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Mahendragarh-Narnaul News: योजनाओं का लाभ लेने के लिए मछली पालकों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीकरण
Sat, 02 Nov 2024 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 02 Nov 2024 11:21 PM IST
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नारनौल।
मछली उत्पादकों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सीएससी (अटल सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा।
इस प्रकार कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होता है, ठीक उसी प्रकार मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालकों को रजिस्ट्रेशन नंबर लेना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन होने पर सभी प्रकार के लाभ बैंक के माध्यम से मिलेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
सभी मत्स्य कृषकों, मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड के सदस्यों, विभाग से लाभान्वित मत्स्य पालकों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता के संबंध में जानकारी देनी होगी। मत्स्य पालक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। जिला समन्वयक से भी संपर्क किया जा सकता है।
सीएससी के जिला प्रबंधक सचिन यादव ने कहा कि मत्स्य पालकों एवं इससे जुड़े लोगों को आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मत्स्य विभाग कार्यालय पहुंचकर संपर्क कर सकते हैं।
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सामूहिक मत्स्य पालन योजना
इस योजना के अंतर्गत कोई भी महिला पुरुष समुदाय के साथ मिलकर मछली पालन कर सकता है। इसके लिए उसे अनुदान और उपकरण दिए जाते हैं। इस योजना में आवेदन करने के लिए सिर्फ एक शर्त है कि मछली पालन समूह के जरिए ही होगा।
विभाग की योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर मत्स्य पालन के क्षेत्र में लगे मछुआरों, मत्स्य कृषक, मत्स्य विक्रेता, मत्स्य प्रसंस्करण कर्ता एवं अन्य हितधारकों की पहचान कर राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफार्म पर पंजीकृत कराना है। मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए रोजगार सृजन करना है। इसमें समिति से जुड़े मत्स्य पालकों के अलावा इस व्यवसाय के लोग जैसे मछली बिक्री करने वाले, जाल बुनने वाले, निजी तालाब में मछली पालन करने वाले व अन्य समूह के लोग भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
सरकारी मत्स्य बीज फार्मों से की जाएगी बीज की आपूर्ति
मछली बीज का संग्रहण मछली खेती में मुख्य गतिविधि है। 15 सरकारी मत्स्य फार्मों द्वारा राज्य के मत्स्य किसानों को गुणवत्ता वाले मछली बीज की आपूर्ति करवाई जाती है। मत्स्य बीज का संग्रहण मछली खेती की रीढ़ है। मत्स्य पालन किसान मत्स्य फार्म प्रबंधक के पास 65 रुपये प्रति हजार के हिसाब से मत्स्य बीज की कीमत जमा करवा सकते हैं। मत्स्य फार्म प्रबंधक मत्स्य बीज की कीमत जमा करने उपरांत 15 दिन के अंदर मत्स्य बीज सप्लाई करेगा।
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मछली उत्पादकों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सीएससी (अटल सेवा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा।
इस प्रकार कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होता है, ठीक उसी प्रकार मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालकों को रजिस्ट्रेशन नंबर लेना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन होने पर सभी प्रकार के लाभ बैंक के माध्यम से मिलेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
सभी मत्स्य कृषकों, मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड के सदस्यों, विभाग से लाभान्वित मत्स्य पालकों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक खाता के संबंध में जानकारी देनी होगी। मत्स्य पालक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। जिला समन्वयक से भी संपर्क किया जा सकता है।
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सीएससी के जिला प्रबंधक सचिन यादव ने कहा कि मत्स्य पालकों एवं इससे जुड़े लोगों को आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मत्स्य विभाग कार्यालय पहुंचकर संपर्क कर सकते हैं।
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सामूहिक मत्स्य पालन योजना
इस योजना के अंतर्गत कोई भी महिला पुरुष समुदाय के साथ मिलकर मछली पालन कर सकता है। इसके लिए उसे अनुदान और उपकरण दिए जाते हैं। इस योजना में आवेदन करने के लिए सिर्फ एक शर्त है कि मछली पालन समूह के जरिए ही होगा।
विभाग की योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर मत्स्य पालन के क्षेत्र में लगे मछुआरों, मत्स्य कृषक, मत्स्य विक्रेता, मत्स्य प्रसंस्करण कर्ता एवं अन्य हितधारकों की पहचान कर राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफार्म पर पंजीकृत कराना है। मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए रोजगार सृजन करना है। इसमें समिति से जुड़े मत्स्य पालकों के अलावा इस व्यवसाय के लोग जैसे मछली बिक्री करने वाले, जाल बुनने वाले, निजी तालाब में मछली पालन करने वाले व अन्य समूह के लोग भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
सरकारी मत्स्य बीज फार्मों से की जाएगी बीज की आपूर्ति
मछली बीज का संग्रहण मछली खेती में मुख्य गतिविधि है। 15 सरकारी मत्स्य फार्मों द्वारा राज्य के मत्स्य किसानों को गुणवत्ता वाले मछली बीज की आपूर्ति करवाई जाती है। मत्स्य बीज का संग्रहण मछली खेती की रीढ़ है। मत्स्य पालन किसान मत्स्य फार्म प्रबंधक के पास 65 रुपये प्रति हजार के हिसाब से मत्स्य बीज की कीमत जमा करवा सकते हैं। मत्स्य फार्म प्रबंधक मत्स्य बीज की कीमत जमा करने उपरांत 15 दिन के अंदर मत्स्य बीज सप्लाई करेगा।