नारनौल: जंगली जानवरों ने बाड़ों में घुसकर मार डालीं 30 भेड़-बकरियां, पैरों के निशान से पहचान की कोशिश
इसमें 15 पशु घायल भी हुए हैं। वाइल्ड लाइफ टीम ने जानवरों के पैरों के निशान के नमूने लिए हैं।
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हरियाणा के नारनौल क्षेत्र में दो पशुपालकों के बाड़ों में घुसकर सोमवार की रात में जंगली जानवरों ने 30 भेड़-बकरियों को मारने के अलावा 15 को घायल कर दिया। गांव धानोता में हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंची चिकित्सकों की टीम ने मरने वाली भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम किया। वर्ल्ड लाइफ टीम ने अज्ञात जानवरों के पैरों के निशान के नमूने लिए।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार रात लगभग साढ़े 12 बजे अज्ञात जंगली जानवर ने आकर अलग-अलग घरों के बाड़ों में बंधी भेड़-बकरियों पर हमला कर दिया। इस दौरान जंगली जानवर ने एक पशुपालक की 2 बकरियों और 18 भेड़ों को मार दिया। इतना ही नहीं उसकी 14 भेड़ों को घायल भी कर दिया।
वहीं दूसरे पशुपालक की 10 भेड़-बकरियों को मारने के अलावा चार को घायल कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इस इलाके में तेंदुआ, जरख और अन्य जंगली जानवर घूमते रहते हैं। आशंका है कि उन्होंने ही रात के अंधेरे में भेड़-बकरियों पर हमला कर मार दिया होगा। दोनों भेड़ पालकों ने इसकी सूचना पुलिस तथा प्रशासन को दी तो सदर थाना नारनौल की पुलिस और एसडीएम नारनौल मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने वेटरनरी सर्जन की टीम को मौके पर बुलाया।
गांव के निवर्तमान सरपंच विजय, महावीर सलामपुरा, कृष्ण कुमार, मादाराम, भोलाराम, मुकेश कुमार, बनवारी, रामौतार, शीशराम, शैतान, हंसराज, किशोरी लाल, सुवालाल ने बताया कि दोनों परिवार अपनी रोटी-रोजी चला रहे हैं। सरकार से उनकी मांग है कि दोनों पशुपालकों की आर्थिक मदद की जाए।
मैं पिछले 50 वर्षों से भेड़-बकरियों का पालन करता हूं। उसी से परिवार का जीवनयापन कर रहा हूं। मेरे पास 63 भेड़ें और पांच बकरियां थीं। सोमवार की रात में अज्ञात जानवर ने 20 भेड़ बकरियों को मार दिया और 14 को घायल कर दिया। प्रशासन एवं सरकार से मांग करता हूं कि मुझे इसका मुआवजा दिया जाए। - बालाराम, निवासी धानोता, पीड़ित
मैं गांव में ही भेड़-बकरियों को पाल कर परिवार का पालन कर रहा हूं। मेरे पास 70 भेड़-बकरियां थीं। रात में जंगली जानवर ने 10 भेड़-बकरियों को मार दिया तथा चार को घायल कर दिया। लग रहा है कि जंगली जानवर बाड़े में रात 12 बजे आया हो, क्योंकि बकरी कि आवाज आने पर बालाराम उसे देखने गया तो अंधेर में जंगली जानवर भाग गया। -मुकेश, निवासी धानौता।
मौके पर पहुंचकर हमने पैरों के निशान के नमूने ले लिए हैं। पैरों के निशान देखकर लग रहा है कि जरख ने भेड़ों और बकरियों को मारा है। जानवर कौन सा था इसका पता पैरों के निशान का मिलान करने के बाद पता चलेगा। - चरण सिंह, निरीक्षक वाइल्ड लाइफ विभाग।
हमारी टीम ने मरने वाली भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम किया है। घायल भेड़-बकरियों का उपचार किया जा रहा है। कौन सा जानवर ऐसी हिंसक घटना को अंजाम दे सकता है, इसके बारे में वाइल्ड लाइफ ही बता सकता है। -एनआर मेहरा, वेटरनरी सर्जन।