{"_id":"672d1e6e29ce0269100002c4","slug":"women-were-inspired-to-become-self-reliant-and-empowered-narnol-news-c-203-1-sroh1012-113162-2024-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया
Fri, 08 Nov 2024 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 08 Nov 2024 01:39 AM IST
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में महिला सशक्तीकरण प्रकोष्ठ की ओर से वीरवार को राष्ट्र की शक्ति के रूप में नारी विषय केंद्रित विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में राष्ट्रीय सेविका समिति की जिला कार्यवाहिका ललिता भारद्वाज उपस्थित रही। विश्वविद्यालय के कुलपति व आयोजन के संरक्षक प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के निर्माण में उनका सक्रिय योगदान सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता ललिता भारद्वाज ने कहा कि एक राष्ट्र को सशक्त राष्ट्र बनाने में महिलाओं की हमेशा से ही अहम भूमिका होती है। उन्होंने अपने संबोधन में जीजाबाई, रानी लक्ष्मीबाई, गार्गी, अपाला, लोपमुद्रा इत्यादि के उल्लेख करते हुए बताया कि किसी भी राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए उसकी महिलाओं को सशक्त बनाना अनिवार्य है। महिलाएं राष्ट्र की निर्माता है और कोई भी राष्ट्र महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना आत्मनिर्भर नहीं बन सकता है। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. सुमन रानी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजिका महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की डॉ. रेनू यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति की सदस्या डॉ. रेनू, डॉ अनीता, डॉ. पवित्रा सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से शिक्षक, विद्यार्थी व शौद्यार्थी उपस्थित रहें।
विज्ञापन
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता ललिता भारद्वाज ने कहा कि एक राष्ट्र को सशक्त राष्ट्र बनाने में महिलाओं की हमेशा से ही अहम भूमिका होती है। उन्होंने अपने संबोधन में जीजाबाई, रानी लक्ष्मीबाई, गार्गी, अपाला, लोपमुद्रा इत्यादि के उल्लेख करते हुए बताया कि किसी भी राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए उसकी महिलाओं को सशक्त बनाना अनिवार्य है। महिलाएं राष्ट्र की निर्माता है और कोई भी राष्ट्र महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना आत्मनिर्भर नहीं बन सकता है। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. सुमन रानी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजिका महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की डॉ. रेनू यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति की सदस्या डॉ. रेनू, डॉ अनीता, डॉ. पवित्रा सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से शिक्षक, विद्यार्थी व शौद्यार्थी उपस्थित रहें।
विज्ञापन