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प्यासे ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम
narnaul
Updated Wed, 30 Apr 2014 12:37 AM IST
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चार माह से पेयजल संकट झेल रहे ढाणी बाठोठा के ग्रामीणों ने मंगलवार को हिसार-जयपुर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक लगे रहे जाम से मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। ग्रामीण का कहना था कि बार-बार कहने के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने गांव में चार बोरवेल लगवाए हैं। इनकी मोटर और पाइप लाइन खराब पड़ी है। पिछले माह से उन्हें नजदीकी गांव कांवी में लगे बोरवेल से पानी मुहैया करवाया जा रहा था। अब कांवी की सप्लाई भी बंद हो गई और ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं दूर-दराज से पानी भरकर ला रही हैं। अब मौसम की तल्खी बढ़ने के साथ ही दूर जाने में भी दिक्कत पेश आ रही है।
अधिकतर ग्रामीण निजी टैंकर मंगवा रहे हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें रोजाना 300-350 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को ज्ञापन भी सौंपा था और डीसी को भी समस्या से अवगत करवाया गया। एक सप्ताह बीत गया लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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पेयजल संकट से परेशान और अफसरों की लापरवाही पर भड़के ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 9 बजे हिसार-जयपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ढाणी ने ग्रामीणों को समझाया और जाम खुलवाया। जाम लगाने वालों में वीरेंद्र कुमार, हंसराज, विजय सिंह, सत्यवान, रामनिवास, शांतिदेवी आदि ग्रामीण शामिल रहे।
सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जाम खुलने के बाद नारनौल के तहसीलदार मातूराम नेहरा ढाणी बाठोठा पहुंचे हैं। जाम लगाने वाले लोगों ने पेयजल समस्या के लिए सरपंच की लचर कार्यशैली को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पेयजल समस्या से अवगत नहीं कराया, साथ ही पिछले एक माह से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। इससे लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन को सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए तहसीलदार मातूराम नेहरा ने दावा किया था कि बिजली निगम और जनस्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करवा दिया है। शाम तक पेयजल सप्लाई बहाल करने का आश्वासन दिया है। समस्या को लेकर सरपंच और विभाग की लापरवाही से जिला उपायुक्त को अवगत कराया जाएगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने गांव में चार बोरवेल लगवाए हैं। इनकी मोटर और पाइप लाइन खराब पड़ी है। पिछले माह से उन्हें नजदीकी गांव कांवी में लगे बोरवेल से पानी मुहैया करवाया जा रहा था। अब कांवी की सप्लाई भी बंद हो गई और ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं दूर-दराज से पानी भरकर ला रही हैं। अब मौसम की तल्खी बढ़ने के साथ ही दूर जाने में भी दिक्कत पेश आ रही है।
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अधिकतर ग्रामीण निजी टैंकर मंगवा रहे हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें रोजाना 300-350 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को ज्ञापन भी सौंपा था और डीसी को भी समस्या से अवगत करवाया गया। एक सप्ताह बीत गया लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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पेयजल संकट से परेशान और अफसरों की लापरवाही पर भड़के ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 9 बजे हिसार-जयपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ढाणी ने ग्रामीणों को समझाया और जाम खुलवाया। जाम लगाने वालों में वीरेंद्र कुमार, हंसराज, विजय सिंह, सत्यवान, रामनिवास, शांतिदेवी आदि ग्रामीण शामिल रहे।
सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जाम खुलने के बाद नारनौल के तहसीलदार मातूराम नेहरा ढाणी बाठोठा पहुंचे हैं। जाम लगाने वाले लोगों ने पेयजल समस्या के लिए सरपंच की लचर कार्यशैली को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पेयजल समस्या से अवगत नहीं कराया, साथ ही पिछले एक माह से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। इससे लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन को सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए तहसीलदार मातूराम नेहरा ने दावा किया था कि बिजली निगम और जनस्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत करवा दिया है। शाम तक पेयजल सप्लाई बहाल करने का आश्वासन दिया है। समस्या को लेकर सरपंच और विभाग की लापरवाही से जिला उपायुक्त को अवगत कराया जाएगा।