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Mahendragarh-Narnaul News: सिंचाई मंत्री से शिकायत के बाद पेयजल समस्या के समाधान के लिए काम शुरू
Fri, 10 May 2024 03:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 10 May 2024 03:55 AM IST
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फोटो संख्या:77- रेलवे रोड पर पानी का कनेक्शन के लिए तोड़ी गई सड़क--स्रोत--स्वयं
महेंद्रगढ़। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता व कर्मचारियों के बीच खींचतान व पेयजल की समस्या का सिंचाई मंत्री के संज्ञान में पहुंचने के बाद भी नहीं थम रहा है। हालांकि वीरवार को कर्मचारियों को राहत मिली क्योंकि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाइन जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया।
वहीं विभाग के चीफ इंजीनियर ने अधीक्षक अभियंता राजेश खन्नी को पत्र लिखकर कर्मचारियों की मांग पूरी करने व कार्यकारी अभियंता को स्थिति स्पष्ट करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं कर्मचारियों ने संगठनों ने भी आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। कर्मचारियों का कहना है कि वह न्याय के लिए कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे।
मंगलवार को सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सिंह सिहाग पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि विभाग के कार्यालय व नहर कालोनी में आठ माह से पेयजल समस्या बनी हुई है। अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को जब कर्मचारी कार्यकारी अभियंता के पास पेयजल समस्या को लेकर पहुंचे तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया व बात गाली-ग्लौच तक पहुंच गई थी। इसके बाद गुस्साए कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया था व कार्यकारी अभियंता के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। बुधवार को कर्मचारी ने अधीक्षक अभियंता व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय यादव से नारनौल में मुलाकात की थी।
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चीफ इंजीनियर ने जारी किए आदेश
लगातार बढ़ रहा अधिकारियों व कर्मचारियों विवाद का मामला अब मुख्यालय तक पहुंच गया है। विभाग के चीफ इंजीनियर की ओर से एसई राजेश खन्नी को पत्र जारी किया गया हैं। चीफ इंजीनियर का कहना है कि विभाग के अधिकारी पेयजल सहित अन्य समस्याओं का व्यक्तिगत रूचि लेकर समाधान नहीं कर पा रहे हैं। कर्मचारी सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह को ज्ञापन सौंप चुके हैं। लंबे समय समय से चली आ रहीं मांगों को निष्क्रियता ने जनता की नजरों में विभाग की छवि धूमिल की हैं। विभाग के चीफ इंजीनियर विवादित कार्यों को मैकेनिकल डिवीजन के कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के आदेश जारी किए हैं। चीफ इंजीनियर की ओर से जारी किए गए पत्र में कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सिंह सिहाग के खिलाफ बिना कोई देरी के कठोर कार्रवाई की बात कहीं गई हैं। इसके अलावा चीफ इंजीनियर का कहना है कि कार्यकारी अभियंता उपरोक्त मामले में उचित समय पर कार्रवाई करने में असफल रहें। सभी मुद्दे आपकी व्यक्तिगत जानकारी में हैं। चीफ इंजीनियर की ओर से कार्यकारी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया हैं।
धरना-प्रदर्शन के तीसरे ही दिन शुरू पेजयल लाइन जोड़ने का काम
सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह के आदेश के बाद जनस्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सिंचाई विभाग को दो नए कनेक्शन देने के लिए काम शुरू कर दिया। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रेलवे रोड पर 6 इंच की दो पेयजल लाइन बिछाई हुई हैं। एक लाइन से करीब एक इंच का कनेक्शन सिंचाई विभाग के कार्यालय तथा करीब डेढ़ इंच का कनेक्शन कॉलोनी के लिए लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता जनस्वास्थ्य विभाग सिंचाई विभाग को पेयजल उपलब्ध कराएंगा। उम्मीद लगाई जा रही है कि एक दो दिन में सिंचाई विभाग पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
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वहीं विभाग के चीफ इंजीनियर ने अधीक्षक अभियंता राजेश खन्नी को पत्र लिखकर कर्मचारियों की मांग पूरी करने व कार्यकारी अभियंता को स्थिति स्पष्ट करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं कर्मचारियों ने संगठनों ने भी आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। कर्मचारियों का कहना है कि वह न्याय के लिए कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे।
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मंगलवार को सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सिंह सिहाग पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि विभाग के कार्यालय व नहर कालोनी में आठ माह से पेयजल समस्या बनी हुई है। अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को जब कर्मचारी कार्यकारी अभियंता के पास पेयजल समस्या को लेकर पहुंचे तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया व बात गाली-ग्लौच तक पहुंच गई थी। इसके बाद गुस्साए कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया था व कार्यकारी अभियंता के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। बुधवार को कर्मचारी ने अधीक्षक अभियंता व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय यादव से नारनौल में मुलाकात की थी।
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चीफ इंजीनियर ने जारी किए आदेश
लगातार बढ़ रहा अधिकारियों व कर्मचारियों विवाद का मामला अब मुख्यालय तक पहुंच गया है। विभाग के चीफ इंजीनियर की ओर से एसई राजेश खन्नी को पत्र जारी किया गया हैं। चीफ इंजीनियर का कहना है कि विभाग के अधिकारी पेयजल सहित अन्य समस्याओं का व्यक्तिगत रूचि लेकर समाधान नहीं कर पा रहे हैं। कर्मचारी सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह को ज्ञापन सौंप चुके हैं। लंबे समय समय से चली आ रहीं मांगों को निष्क्रियता ने जनता की नजरों में विभाग की छवि धूमिल की हैं। विभाग के चीफ इंजीनियर विवादित कार्यों को मैकेनिकल डिवीजन के कार्यकारी अभियंता आशुतोष यादव को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के आदेश जारी किए हैं। चीफ इंजीनियर की ओर से जारी किए गए पत्र में कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सिंह सिहाग के खिलाफ बिना कोई देरी के कठोर कार्रवाई की बात कहीं गई हैं। इसके अलावा चीफ इंजीनियर का कहना है कि कार्यकारी अभियंता उपरोक्त मामले में उचित समय पर कार्रवाई करने में असफल रहें। सभी मुद्दे आपकी व्यक्तिगत जानकारी में हैं। चीफ इंजीनियर की ओर से कार्यकारी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया हैं।
धरना-प्रदर्शन के तीसरे ही दिन शुरू पेजयल लाइन जोड़ने का काम
सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह के आदेश के बाद जनस्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सिंचाई विभाग को दो नए कनेक्शन देने के लिए काम शुरू कर दिया। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रेलवे रोड पर 6 इंच की दो पेयजल लाइन बिछाई हुई हैं। एक लाइन से करीब एक इंच का कनेक्शन सिंचाई विभाग के कार्यालय तथा करीब डेढ़ इंच का कनेक्शन कॉलोनी के लिए लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता जनस्वास्थ्य विभाग सिंचाई विभाग को पेयजल उपलब्ध कराएंगा। उम्मीद लगाई जा रही है कि एक दो दिन में सिंचाई विभाग पानी मिलना शुरू हो जाएगा।