{"_id":"69dbd7a7772fcd4b9204ef0d","slug":"work-on-pali-stadium-stalled-for-15-days-due-to-allegations-of-whitewashing-narnol-news-c-203-1-mgh1006-125576-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: लीपापोती के आरोप में पाली स्टेडियम का काम 15 दिन से ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: लीपापोती के आरोप में पाली स्टेडियम का काम 15 दिन से ठप
विज्ञापन
फोटो संख्या:73- राजीव गांधी खेल स्टेडियम पाली जर्जर अवस्था में---स्रोत- कोच
महेंद्रगढ़। गांव पाली स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रहा 28.6 लाख रुपये का मरम्मत कार्य 15 दिनों से बंद है। कोच और खिलाड़ियों ने कार्य में अनियमितता और लीपापोती के आरोप लगाए जाने के बाद निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। अब विभाग की ओर से इस पर संज्ञान लिए जाने की दरकार है।
स्टेडियम की स्थिति पहले से ही खराब है। यहां लगे दरवाजे दीमक लगने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है। भवन की दीवारों में भी कई जगह दरारें आ चुकी हैं जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस स्टेडियम में प्रतिदिन 300 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं जिससे इसकी मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। खेल विभाग की ओर से स्टेडियम के जीर्णोद्धार का कार्य लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है।
विज्ञापन
कोच और खिलाड़ियों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से कार्य में केवल खानापूर्ति की जा रही है। दीवारों की दरारों को सीमेंट से भरने के बजाय केवल पुट्टी लगाई जा रही है जबकि प्लास्टर पर भी सतही काम किया जा रहा है।
उनका कहना है कि यह मरम्मत स्थायी समाधान नहीं है जिससे कुछ समय बाद वही समस्याएं दोबारा सामने आ जाएंगी और खिलाड़ी फिर से जर्जर स्थिति में अभ्यास करने को मजबूर होंगे।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
- वर्जन:
राजीव गांधी खेल स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए करीब 28 लाख रुपये जारी किए गए और काम सामान्य बजट से हो रहा है। ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर रहा है और खेल विभाग के नियमों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। अब विभाग को इस तुरंत संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए। -संदीप कुमार, कोच, खेल स्टेडियम, पाली
विज्ञापन
स्टेडियम की स्थिति पहले से ही खराब है। यहां लगे दरवाजे दीमक लगने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है। भवन की दीवारों में भी कई जगह दरारें आ चुकी हैं जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
इस स्टेडियम में प्रतिदिन 300 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं जिससे इसकी मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। खेल विभाग की ओर से स्टेडियम के जीर्णोद्धार का कार्य लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है।
विज्ञापन
कोच और खिलाड़ियों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से कार्य में केवल खानापूर्ति की जा रही है। दीवारों की दरारों को सीमेंट से भरने के बजाय केवल पुट्टी लगाई जा रही है जबकि प्लास्टर पर भी सतही काम किया जा रहा है।
उनका कहना है कि यह मरम्मत स्थायी समाधान नहीं है जिससे कुछ समय बाद वही समस्याएं दोबारा सामने आ जाएंगी और खिलाड़ी फिर से जर्जर स्थिति में अभ्यास करने को मजबूर होंगे।
- वर्जन:
राजीव गांधी खेल स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए करीब 28 लाख रुपये जारी किए गए और काम सामान्य बजट से हो रहा है। ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर रहा है और खेल विभाग के नियमों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। अब विभाग को इस तुरंत संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए। -संदीप कुमार, कोच, खेल स्टेडियम, पाली