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Mahendragarh-Narnaul News: पखवाड़ेभर नियमित की जाएगी जलापूर्ति
Wed, 19 Mar 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:02 AM IST
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फोटो संख्या:-51 जेएनएल नहर में आया पानी---संवाद
- फोटो : इकबाल महमूद।
महेंद्रगढ़। जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली जेएलएन में 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। महेंद्रगढ़ में मंगलवार को करीब 400 क्यूसेक पहुंच गया है। अब 2 अप्रैल तक पानी की नियमित आपूर्ति की जाएगी।
एनबी-3 पंप हाउस से देवास जल परियोजना को नहरी पानी मिलता है। अब 15 दिनों तक लगातार पानी चलेगा। इससे पेयजल आपूर्ति के टैंकों को लबालब किया जाएगा। अब लोगों को पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं होगी।
खुबडू हेड से जवाहरलाल नेहरू कैनाल में पानी छोड़ा जाता है। झज्जर जिले के गांव साल्हावास में बने जेएफ-2 से रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में पानी आपूर्ति की जाती है। यहां से महेंद्रगढ़ जिले के लिए 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इसके बाद जिले की सीमा के साथ लगते जुड्डी सुधराना से एमसी-1 से चरखी दादरी जिले के दक्षिणी हिस्से के कुछ गांवों में पानी आपूर्ति की जाती है। एमसी-2 से बिसोहा जिला रेवाड़ी में भी पेयजल आपूर्ति की जाती है।
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वहीं एमसी-3 पंप हाउस के माध्यम से जिले के गांव सिरोह होते हुए महेंद्रगढ़ जिले की सीमा में जेएलएन का पानी आता है। एमसी-4 पंप हाउस धनौंदा, बवाना क्षेत्र में नहरी पानी जाता है। वहीं एमसी-5 पाथेड़ा से झूक होते हुए सतनाली क्षेत्र में पानी पहुंचाया जाता है। इसके बाद नारनौल क्षेत्र के एनबी-1 पंप हाउस झगड़ोली से माजरा खुर्द व जोहड़ों में आपूर्ति होती है। एनबी-2 से सुरजनवास, पड़तल, भोजावास, कपूरी व अटेली क्षेत्र में पानी आपूर्ति होती है। वहीं एनबी-3 से महेंद्रगढ़ शहर के लिए गांव देवास में बनी जल परियोजना के टैंकों में पानी पहुंचता है।
इंसेट
- यह होती है पानी की स्थिति
पंप हाउस वितरण की स्थिति
एमसी- 1 जुड्डी सुधराना 900 क्यूसेक
एमसी- 2 बिसोहा 800 क्यूसेक
एमसी- 3 सिहोर 750 क्यूसेक
एमसी- 4 धनौंदा 700 क्यूसेक
एमसी- 5 पाथेड़ा 600 क्यूसेक
एनबी-1 झगड़ोली 550 क्यूसेक
एनबी- 2 सुरजनवास 400 क्यूसेक
इंसेट
- इस प्रकार होगा 15 दिनों में पानी का वितरण
प्रथम चरण में जिन नहरों पर पेयजल आपूर्ति के जलघरों को भरने का अधिक भार है उनमें पंप हाउसों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कर जलघरों को भरा जाएगा। द्वितीय चरण में जिन नहरों पर अधिक जोहड़ जुड़े हुए हैं उनके पानी छोड़कर उन्हें भरा जाएगा। जिले को जेएलएन के माध्यम से मिलने वाला अधिकांश पानी पेयजल के लिए ही प्रयोग किया जाता है।
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- वर्जन:
पहले चरण में जन स्वास्थ्य विभाग के जलघरों को भरने के लिए नहरों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से तालमेल कर जल्द जलघरों को भरने के लिए बोला गया है। अब जेएलएन में दो अप्रैल तक पानी मिलेगा। पानी की कमी रहती है तो आगे समय बढ़ाने की मांग भी की जाएगी। - सुरेंद्र जांगड़ा, उपमंडल अधिकारी नहरी विभाग महेंद्रगढ़।
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एनबी-3 पंप हाउस से देवास जल परियोजना को नहरी पानी मिलता है। अब 15 दिनों तक लगातार पानी चलेगा। इससे पेयजल आपूर्ति के टैंकों को लबालब किया जाएगा। अब लोगों को पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं होगी।
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खुबडू हेड से जवाहरलाल नेहरू कैनाल में पानी छोड़ा जाता है। झज्जर जिले के गांव साल्हावास में बने जेएफ-2 से रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में पानी आपूर्ति की जाती है। यहां से महेंद्रगढ़ जिले के लिए 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इसके बाद जिले की सीमा के साथ लगते जुड्डी सुधराना से एमसी-1 से चरखी दादरी जिले के दक्षिणी हिस्से के कुछ गांवों में पानी आपूर्ति की जाती है। एमसी-2 से बिसोहा जिला रेवाड़ी में भी पेयजल आपूर्ति की जाती है।
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वहीं एमसी-3 पंप हाउस के माध्यम से जिले के गांव सिरोह होते हुए महेंद्रगढ़ जिले की सीमा में जेएलएन का पानी आता है। एमसी-4 पंप हाउस धनौंदा, बवाना क्षेत्र में नहरी पानी जाता है। वहीं एमसी-5 पाथेड़ा से झूक होते हुए सतनाली क्षेत्र में पानी पहुंचाया जाता है। इसके बाद नारनौल क्षेत्र के एनबी-1 पंप हाउस झगड़ोली से माजरा खुर्द व जोहड़ों में आपूर्ति होती है। एनबी-2 से सुरजनवास, पड़तल, भोजावास, कपूरी व अटेली क्षेत्र में पानी आपूर्ति होती है। वहीं एनबी-3 से महेंद्रगढ़ शहर के लिए गांव देवास में बनी जल परियोजना के टैंकों में पानी पहुंचता है।
इंसेट
- यह होती है पानी की स्थिति
पंप हाउस वितरण की स्थिति
एमसी- 1 जुड्डी सुधराना 900 क्यूसेक
एमसी- 2 बिसोहा 800 क्यूसेक
एमसी- 3 सिहोर 750 क्यूसेक
एमसी- 4 धनौंदा 700 क्यूसेक
एमसी- 5 पाथेड़ा 600 क्यूसेक
एनबी-1 झगड़ोली 550 क्यूसेक
एनबी- 2 सुरजनवास 400 क्यूसेक
इंसेट
- इस प्रकार होगा 15 दिनों में पानी का वितरण
प्रथम चरण में जिन नहरों पर पेयजल आपूर्ति के जलघरों को भरने का अधिक भार है उनमें पंप हाउसों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कर जलघरों को भरा जाएगा। द्वितीय चरण में जिन नहरों पर अधिक जोहड़ जुड़े हुए हैं उनके पानी छोड़कर उन्हें भरा जाएगा। जिले को जेएलएन के माध्यम से मिलने वाला अधिकांश पानी पेयजल के लिए ही प्रयोग किया जाता है।
- वर्जन:
पहले चरण में जन स्वास्थ्य विभाग के जलघरों को भरने के लिए नहरों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से तालमेल कर जल्द जलघरों को भरने के लिए बोला गया है। अब जेएलएन में दो अप्रैल तक पानी मिलेगा। पानी की कमी रहती है तो आगे समय बढ़ाने की मांग भी की जाएगी। - सुरेंद्र जांगड़ा, उपमंडल अधिकारी नहरी विभाग महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:-51 जेएनएल नहर में आया पानी---संवाद- फोटो : इकबाल महमूद।