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Mahendragarh-Narnaul News: सिस्टम ने मूंदीं आंखें...चार कमरों में दो स्कूलों के 145 बच्चे कर रहे पढ़ाई

Wed, 14 Aug 2024 02:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Wed, 14 Aug 2024 02:50 AM IST
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The system turned a blind eye...145 children from two schools are studying in four rooms.
नारनौल। राजकीय प्राइमरी स्कूल सराय में दो प्राइमरी स्कूल और बीईओ व बीआरसी दफ्तर संचालित हैं। इस कारण दो स्कूलों के 145 बच्चे चार कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। यही नहीं जगह के अभाव में बच्चों को बरामदे और कंडम घोषित किए गए कमरों में भी बैठाया जा रहा है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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सराय स्थित प्राइमरी स्कूल के भवन में नौ कमरे उपलब्ध हैं। इनमें से तीन कमरे बीईओ व बीआरसी दफ्तर के लिए प्रयोग में लिए जा रहे हैं। दो कमरों को अगस्त में ही कंडम घोषित कर दिया गया है। एक कमरे में शिव नगर प्राइमरी स्कूल के विभिन्न कक्षाओं के 63 बच्चे और तीन कमरों में सराय प्राइमरी स्कूल के विभिन्न कक्षाओं के 82 बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। हालात यह है कि कमरों की कमी की वजह से बरामदों और कंडम घोषित कमरों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही मिड-डे मील के तहत बच्चों को मिलने वाले खाने की व्यवस्था भी कक्षाओं में ही की जा रही है।
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खाना पकाने के बर्तन, रद्दी समेत अन्य सामान भी कमरे में
शिव नगर में स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल को करीब साल भर पहले कंडम घोषित किया गया था। इसके बाद अप्रैल में भवन को तोड़ दिया गया था, लेकिन करीब चार माह के बाद भी अभी तक निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण शिव नगर के प्राइमरी स्कूल के बच्चों को सराय स्थित प्राइमरी स्कूल के एक कमरे में ही मिड-डे मिल के तहत मिलने वाला खाना और शिक्षा दी जा रही है। आलम यह है कि बच्चों की बेंच के अलावा कमरे में खाना पकाने के लिए बर्तन, रद्दी व अन्य सामान भी रखा हुआ है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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बीईओ दफ्तर पटीकरा के भवन का निर्माण नहीं हो पाया पूरा
बीईओ दफ्तर पटीकरा को बहुत समय पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद से सराय स्थित प्राइमरी स्कूल के भवन में बीईओ दफ्तर संचालित है। दफ्तर में कार्य से आने वाले लोग वाहन स्कूल के अंदर लाते हैं, जिससे विद्यालय का खेल मैदान भी कम पड़ता है। वहीं दफ्तर होने के कारण हर समय विद्यालय का मुख्य द्वार खुला रहने के कारण बेसहारा पशु भी विद्यालय में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे बच्चों को खतरा बना रहता है।


शिव नगर स्थित प्राइमरी स्कूल के भवन निर्माण के लिए डिमांड उच्च विभाग को भेज दी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। वहीं बीईओ भवन पटीकरा के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की डिमांड उच्च विभाग को भेजी गई है। निर्माण पूर्ण होने के बाद बीईओ दफ्तर को वापस पटीकरा शिफ्ट कर दिया जाएगा, ताकि बच्चों को कमरे की कमी के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।
- पवन भारद्वाज, बीआरसी, नारनौल
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