब साढ़े सात बजे तालाब पर पहुंच कर उसने दाना डाला। इसके बाद तालाब में नहाने के लिए उतर गया। इस दौरान तालाब की गहराई में वह डूबने लगे। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। कुछ ने तालाब में छलांग भी लगाई लेकिन तब तक वह डूब चुका था।
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काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चल सका तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे सिटी ओल्ड चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार, सिटी एसएचओ रमेश कुमार ने रेवाड़ी से गोताखोर को बुलाया। प्रशासन की ओर से एसडीएम कैप्टन मनोज सिंह, डीएसपी जयपाल सिंह भी पहुंच गए। दोपहर 11:45 बजे रेवाड़ी रेडक्रास सोसायटी के दो गोताखोर पहुंचे। उन्होंने तैराकी की किट लगाने के बाद तालाब में छलांग लगा दी। करीब ढाई मिनट के प्रयास के बाद उन्होंने शव को बाहर निकाल लिया।
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‘साल में एक मौत’ से चर्चित है तालाब
‘हर साल एक मौत’ के नाम से यह तालाब चर्चित हो चुका है। हर साल यहां किसी न किसी की डूबने से मौत हो जाती है। ऐसे में यहां कर्मचारी की तैनाती की मांग भी उठने लगी है। शहर का यह प्रसिद्ध और ऐतिहासिक जनक सागर तालाब है। इसे छोटा-बड़ा तालाब के नाम से जाना जाता है। 2013 की 28 अप्रैल को गायब हुए गस्तीवाड़ा निवासी 4 वर्षीय माधव का शव भी इसी तालाब में मिला था। इस दौरान तालाब को साफ करने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की मांग उठी थी। पिछले माह 26 अगस्त को भी यहां एक व्यक्ति की लाश तैरती हुई मिली थी। जिसकी शिनाख्त मोहल्ला पीरआगा निवासी रामसिंह के रूप में हुई थी। रविवार को भी यह सिलसिला जारी रहा।
कर्मचारी तैनाती करने की मांग
टाईगर क्लब के प्रधान राकेश यादव ने प्रशासन से जल्द से जल्द कर्मचारी तैनात करने की मांग की है। सामाजिक संगठन से जुड़े संजय शर्मा, अरूण जैन, केसरी नंदन, भगत सिंह, उमाकांत छक्कड़, मदनलाल सोनी ने प्रशासन से तालाब को साफ करवाने और कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति करने की मांग की है।
जिले में नहीं है गोताखार
जिले में इन दिनों तालाब हो या फिर जोहड़। कहीं न कहीं पानी में डूबने से लोगों की मौत हो रही है। घटना के बाद उन्हें निकालने के लिए प्रशासन के पास गोताखोर भी नहीं है। हर बार रेवाड़ी रेडक्रास सोसायटी में कार्यरत गोताखोरों को बुलाना पड़ रहा है। इनके आने में भी समय लगता है। निजामपुर क्षेत्र के गांव गांगोताना में पहाड़ खुदाई के दौरान बनी झील में 29 अगस्त को पटीकरा का युवक डूब गया था। इसे निकालने के लिए अगले दिन 30 अगस्त को रेवाड़ी से ही गोताखोर बुलाए गए थे।