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Mahendragarh-Narnaul News: दो दोस्तों के अधूरे रह गए सपने, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
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फोटो 16गौरव फाइल फोटो।
नारनौल। जवाहरलाल कैनाल में डूबने से जान गंवाने वाले खासपुर गांव के दो किशोर दोस्तों कार्तिक (14) और गौरव (13) का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। आसमान में बादल छाए रहे और बूंदाबांदी के बीच परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने दोनों को अंतिम विदाई दी। श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग और जनप्रतिनिधि पहुंचे और शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दी।
ग्रामीणों ने बताया कि कार्तिक और गौरव की दोस्ती बचपन से थी। दोनों साथ पढ़ते थे, साथ खेलते थे और दौड़ का अभ्यास भी साथ करते थे। दोनों का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना था। पिछले करीब एक साल से वे सेना में जाने की तैयारी कर रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों किशोर नारनौल में होने वाली राज्य स्तरीय हाफ मैराथन की तैयारी में जुटे थे। दोनों ने प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया था। उनकी श्री शनि मंदिर में गहरी आस्था थी। वे रोज मंदिर में सेवा कार्यों में हिस्सा लेते थे।
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खामपुरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि इंद्रजीत यादव ने बताया कि हादसे के बाद नहर का जलस्तर कम करवाने के लिए नहर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया था। बाद में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव को भी स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद नहर का पानी कम किया गया।
खासपुर के सरपंच प्रतिनिधि दारा सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि इस मुश्किल समय में उन्हें सहारा मिल सके।
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ग्रामीणों ने बताया कि कार्तिक और गौरव की दोस्ती बचपन से थी। दोनों साथ पढ़ते थे, साथ खेलते थे और दौड़ का अभ्यास भी साथ करते थे। दोनों का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना था। पिछले करीब एक साल से वे सेना में जाने की तैयारी कर रहे थे।
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ग्रामीणों के अनुसार, दोनों किशोर नारनौल में होने वाली राज्य स्तरीय हाफ मैराथन की तैयारी में जुटे थे। दोनों ने प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया था। उनकी श्री शनि मंदिर में गहरी आस्था थी। वे रोज मंदिर में सेवा कार्यों में हिस्सा लेते थे।
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खामपुरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि इंद्रजीत यादव ने बताया कि हादसे के बाद नहर का जलस्तर कम करवाने के लिए नहर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया था। बाद में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव को भी स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद नहर का पानी कम किया गया।
खासपुर के सरपंच प्रतिनिधि दारा सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि इस मुश्किल समय में उन्हें सहारा मिल सके।