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Mahendragarh-Narnaul News: संसार एक मायका है और इसे छोड़कर जाना ही पड़ेगा
Thu, 29 Aug 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 29 Aug 2024 12:26 AM IST
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फोटो संख्या:66 गांव खायरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा सुनती महिलाएं-- स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। गांव खायरा में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को धर्म के महत्व की जानकारी दी गई। कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने कहा कि जिस पक्ष में धर्म होता है, भगवान उसी के पक्षधर होते हैं। वर्तमान कलयुग में यदि कल्याण चाहते हैं तो हरि नाम का सहारा लें। ईश्वर से प्रगाढ़ प्रेम करने से जीवन की अशक्ति छूट जाती है।
उन्होंने सरस भाव में संसार की व्याख्या करते हुए कहा कि संसार एक मायका है और इसे छोड़कर जाना ही पड़ेगा। जब तक धर्म खड़ा है, जीवन भी तभी तक सुरक्षित है। धर्म का कवच धारण करने वाले पांडवों पर आंच नहीं आई और धर्म के विपरीत रहने वाले कौरव समूल नष्ट हो गए। यहां धर्म का मतलब नीति के साथ, सत्य के साथ पथ पर बढ़ाना है।
भगवान श्रीराम ने कभी पक्ष धारण नहीं किया, क्योंकि प्रभु निष्पक्ष थे अन्याय के विरुद्ध थे। कृष्ण जन्म में प्रभु अपने भक्त का पक्ष धारण करते है। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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उन्होंने सरस भाव में संसार की व्याख्या करते हुए कहा कि संसार एक मायका है और इसे छोड़कर जाना ही पड़ेगा। जब तक धर्म खड़ा है, जीवन भी तभी तक सुरक्षित है। धर्म का कवच धारण करने वाले पांडवों पर आंच नहीं आई और धर्म के विपरीत रहने वाले कौरव समूल नष्ट हो गए। यहां धर्म का मतलब नीति के साथ, सत्य के साथ पथ पर बढ़ाना है।
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भगवान श्रीराम ने कभी पक्ष धारण नहीं किया, क्योंकि प्रभु निष्पक्ष थे अन्याय के विरुद्ध थे। कृष्ण जन्म में प्रभु अपने भक्त का पक्ष धारण करते है। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

फोटो संख्या:66 गांव खायरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा सुनती महिलाएं-- स्रोत- आयोजक
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