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Mahendragarh-Narnaul News: कम सवारी वाले रूटों से हटेंगी बसें, जरूरत वाले मार्गों पर होंगी तैनात
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महेंद्रगढ़। जिले में अलग-अलग रूटों पर चल रही रोडवेज बसों का अब सर्वे कराया जाएगा। हरियाणा रोडवेज निदेशालय ने नारनौल के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समाजसेवियों के अनुरोध पर शुरू किए गए बस रूटों की भी विशेष समीक्षा की जाएगी।
सर्वे में यह देखा जाएगा कि किस रूट पर कितनी सवारी मिल रही है और बस चलाने में कितना खर्च हो रहा है। प्रति किलोमीटर आय और खर्च का हिसाब भी तैयार किया जाएगा। जिन रूटों पर आय कम और खर्च अधिक पाया जाएगा, वहां बसों की संख्या घटाई जा सकती है। वहीं, अधिक सवारी वाले और कम बसों वाले रूटों पर इन बसों को लगाया जाएगा।
महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी-कुंड रूट पर वर्तमान में 18 बसें चल रही हैं। ये भोजवास, बवानियां और रातां होते हुए रोज 36 चक्कर लगाती हैं। विभाग के अनुसार इस रूट पर कई बसों में सवारी कम रहती है और कुछ बसों से केवल रोज का तेल खर्च ही निकल पा रहा है। ऐसे में अब सर्वे के बाद बस संचालन में बदलाव संभव है।
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अगले माह होगा बस रूटों का सर्वे
महेंद्रगढ़ में रोडवेज के विभिन्न रूटों का सर्वे अगले माह कराया जाएगा। विभाग की तैयारी के अनुसार, महेंद्रगढ़ सब डिपो का कार्य संचालन बुधवार से पूरी तरह शुरू हो जाएगा। हालांकि नारनौल डिपो में अभी डीजल पंप लगाने का काम चल रहा है। फिलहाल महेंद्रगढ़ की बसों को डीजल भरवाने के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। सब डिपो का काम पूरा होने के बाद विभाग कमेटी गठित करेगा। कमेटी इन रूटों पर हर माह प्रति किलोमीटर आय और खर्च का अनुपात तैयार करेगी।
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इन रूटों पर बसों का अभाव
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री सफर करते हैं। जिले के कई ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है लेकिन बसों की सुविधा पर्याप्त नहीं है। दुलोठ अहीर, सोहला वाया बुडीन, सेहलंग वाया अगिहार, कुराहवटा, नांगल माला और नांगल सिरोही रूट पर फिलहाल नाममात्र की बसें चल रही हैं।
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वर्जन:
रक्षाबंधन के बाद रोडवेज रूटों का सर्वे किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी मार्ग पर यात्री भार अधिक है लेकिन आय कम है तो बस सेवा जारी रखी जाती है। वहीं, यात्री भार और आय दोनों कम होने पर संचालन बंद कर बस को जरूरत वाले दूसरे रूट पर लगाया जाता है। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो
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सर्वे में यह देखा जाएगा कि किस रूट पर कितनी सवारी मिल रही है और बस चलाने में कितना खर्च हो रहा है। प्रति किलोमीटर आय और खर्च का हिसाब भी तैयार किया जाएगा। जिन रूटों पर आय कम और खर्च अधिक पाया जाएगा, वहां बसों की संख्या घटाई जा सकती है। वहीं, अधिक सवारी वाले और कम बसों वाले रूटों पर इन बसों को लगाया जाएगा।
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महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी-कुंड रूट पर वर्तमान में 18 बसें चल रही हैं। ये भोजवास, बवानियां और रातां होते हुए रोज 36 चक्कर लगाती हैं। विभाग के अनुसार इस रूट पर कई बसों में सवारी कम रहती है और कुछ बसों से केवल रोज का तेल खर्च ही निकल पा रहा है। ऐसे में अब सर्वे के बाद बस संचालन में बदलाव संभव है।
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अगले माह होगा बस रूटों का सर्वे
महेंद्रगढ़ में रोडवेज के विभिन्न रूटों का सर्वे अगले माह कराया जाएगा। विभाग की तैयारी के अनुसार, महेंद्रगढ़ सब डिपो का कार्य संचालन बुधवार से पूरी तरह शुरू हो जाएगा। हालांकि नारनौल डिपो में अभी डीजल पंप लगाने का काम चल रहा है। फिलहाल महेंद्रगढ़ की बसों को डीजल भरवाने के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। सब डिपो का काम पूरा होने के बाद विभाग कमेटी गठित करेगा। कमेटी इन रूटों पर हर माह प्रति किलोमीटर आय और खर्च का अनुपात तैयार करेगी।
इन रूटों पर बसों का अभाव
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्री सफर करते हैं। जिले के कई ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक है लेकिन बसों की सुविधा पर्याप्त नहीं है। दुलोठ अहीर, सोहला वाया बुडीन, सेहलंग वाया अगिहार, कुराहवटा, नांगल माला और नांगल सिरोही रूट पर फिलहाल नाममात्र की बसें चल रही हैं।
वर्जन:
रक्षाबंधन के बाद रोडवेज रूटों का सर्वे किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी मार्ग पर यात्री भार अधिक है लेकिन आय कम है तो बस सेवा जारी रखी जाती है। वहीं, यात्री भार और आय दोनों कम होने पर संचालन बंद कर बस को जरूरत वाले दूसरे रूट पर लगाया जाता है। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो