{"_id":"6883cf6bcab0bb071c006869","slug":"the-importance-of-rudraksha-was-described-in-the-story-narnol-news-c-203-1-sroh1011-118770-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: कथा में रुद्राक्ष के महत्व का किया बखान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: कथा में रुद्राक्ष के महत्व का किया बखान
Sat, 26 Jul 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:09 AM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:63- श्री सीता राम शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा में कथा सुनती महिलाएं --स्रोत- आ
- फोटो : संवाद
कनीना। श्री सीता राम शिव मंदिर समिति सदर थाना कनीना में शुक्रवार को चौथे दिन शिवपुराण कथा में रुद्राक्ष के प्रसंग का वर्णन किया।
वृंदावन धाम से आए हुए आचार्य श्रीराम स्नेही मिश्र महाराज ने बताया कि पुराणों में रुद्राक्ष को देवों के देव भगवान शिव का स्वरूप ही माना गया है। पौराणिक कथा के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रु से हुई है। मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनने से इंसान की मानसिक और शारीरिक परेशानियां दूर होती हैं।
जो इसे धारण कर भोलेनाथ की पूजा करता है उसे जीवन के अनंत सुखों की प्राप्ति होती है। रुद्राक्ष के हर एक मुख का महत्व होता है। रुद्राक्ष के बिना महादेव का शृंगार अधूरा माना जाता है। संवाद
विज्ञापन
वृंदावन धाम से आए हुए आचार्य श्रीराम स्नेही मिश्र महाराज ने बताया कि पुराणों में रुद्राक्ष को देवों के देव भगवान शिव का स्वरूप ही माना गया है। पौराणिक कथा के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रु से हुई है। मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनने से इंसान की मानसिक और शारीरिक परेशानियां दूर होती हैं।
जो इसे धारण कर भोलेनाथ की पूजा करता है उसे जीवन के अनंत सुखों की प्राप्ति होती है। रुद्राक्ष के हर एक मुख का महत्व होता है। रुद्राक्ष के बिना महादेव का शृंगार अधूरा माना जाता है। संवाद
विज्ञापन