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700 किसानों ने मुआवजा के लिए भरा फसल बीमा योजना का फार्म
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ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के लिए जिले के किसानों ने फसल बीमा योजना का फार्म प्रारूप एक भरकर अपनी शिकायत दी है। बीमा योजना के तहत कवर किए किसानों को फसल बीमा योजना कंपनी की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। अन्य किसानों को विशेष गिरदावरी के तहत मुआवजा मिलेगा। कृषि विभाग जल्द ही विशेष गिरदावरी के लिए शेड्यूल जारी करेगा।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली एरिया में 12 दिसंबर की रात को ओलावृष्टि हुई थी। जिसमें 15 गांवों में सबसे अधिक नुकसान हुआ। इन गांवों के किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को नुकसान की सूचना 72 घंटे में दर्ज करानी थी। सोमवार को महेंद्रगढ़ में 134 तथा नारनौल में 100 शिकायत दर्ज कराई गई। तीन दिनों में महेंद्रगढ़ में 400 तथा नारनौल में 300 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। जिले में कुल 700 शिकायत दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने टोल फ्री नंबर के जरिए ऑनलाइन तरीके से भी अपनी शिकायत दी हैं। गांव पाली, बुडीन, सोहना, ढाढोत, बलाना, बलायचा, निंबेहड़ा, राजावास, कुराहवटा में सरसों की अगेती फसल को भारी नुकसान हुआ है। सतनाली क्षेत्र के गांवों में नुकसान सबसे ज्यादा है।
कृषि विभाग के सांख्यिकी पर्यवेक्षक अनिल यादव ने बताया कि बैंक दो दिन तक बंद होने के कारण किसान अपनी केसीसी नहीं जमा करा पाए थे। जिसके कारण अब किसानों को सोमवार का समय भी दिया गया था। शिकायत दर्ज करने का समय पूरा हो गया है।
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हर एक खेत का होगा मुआयना
अब इन शिकायतों की छंटनी कर जल्द ही शेड्यूल जारी किया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार कृषि विभाग की ओर से एक अधिकारी, एक बीमा कंपनी का प्रतिनिधि, एक किसान प्रतिनिधि की टीम हर एक खेत का निरीक्षण करेगी। इसके अनुसार सर्वे रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर कंपनी किसानों को मुआवजा देगी।
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महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली एरिया में 12 दिसंबर की रात को ओलावृष्टि हुई थी। जिसमें 15 गांवों में सबसे अधिक नुकसान हुआ। इन गांवों के किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को नुकसान की सूचना 72 घंटे में दर्ज करानी थी। सोमवार को महेंद्रगढ़ में 134 तथा नारनौल में 100 शिकायत दर्ज कराई गई। तीन दिनों में महेंद्रगढ़ में 400 तथा नारनौल में 300 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। जिले में कुल 700 शिकायत दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने टोल फ्री नंबर के जरिए ऑनलाइन तरीके से भी अपनी शिकायत दी हैं। गांव पाली, बुडीन, सोहना, ढाढोत, बलाना, बलायचा, निंबेहड़ा, राजावास, कुराहवटा में सरसों की अगेती फसल को भारी नुकसान हुआ है। सतनाली क्षेत्र के गांवों में नुकसान सबसे ज्यादा है।
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कृषि विभाग के सांख्यिकी पर्यवेक्षक अनिल यादव ने बताया कि बैंक दो दिन तक बंद होने के कारण किसान अपनी केसीसी नहीं जमा करा पाए थे। जिसके कारण अब किसानों को सोमवार का समय भी दिया गया था। शिकायत दर्ज करने का समय पूरा हो गया है।
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हर एक खेत का होगा मुआयना
अब इन शिकायतों की छंटनी कर जल्द ही शेड्यूल जारी किया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार कृषि विभाग की ओर से एक अधिकारी, एक बीमा कंपनी का प्रतिनिधि, एक किसान प्रतिनिधि की टीम हर एक खेत का निरीक्षण करेगी। इसके अनुसार सर्वे रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर कंपनी किसानों को मुआवजा देगी।