{"_id":"69a5d2310a3201c9ce0ec437","slug":"with-the-onset-of-summer-the-cotton-clothing-business-has-gained-momentum-narnol-news-c-203-1-sroh1011-124505-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: गर्मी की दस्तक से सूती कपड़ों के कारोबार ने पकड़ी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: गर्मी की दस्तक से सूती कपड़ों के कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
विज्ञापन
फोटो संख्या:55- सिनेमा रोड पर कपड़े देखते लोग---संवाद
महेंद्रगढ़। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते लोगों ने अब हल्के और आरामदायक कपड़ों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इसी को देखते हुए शहर के मुख्य बाजारों में स्थित रेडीमेड और कपड़ा दुकानों पर सूती वस्त्रों की मांग बढ़ गई है।
दुकानदारों ने कहा कि सूती कपड़ा बाजार को 80 लाख रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। दुकानदारों ने बताया कि लुधियाना, दिल्ली से सूती कपड़े मंगवा रहे है। प्रतिदिन 60 से 70 ग्राहक दुकानों में पहुंच रहे है जबकि थोक की दुकानों पर प्रतिदिन दो लाख रुपये कपड़ों की बिक्री हो रही है।
वहीं शहर में लगभग 140 रेडिमेड की दुकानें है। हर दुकान पर बच्चों के कपड़ों की शुरुआत 100 रुपये से जबकि बड़े साइज के कपड़े 400 से 500 रुपये में बिक रहे है। व्यापारियों ने बताया कि इस बार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पहले से ही स्टॉक तैयार किया गया है। सूती कुर्तियां, शर्ट, टी-शर्ट, सूट, साड़ियां व बच्चों के कपड़ों की नई वैरायटी बाजार में पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
बॉक्स
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कारोबार बेहतर रहने की संभावना है। ग्राहक अब गुणवत्ता के साथ-साथ उचित दाम को भी महत्व दे रहे हैं वे मांग के अनुसार अलग-अलग रेंज में कपड़े उपलब्ध करा रहे हैं। -राजेश भारद्वाज, दुकानदार
बॉक्स
स्कूलों में नए सत्र की तैयारी भी शुरू हो गई है जिससे बच्चों के सूती यूनिफॉर्म कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है। इसके अलावा शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों को देखते हुए भी लोग हल्के और आरामदायक कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। -हेमंत, दुकानदार
विज्ञापन
दुकानदारों ने कहा कि सूती कपड़ा बाजार को 80 लाख रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। दुकानदारों ने बताया कि लुधियाना, दिल्ली से सूती कपड़े मंगवा रहे है। प्रतिदिन 60 से 70 ग्राहक दुकानों में पहुंच रहे है जबकि थोक की दुकानों पर प्रतिदिन दो लाख रुपये कपड़ों की बिक्री हो रही है।
विज्ञापन
वहीं शहर में लगभग 140 रेडिमेड की दुकानें है। हर दुकान पर बच्चों के कपड़ों की शुरुआत 100 रुपये से जबकि बड़े साइज के कपड़े 400 से 500 रुपये में बिक रहे है। व्यापारियों ने बताया कि इस बार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पहले से ही स्टॉक तैयार किया गया है। सूती कुर्तियां, शर्ट, टी-शर्ट, सूट, साड़ियां व बच्चों के कपड़ों की नई वैरायटी बाजार में पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
बॉक्स
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कारोबार बेहतर रहने की संभावना है। ग्राहक अब गुणवत्ता के साथ-साथ उचित दाम को भी महत्व दे रहे हैं वे मांग के अनुसार अलग-अलग रेंज में कपड़े उपलब्ध करा रहे हैं। -राजेश भारद्वाज, दुकानदार
बॉक्स
स्कूलों में नए सत्र की तैयारी भी शुरू हो गई है जिससे बच्चों के सूती यूनिफॉर्म कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है। इसके अलावा शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों को देखते हुए भी लोग हल्के और आरामदायक कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। -हेमंत, दुकानदार

फोटो संख्या:55- सिनेमा रोड पर कपड़े देखते लोग---संवाद

फोटो संख्या:55- सिनेमा रोड पर कपड़े देखते लोग---संवाद