{"_id":"638f643805892651825e9315","slug":"water-shortage-increased-in-the-city-water-coming-once-in-three-days-narnol-news-rtk6655743174","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: शहर में बढ़ी पानी की किल्लत, तीन दिन में एक बार आ रहा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: शहर में बढ़ी पानी की किल्लत, तीन दिन में एक बार आ रहा पानी
विज्ञापन
नहर नहीं आने की वजह से शहर में पानी की किल्लत बढ़ गई है। जनस्वास्थ्य विभाग के सभी टैंक खाली हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर में घरों के अंदर तीन दिन में एक बार पानी आ रहा है वह भी एक घंटे की बजाए मात्र 40 मिनट दिया जा रहा है। अगर रूटीन से पानी दिया जाए तो जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास मात्र दो दिन का पानी शेष हैं लेकिन विभाग दावा कर रहा है कि इस पानी को वो नहर नहीं आने तक चलाएगा ताकि लोगों को पानी की ज्यादा दिक्कत न हो।
बता दें कि दक्षिण हरियाणा की मरु भूमि कहे जाने वाला जिला महेंद्रगढ़ में पानी की समस्या कम नहीं हो रही है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। खेतों में सिंचाई तो दूर पीने का पानी भी नहर से पूरा नहीं मिल रहा। पूरा जिला पेयजल के लिए नहरी पानी पर निर्भर है। इस जिले को नहर का पानी 15 दिन मिलता है तथा 15 दिन नहर बंद रहती है लेकिन इस बार नहर लंबे समय से नहीं आई है। इस वजह से घरों में प्रतिदिन पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे पानी की किल्लत बढ़ गई है। लोगों के पास नहाने एवं कपड़े धौने तो दूर की बाद पेयजल भी नहीं बचता है। मजबूरी में उन्हें टैंकर एवं कैंपर मंगवाने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी मोहल्ला चांदुुवाड़ा, मिश्रवाड़ा, धर्मकांटा, दयानगर, फौजदार कॉलोनी आदि में बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जब सरकार सर्दी में पानी नहीं दे पा रही तो गर्मियों में पानी कहां से देगी। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गर्मियों में तो इससे भी बुरे हालात हो सकते हैं।
पिछले महीने 15 की बजाय 12 दिन मिला पानी
पिछले महीनें एक नवंबर को नहर आई थी और 12 नवंबर को ही बंद कर दी गई थी। इस वजह से जनस्वास्थ्य विभाग के पानी के सभी टैंकर पूर्ण रूप से नहीं भर पाए थे और तीन-चार दिन का पानी कम मिल पाया था। दूसरा इस बार 3 दिंबर को नहर आनी थी लेकिन लगभग 9 दिन देरी से 12 दिसंबर को नहर आएगी। इसी वजह से पानी की किल्लत बढ़ गई है। नसीबपुर वाले टैंकरों में 24 दिन तथा रेवाड़ी रोड बने टैंकरों में मात्र 16 दिन का पानी स्टोर होता है। वर्तमान में दोनों के टैंकर खाली हो गए हैं। मात्र दो दिन का पानी शेष बचा है।
विज्ञापन
नारनौल शहर में घरों के अंदर 25 हजार कनेक्शन
नारनौल शहर में घरों के अंदर 25 हजार कनेक्शन हैं। लगभग 1.20 लाख आबादी का यह शहर नहरी पानी भर निर्भर रहता है। अगर नहर आएगी तो ही शहर पानी पीएगा नहीं तो दूसरा कोई साधन नहीं है। इसके बाद तो लोगों को पानी के टैंकर और कैंपर ही मंगवाने पड़ते हैं। वर्तमान में तीन दिन में एक बार पानी आ रहा है और वो भी मात्र 40 मिनट पानी मिल रहा है। अगर बीच में बिजली की दिक्कत हो जाए तो वो भी नहीं मिल पाता। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन एक व्यक्ति का 135 लीटर पानी देती हैं लेकिन अभी पानी की कमी की वजह से 45 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी मिल रहा है जबकि विभाग 90 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी दिए जाने का दावा कर रहा है।
हमारे पास अभी रूटीन के हिसाब से दो दिन का पानी शेष है। 12 दिसंबर तक नहर आएगी और उसके बाद 13 से रूटीन में पानी शुरू हो जाएगा। अभी दो दिन छोड़कर एक दिन पानी दे रहे हैं। दो दिन बचे पानी को हम 12 तक चलाने का प्रयास करेंगे। दूसरा विभाग के पास 12 बोरवैल हैं तो उससे भी पानी के टैंकर भरे जा रहे हैं। -प्रियवीर, जूनियर इंजीनियर, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नारनौल।
विज्ञापन
बता दें कि दक्षिण हरियाणा की मरु भूमि कहे जाने वाला जिला महेंद्रगढ़ में पानी की समस्या कम नहीं हो रही है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। खेतों में सिंचाई तो दूर पीने का पानी भी नहर से पूरा नहीं मिल रहा। पूरा जिला पेयजल के लिए नहरी पानी पर निर्भर है। इस जिले को नहर का पानी 15 दिन मिलता है तथा 15 दिन नहर बंद रहती है लेकिन इस बार नहर लंबे समय से नहीं आई है। इस वजह से घरों में प्रतिदिन पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे पानी की किल्लत बढ़ गई है। लोगों के पास नहाने एवं कपड़े धौने तो दूर की बाद पेयजल भी नहीं बचता है। मजबूरी में उन्हें टैंकर एवं कैंपर मंगवाने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी मोहल्ला चांदुुवाड़ा, मिश्रवाड़ा, धर्मकांटा, दयानगर, फौजदार कॉलोनी आदि में बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जब सरकार सर्दी में पानी नहीं दे पा रही तो गर्मियों में पानी कहां से देगी। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि गर्मियों में तो इससे भी बुरे हालात हो सकते हैं।
विज्ञापन
पिछले महीने 15 की बजाय 12 दिन मिला पानी
पिछले महीनें एक नवंबर को नहर आई थी और 12 नवंबर को ही बंद कर दी गई थी। इस वजह से जनस्वास्थ्य विभाग के पानी के सभी टैंकर पूर्ण रूप से नहीं भर पाए थे और तीन-चार दिन का पानी कम मिल पाया था। दूसरा इस बार 3 दिंबर को नहर आनी थी लेकिन लगभग 9 दिन देरी से 12 दिसंबर को नहर आएगी। इसी वजह से पानी की किल्लत बढ़ गई है। नसीबपुर वाले टैंकरों में 24 दिन तथा रेवाड़ी रोड बने टैंकरों में मात्र 16 दिन का पानी स्टोर होता है। वर्तमान में दोनों के टैंकर खाली हो गए हैं। मात्र दो दिन का पानी शेष बचा है।
विज्ञापन
नारनौल शहर में घरों के अंदर 25 हजार कनेक्शन
नारनौल शहर में घरों के अंदर 25 हजार कनेक्शन हैं। लगभग 1.20 लाख आबादी का यह शहर नहरी पानी भर निर्भर रहता है। अगर नहर आएगी तो ही शहर पानी पीएगा नहीं तो दूसरा कोई साधन नहीं है। इसके बाद तो लोगों को पानी के टैंकर और कैंपर ही मंगवाने पड़ते हैं। वर्तमान में तीन दिन में एक बार पानी आ रहा है और वो भी मात्र 40 मिनट पानी मिल रहा है। अगर बीच में बिजली की दिक्कत हो जाए तो वो भी नहीं मिल पाता। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन एक व्यक्ति का 135 लीटर पानी देती हैं लेकिन अभी पानी की कमी की वजह से 45 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी मिल रहा है जबकि विभाग 90 लीटर प्रतिव्यक्ति पानी दिए जाने का दावा कर रहा है।
हमारे पास अभी रूटीन के हिसाब से दो दिन का पानी शेष है। 12 दिसंबर तक नहर आएगी और उसके बाद 13 से रूटीन में पानी शुरू हो जाएगा। अभी दो दिन छोड़कर एक दिन पानी दे रहे हैं। दो दिन बचे पानी को हम 12 तक चलाने का प्रयास करेंगे। दूसरा विभाग के पास 12 बोरवैल हैं तो उससे भी पानी के टैंकर भरे जा रहे हैं। -प्रियवीर, जूनियर इंजीनियर, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नारनौल।