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Mahendragarh-Narnaul News: शहर में 500 के करीब पुरानी हवेलियां अब तक 30 को दिया गया नोटिस
Sun, 06 Jul 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:09 AM IST
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फोटो नंबर-01नारनौल के मोहल्ला काबिला संघीवाड़ा की जर्जर हवेली। संवाद
नारनौल। नारनौल के करीब दस मोहल्लों में कई पुरानी हवेलियां ऐसी हैं जो गिरने की कगार पर हैं। इन हवेलियों के गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन नगर परिषद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। करीब 30 हवेलियों के मालिकों को नोटिस दिया गया है।
जब भी बरसात का मौसम शुरू होता है तो कहीं ना कहीं ये हवेलियां जरूर गिरती हैं। आज भी 500 के करीब हवेलियां हैं। इनमें करीब 300 हवेलियां तो ऐसी हैं जो बंद हैं। इन हवेलियों में करीब 200 हवेलियां ऐसी हैं जो बरसात के मौसम में कभी भी गिर सकती हैं। वहीं 200 के करीब हवेलियां ऐसी हैं, जिनमें आज भी लोग रह रहें हैं।
नगर परिषद की तरफ से लगभग 10 साल पहले इन भवनों का सर्वे कराया गया था। उस समय भी खतरनाक श्रेणी में आने वाली लगभग 30-35 थीं। नप के रिकाॅर्ड में भी यही संख्या है। अभी भी नप की कार्रवाई उन मामलों तक सीमित है जिनमें जिला प्रशासन अथवा समाधान शिविरों में शिकायत पहुंचती है। उनमें भी नोटिस की कार्रवाई अधिक है। अब नप ने एक बार फिर से नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर रही है।
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इंसेट
इन मोहल्लों में हैं हवेलियां
शहर के प्राचीन मोहल्ला पुरानी मंडी, रावका, नलापुर, चांदुवाड़ा, संघीवाड़ा, खड़खड़ी, मिश्रवाड़ा, काबिला संघीवाड़ा, फ्रासखाना, फलसा, देवस्थान तथा पनीगंज आदि मोहल्लों में पुरानी हवेलियां हैं।
वर्जन-
शिकायत के आधार पर पुरानी हवेलियों पर कार्रवाई की जाती है। करीब 30 प्राचीन हवेलियों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। नगर परिषद प्राचीन हवेलियों को लेकर केवल मालिकों को नोटिस ही दे सकती है।
दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
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जब भी बरसात का मौसम शुरू होता है तो कहीं ना कहीं ये हवेलियां जरूर गिरती हैं। आज भी 500 के करीब हवेलियां हैं। इनमें करीब 300 हवेलियां तो ऐसी हैं जो बंद हैं। इन हवेलियों में करीब 200 हवेलियां ऐसी हैं जो बरसात के मौसम में कभी भी गिर सकती हैं। वहीं 200 के करीब हवेलियां ऐसी हैं, जिनमें आज भी लोग रह रहें हैं।
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नगर परिषद की तरफ से लगभग 10 साल पहले इन भवनों का सर्वे कराया गया था। उस समय भी खतरनाक श्रेणी में आने वाली लगभग 30-35 थीं। नप के रिकाॅर्ड में भी यही संख्या है। अभी भी नप की कार्रवाई उन मामलों तक सीमित है जिनमें जिला प्रशासन अथवा समाधान शिविरों में शिकायत पहुंचती है। उनमें भी नोटिस की कार्रवाई अधिक है। अब नप ने एक बार फिर से नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर रही है।
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इन मोहल्लों में हैं हवेलियां
शहर के प्राचीन मोहल्ला पुरानी मंडी, रावका, नलापुर, चांदुवाड़ा, संघीवाड़ा, खड़खड़ी, मिश्रवाड़ा, काबिला संघीवाड़ा, फ्रासखाना, फलसा, देवस्थान तथा पनीगंज आदि मोहल्लों में पुरानी हवेलियां हैं।
वर्जन-
शिकायत के आधार पर पुरानी हवेलियों पर कार्रवाई की जाती है। करीब 30 प्राचीन हवेलियों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। नगर परिषद प्राचीन हवेलियों को लेकर केवल मालिकों को नोटिस ही दे सकती है।
दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद