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Mahendragarh-Narnaul News: सरकारी स्कूलों में नहीं सुधर रहे हालात, लाखों खर्च फिर भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव

Sat, 12 Apr 2025 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 12 Apr 2025 12:32 AM IST
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The situation in government schools is not improving, lakhs are spent but still there is lack of basic facilities
फोटो संख्या:52बच्चों को डिजिटल  बोर्ड के साथ पढ़ाते ​​शिक्षक--संवाद
महेंद्रगढ़। क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में हर साल लाखों खर्च करने के बावजूद छात्र संख्या नहीं बढ़ पा रही है। क्षेत्र के अनाज मंडी की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में शिक्षा के लिए बुनियादी मूलभूत सुविधाओं का टोटा बना हुआ है।
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पाठशाला में एक शिक्षक के सहारे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। शिक्षक पढ़ाई के साथ-साथ पीपीपी सर्वे, बीएलओ के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं में भी ड्यूटी व अन्य कार्यों में सेवा देनी पड़ रही है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बैठने के डेस्क खराब पड़ी है। सरकार की ओर से खेलों के सामान खरीद के लिए पांच हजार रुपये की ग्रांट आई है। वाॅलीबॉल, नेट, बाॅस्केटबॉल, फुटबॉल सहित अन्य खेल का सामान खरीदा जा रहा है।
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मुख्याध्यापक बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वयं घर-घर जाकर बच्चों की दाखिले के जागरूक कर रहे हैं। शहर के एसडीएम कॉलोनी, छाजूपुरम कॉलोनी, रिवासा, माजरा कलां, सिसोठ सहित विभिन्न मोहल्ला व कॉलोनियों में जाकर प्रवेश के लिए जागरूक कर रहे है। इसके अलावा प्रवासी मजदूर के बच्चों को भी प्रवेश के लिए कहा जा रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश, बिहार, बंगाल, उतरप्रदेश, गडरिया लुहार के बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे है। बच्चों को डिजिटल तरीके से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
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70 सालों से एक ही कमरे में चल रही पाठशाला:
वर्ष 1954 में 70 वर्षों से शहर की अनाज मंडी में एक ही कमरे में चल रही राजकीय प्राथमिक पाठशाला को सात दशक में भी ड्यूल डेक्स व अतिरिक्त शिक्षक की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस समय सिर्फ एक ही अध्यापक की तैनाती है, लेकिन 25 विद्यार्थियों को दरी पर बैठाकर शिक्षा दी जा रही है। मुख्याध्यापक जोगेंद्र सिंह ने बताया कि डिजिटल बोर्ड व डेस्क उपलब्ध कराने की मांग शिक्षा विभाग से की जा चुकी है। उनकी ड्यूटी बीएलओ व बोर्ड परीक्षाओं में भी लगाई जा रही है।

डिजिटल बोर्ड के लिए कई बार सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। अगले सप्ताह तक आने की संभावना है। पुराने ड्यूल डेस्क के रिपेयरिंग के लिए उच्च अधिकारियों को ग्रांट के लिए कहा जा चुका है। इस बार 35 बच्चों का दाखिला करने का लक्ष्य रखा गया है। 35 बच्चों के हिसाब से करीब 30 ड्यूल डेक्स की जरूरत है। 25 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता है। एक कर्मचारी 30 अप्रैल को सेवानिवृत हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं व विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सक्षम करने के लिए वर्ष 2007 में मिला टीवी भी आज तक नहीं चल पाया है।
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यह है राप्रापा अनाज मंडी में छात्र संख्या का आंकड़ा
वर्ष छात्र संख्या
2020-21 29
2021-22 41

2022-23 35
2023-24 23
2024- 25 24
2025- 26 25
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