{"_id":"68e40ae9bce5674eaf014b6e","slug":"weather-favorable-for-mustard-sowing-narnol-news-c-203-1-sroh1010-120727-2025-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सरसों बिजाई के लिए अनुकूल हुआ मौसम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सरसों बिजाई के लिए अनुकूल हुआ मौसम
Tue, 07 Oct 2025 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:82- सरसों की बिजाई के लिए खेत में से बाजरे की पुलिया उठाकर ट्रैक्टर में डालते किसा
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सोमवार को हुई 10.6 एमएम बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे मौसम सरसों की बिजाई के अनुकूल बन गया है। विशेषज्ञों ने 10 से 25 अक्तूबर तक सरसों की बिजाई का बेहतर समय बताया है। अधिकतम तापमान में 10.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार शाम को अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री व न्यूनतम 20.2 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों की ओर से बुधवार तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। अधिकतम तापमान में 10.4 डिग्री तथा न्यूनतम में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं किसानों की ओर से से सरसों बिजाई के लिए खेतों की सिंचाई शुरू कर दी थी।
50 प्रतिशत किसानों की ओर से भूमि को सरसों बिजाई के लिए तैयार किया जा चुका है तथा मौसम अनुकूल होने का इंतजार कर रहे थे। आगामी दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो रबी सीजन की अन्य फसलों की बिजाई में उसका लाभ मिलेगा। सोमवार शाम छह बजे तक महेंद्रगढ़ में 10.6 एमएम तथा कनीना में 10 एमएम बारिश हुई।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ जिले में रबी सीजन की फसलों में सरसों का सबसे बड़ा रकबा होता है। हर साल औसतन ढाई लाख एकड़ में सरसों की बिजाई होती है। डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले के किसानों के लिए सरसों नकदी फसल के रूप में बोई जाती है। औसतन प्रति एकड़ आठ से दस क्विंटल औसत पैदावार होती है। कम सिंचाई में पकने वाली यह फसल किसानों के लिए काला सोना के रूप में जानी जाती है।-- -- -- -- -- -- --
- वर्जन:
बारिश के बाद सरसों की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल हो गया है। किसान 10 अक्तूबर से सरसों की अगैती बिजाई कर सकते हैं। 25 अक्तूबर तक सरसों की बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है। किसान विशेषज्ञों की राय लेकर क्षेत्र के लिए उपयुक्त बीज का चयन करें।-- - डॉ. जयलाल यादव, वरिष्ठ संयोजक, कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञों की ओर से बुधवार तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। अधिकतम तापमान में 10.4 डिग्री तथा न्यूनतम में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं किसानों की ओर से से सरसों बिजाई के लिए खेतों की सिंचाई शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
50 प्रतिशत किसानों की ओर से भूमि को सरसों बिजाई के लिए तैयार किया जा चुका है तथा मौसम अनुकूल होने का इंतजार कर रहे थे। आगामी दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो रबी सीजन की अन्य फसलों की बिजाई में उसका लाभ मिलेगा। सोमवार शाम छह बजे तक महेंद्रगढ़ में 10.6 एमएम तथा कनीना में 10 एमएम बारिश हुई।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ जिले में रबी सीजन की फसलों में सरसों का सबसे बड़ा रकबा होता है। हर साल औसतन ढाई लाख एकड़ में सरसों की बिजाई होती है। डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले के किसानों के लिए सरसों नकदी फसल के रूप में बोई जाती है। औसतन प्रति एकड़ आठ से दस क्विंटल औसत पैदावार होती है। कम सिंचाई में पकने वाली यह फसल किसानों के लिए काला सोना के रूप में जानी जाती है।
- वर्जन:
बारिश के बाद सरसों की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल हो गया है। किसान 10 अक्तूबर से सरसों की अगैती बिजाई कर सकते हैं। 25 अक्तूबर तक सरसों की बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है। किसान विशेषज्ञों की राय लेकर क्षेत्र के लिए उपयुक्त बीज का चयन करें।