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Mahendragarh-Narnaul News: हीट स्ट्रोक का बना खतरा, ओपीडी भी 1250 के पास पहुंची
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फोटो नंबर-14नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक। संवाद
नारनौल। गर्मी से अब आमजन की सेहत पर भी प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। इसमें बुखार, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द और सिर में दर्द के मरीजों की संख्या अधिक बढ़ी है। इस कारण नागरिक अस्पताल में ओपीडी की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
नागरिक अस्पताल में सामान्य दिनों में ओपीडी 900 से 1100 तक रहती है। मई के दूसरे पखवाड़े में ओपीडी संख्या 1200 से 1300 दर्ज की जा रही है। बुधवार को ओपीडी 1250 दर्ज की गई। बीमार पड़ने वाले लोगों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। बच्चों की ओपीडी इस समय करीब 150 के आसपास बनी हुई है, जो सामान्य दिनों में 80 से 100 के बीच रहती है। वहीं नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 40 में संचालित सामान्य ओपीडी की संख्या करीब 250 बनी हुई है। इनमें 100 लोग गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, दस्त सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।
हीट स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा
गर्मियों के दिनों में तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। अगर समय पर उपचार नहीं लिया तो हीट स्ट्रोक जानलेवा भी साबित हो सकता है। तेज धूप में अधिक देर तक रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो हीट स्ट्रोक का प्रमुख कारण है। चक्कर आना, सिर में दर्द व सिर का भारी होना, दिल की धड़कन बढ़ना, भ्रामक स्थिति उत्पन्न होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। गंभीर हीट स्ट्रोक होने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है, ऐसी स्थिति में उसे समय पर उपचार मिलना आवश्यक है। जिन लोगों को बीपी, शुगर, सांस व ह्रदय संबंधित बीमारियां है, उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है।
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तेज धूप से कैसे करें बचाव :
तेज गति से चलने वाली गर्म हवाओं और तेज धूप से आंखों में जलन और मौसमी बुखार संबंधित अनेक समस्याएं होने की संभावना बनी रहती है। बचाव के लिए आवश्यक है दोपहर में घर से बाहर निकलते समय सिर पर तौलिया रखे या छाता लेकर बाहर निकलें और धूप वाले चश्मे का प्रयोग करें। ताकि गर्म हवाओं के कारण आंखों में जलन नहीं रहे और तेज धूप सीधी शरीर पर नहीं पड़े।
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खेती के काम के कारण कई बार दोपहर में बाहर निकलना पड़ता है, पिछले कुछ दिनों से बुखार की शिकायत थी। उपचार के लिए बुधवार को नागरिक अस्पताल आया था, जहां चिकित्सकों ने दवाइयां दी है। -बाबूलाल, पूर्व सरपंच, गांव-चंदपुरा।
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गर्मी के कारण मेरे बच्चे की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी, जिसके बाद मंगलवार को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। गंभीर स्थिति होने और बेहतर उपचार के लिए उसे भर्ती किया गया है। -प्रमिला, मोहल्ला-काठमंडी
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वर्जन :
तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक की संभावना बनी रहती है और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण यह घातक सिद्ध हो सकता है। बुजुर्ग लोग विशेष तौर पर खेतों में काम करने वाले किसान अकेले बाहर नहीं निकलें। गत वर्ष भी ऐसे अनेक मामले सामने आए थे जब हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हुआ था। -डॉ. जितेंद्र यादव, फिजिशयन, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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नागरिक अस्पताल में सामान्य दिनों में ओपीडी 900 से 1100 तक रहती है। मई के दूसरे पखवाड़े में ओपीडी संख्या 1200 से 1300 दर्ज की जा रही है। बुधवार को ओपीडी 1250 दर्ज की गई। बीमार पड़ने वाले लोगों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। बच्चों की ओपीडी इस समय करीब 150 के आसपास बनी हुई है, जो सामान्य दिनों में 80 से 100 के बीच रहती है। वहीं नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 40 में संचालित सामान्य ओपीडी की संख्या करीब 250 बनी हुई है। इनमें 100 लोग गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, दस्त सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।
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हीट स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा
गर्मियों के दिनों में तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। अगर समय पर उपचार नहीं लिया तो हीट स्ट्रोक जानलेवा भी साबित हो सकता है। तेज धूप में अधिक देर तक रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो हीट स्ट्रोक का प्रमुख कारण है। चक्कर आना, सिर में दर्द व सिर का भारी होना, दिल की धड़कन बढ़ना, भ्रामक स्थिति उत्पन्न होना हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। गंभीर हीट स्ट्रोक होने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है, ऐसी स्थिति में उसे समय पर उपचार मिलना आवश्यक है। जिन लोगों को बीपी, शुगर, सांस व ह्रदय संबंधित बीमारियां है, उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है।
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तेज धूप से कैसे करें बचाव :
तेज गति से चलने वाली गर्म हवाओं और तेज धूप से आंखों में जलन और मौसमी बुखार संबंधित अनेक समस्याएं होने की संभावना बनी रहती है। बचाव के लिए आवश्यक है दोपहर में घर से बाहर निकलते समय सिर पर तौलिया रखे या छाता लेकर बाहर निकलें और धूप वाले चश्मे का प्रयोग करें। ताकि गर्म हवाओं के कारण आंखों में जलन नहीं रहे और तेज धूप सीधी शरीर पर नहीं पड़े।
खेती के काम के कारण कई बार दोपहर में बाहर निकलना पड़ता है, पिछले कुछ दिनों से बुखार की शिकायत थी। उपचार के लिए बुधवार को नागरिक अस्पताल आया था, जहां चिकित्सकों ने दवाइयां दी है। -बाबूलाल, पूर्व सरपंच, गांव-चंदपुरा।
गर्मी के कारण मेरे बच्चे की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी, जिसके बाद मंगलवार को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। गंभीर स्थिति होने और बेहतर उपचार के लिए उसे भर्ती किया गया है। -प्रमिला, मोहल्ला-काठमंडी
वर्जन :
तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक की संभावना बनी रहती है और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण यह घातक सिद्ध हो सकता है। बुजुर्ग लोग विशेष तौर पर खेतों में काम करने वाले किसान अकेले बाहर नहीं निकलें। गत वर्ष भी ऐसे अनेक मामले सामने आए थे जब हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हुआ था। -डॉ. जितेंद्र यादव, फिजिशयन, नागरिक अस्पताल, नारनौल।