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Mahendragarh-Narnaul News: खिड़की जाम, न फॉग लाइट के इंतजाम, भगवान भरोसे जान
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फोटो नंबर- 14रोडवेज बस की जाम खिड़की। संवाद
नारनौल। रखरखाव के अभाव में जिले की रोडवेज बसें खस्ता हालत में हैं। कुछ बसों की खिड़कियां व गेट जाम हैं तो कुछ फॉग लाइटों तक नहीं हैं। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लंबे रूटों पर संचालित बसों की तुलना में लोकल रूटों की बसों की अधिकतर खिड़कियां और दरवाजे जाम हैं। जाम खिड़कियों को बंद करने के लिए यात्री जोर आजमाइश करते हैं लेकिन फिर भी खिड़कियां पूरी तरह से बंद नहीं हो पाती। इससे बसों में ठंडी हवा आती है।
जानकारी के अनुसार, लंबे रूटों पर करीब 74 व लोकल रूटों पर करीब 80 बसें चलती हैं। वहीं लंबे रूट पर अधिकतर नई बसें संचालित है और लोकल रूट पर पुरानी बसें संचालित की जा रही है। मरम्मत के अभाव में पुरानी बसों में खिड़कियां व गेट के जाम की समस्या बनी हुई है।
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निजी बसों में नहीं लगी फॉग लाइट : क्षेत्र में करीब 100 के करीब निजी बस संचालित है लेकिन अधिकतर बसों में फॉग लाइट नहीं लगी हुई।
जिला प्रशासन भी निजी बसों में फॉग लाइट लगाने को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा। इस कारण घने कोहरे के दौरान हादसों की संभावना बनी रहती है और लोगों की जान को खतरा है।
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लंबे रूटों पर संचालित बसों की तुलना में लोकल रूटों की बसों की अधिकतर खिड़कियां और दरवाजे जाम हैं। जाम खिड़कियों को बंद करने के लिए यात्री जोर आजमाइश करते हैं लेकिन फिर भी खिड़कियां पूरी तरह से बंद नहीं हो पाती। इससे बसों में ठंडी हवा आती है।
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जानकारी के अनुसार, लंबे रूटों पर करीब 74 व लोकल रूटों पर करीब 80 बसें चलती हैं। वहीं लंबे रूट पर अधिकतर नई बसें संचालित है और लोकल रूट पर पुरानी बसें संचालित की जा रही है। मरम्मत के अभाव में पुरानी बसों में खिड़कियां व गेट के जाम की समस्या बनी हुई है।
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निजी बसों में नहीं लगी फॉग लाइट : क्षेत्र में करीब 100 के करीब निजी बस संचालित है लेकिन अधिकतर बसों में फॉग लाइट नहीं लगी हुई।
जिला प्रशासन भी निजी बसों में फॉग लाइट लगाने को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा। इस कारण घने कोहरे के दौरान हादसों की संभावना बनी रहती है और लोगों की जान को खतरा है।