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Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   There is no arrangement of night shelter to spend the night in the bitter cold.

कड़ाके की ठंड में रात गुजारने के लिए रैन बसेरे का कोई इंतजाम नहीं

Fri, 14 Jan 2022 11:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 11:27 PM IST
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There is no arrangement of night shelter to spend the night in the bitter cold.
कम्युनिटी सेंटर में नपा द्वारा तैयारी किया गया रैन बसेरा। संवाद - फोटो : Narnol
कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है, लेकिन अटेली कस्बे में प्रवासियों तथा साधु-संतों के लिए कहीं कोई रैन बसेरा नजर नहीं आता। ऐसे हालात में साधु संत व प्रवासी इधर-उधर रात गुजारने को मजबूर हैं। इस समस्या की ओर न तो नगर पालिक का ध्यान है और न ही प्रशासन की ओर से रैन बसेरे का कोई इंतजाम किया गया है।
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दो साल पहले प्रवासी लोगों एवं साधु-संतों के लिए नगरपालिका के पास बने सामुदायिक केंद्र में रैन बसेरा बनाया गया था, जिसमें प्रवासी व साधु संत रात बिताते थे, लेकिन वर्तमान में नपा या प्रशासन की ओर से शहर में कोई रैन बसेरा नहीं है।
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2009 में तत्कालीन विधायक नरेश यादव ने नपा कार्यालय के परिसर में सामुदायिक केंद्र का शिलान्यास किया था जो 25 लाख रुपये की लागत से बनकर तीन साल में तैयार हुआ था। तदोपरांत तत्कालीन सीपीएस अनीता यादव ने 2012 में इसका उद्घाटन करके सामुदायिक केंद्र को जनता को समर्पित किया था। इस सामुदायिक केंद्र में कस्बे के लोग सामूहिक कार्यक्रम करते रहे हैं, सामुदायिक केंद्र को कुछ समय के लिए रैन बसेरे का दर्जा भी दिया गया था। इस दौरान साधु-संतों के साथ-साथ गरीब मजदूरों ने ठंड के मौसम में इसका लाभ भी लिया, परंतु अब इस सामुदायिक केंद्र पर नपा प्रशासन के कर्मचारियों ने कब्जा कर लिया है। नपा कर्मचारी इस सामुदायिक केंद्र में अपने केबिन बनाकर बतौर कार्यालय प्रयोग कर रहे हैं। नपा कर्मचारियों द्वारा सामुदायिक केंद्र को सीएससी सेंटर या अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। समय-समय पर शहर के लोगों द्वारा रैन बसेरा की मांग की जाती रही है, परंतु प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नही उठाया गया। प्रवासियों व साधु संतों के लिए रात्रि में ठहरने के लिए कोई रैन बसेरा नही होने के कारण इन बेबस प्राणियों को रेलवे स्टेशन के आसपास आग जलाकर रात गुजारनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने प्रवासियों और साधु-संतों के लिए प्रशासन से रैन बसेरा बनाने की मांग की है।
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नपा कार्यालय परिसर में बने सामुदायिक केंद्र में रैन बसेरा बनाया हुआ है। वहां प्रवासियों के रहने के लिए गर्म वस्त्र रखे हुए जब भी कोई आता है वह वहां पर ठहर जाता है। जहां तक कार्यालय की केबिन बनाने की बात है हाल काफी लंबा चौड़ा है। केबिन नैन बसेरे में कोई बाधा नहीं डालती है। -जतिन अग्रवाल, चेयरमैन नगरपालिका मंडी अटेली।
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