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उपायुक्त ने पटवारी से कहा, तुम्हें किसने जांच अधिकारी बनाया, तुमने कैसे आय तय कर दी
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=लघु सचिवालय महेंद्रगढ़ में लोगों की समस्या सुनते हुए उपायुक्त आरके सिंह।
- फोटो : Narnol
डीसी आरके सिंह ने गांव कौथल के पटवारी सुनील कुमार को डांटते हुए कहा तुम्हें किसने जांच अधिकारी बना दिया। जनता को परेशान क्यों करते हो। तुमने किसी परिवार की आय अपने हिसाब से कैसे तय कर दी। तुम कौन से जांच अधिकारी नियुक्त किए गए हो। दोबारा मेरे पास तुम्हारी शिकायत नहीं आनी चाहिए। बीपीएल परिवारों के प्लाट के इंतकाल क्यों नहीं कर रहे, कब से पटवारी हो।
डीसी आरके सिंह सोमवार को महेंद्रगढ़ के प्रशासनिक भवन में दफ्तर लगाकर लोगों की शिकायतें सुुन रहे थे। गांव कौथल खुर्द के सरपंच परमजीत सिंह ने डीसी के सामने कुछ ग्रामीणों को पेश करते हुए गांव के पटवारी की शिकायत रखी। गांव की एक महिला ने कहा कि पटवारी ने हम मजदूर परिवार की आय अपनी मर्जी से 1.70 लाख रुपये कर दी। कुछ बीपीएल परिवार के लोगों ने कहा कि लंबे समय पहले वह फीस जमा करा चुके हैं। 2010 में मिले 100-100 गज के प्लाट का पटवारी इंतकाल नहीं कर रहा। डीसी ने पटवारी को मौके पर तलब किया। डीसी ने पटवारी से पूछा तुमने किसी परिवार की आय अपने हिसाब से कैसे तय कर दी। पटवारी सुनील ने कहा कि उस महिला का पति राज मिस्त्री है उसकी एक दिन की दिहाड़ी 700 रुपये है। महिला भी मजदूरी करती है। ऐसे में परिवार की आय मेरे हिसाब से 1.70 लाख रुपये बनती है। डीसी ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या राज मिस्त्री को पूरे साल काम मिल जाता है। क्या दिहाड़ी वाला भी साल भर लगातार 365 दिन काम करता है। तुमने उस एरिया के नंबरदार की बजाए दूसरे एरिया के नंबरदार से वेरिफाई क्यों कराया। तुम्हें जांच अधिकारी किसने बना दिया।
तहसीलदार की शिकायतें अधिक
डीसी के पास अधिक शिकायतें जमीन संबंधी मामलों की आई। तहसीलदार भी डीसी के साथ वाली कुर्सी पर ही बैठे थे। डीसी ने दो बार तहसीलदार को टोकते हुए कहा तहसीलदार साहब आपकी शिकायत ज्यादा आ रही हैं। आप समाधान किया करो।
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डीसी बोले मैडम पहले फोन की रिकार्डिंग बंद करो
चौकीदार का वेतन जारी करने के मामले को लेकर डीसी ने नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना गर्ग, नगर पालिका सचिव प्रदीप को बुलाया था। चेयरपर्सन अपना पक्ष रखते समय अपना मोबाइल हाथ में लिए हुए थी। जिसका कैमरा डीसी की ओर था। डीसी को शक हुआ कि चेयरपर्सन रिकार्डिंग कर रही है। उन्होंने कहा मैडम पहले रिकार्डिंग तो बंद कर दो। जिस पर चेयरपर्सन ने फोन को एक ओर रख दिया।
कोविड मानकों को अपनाया
डीसी ने लोगों की शिकायतें सुनते समय कोविड 19 को लेकर मानकों को अपनाया। पूरी सुनवाई के समय डीसी सहित सभी अधिकारियों ने चेहरे पर मास्क रखा। लोगों को एक से दो मीटर की दूरी पर खड़ा किया गया। गेट पर सैनिटाइजर रखा गया था। हाथ सैनिटाइज करने वालों व मास्क वाले लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति थी।
ढाई घंटे में डीसी के पास पहुंची 31 शिकायतें
डीसी आरके सिंह सुबह करीब 10.30 बजे महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली। 11.55 पर डीसी ने लोगों की समस्याएं सुनना शुरू किया। दोपहर ढ़ाई बजे तक डीसी ने लोगों की समस्याएं सुनीं। डीसी के पास कुल 31 शिकायत पहुंची। एसपी सुुलोचना ने डीएसपी कार्यालय में बैठकर लोगों की शिकायतें सुुनीं।
अधिसूचना नहीं, डीसी का ही लिया फैसला
मीडिया से बातचीत में डीसी आरके सिंह ने कहा कि इस बारे में अधिसूचना नहीं है। यह फैसला उन्होंने अपने स्तर पर लिया है। पहले भी अधिकारी यहां बैठते रहे हैं। कोरोना के चलते कुछ व्यवधान आया था। महेंद्रगढ़ से नारनौल की दूरी अधिक है। लोगों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया है। इस बारे में अधिकारियों तथा सरकार को चिट्ठी लिखी गई है। हर सोमवार को कैंप कार्यालय इसी तरह महेंद्रगढ़ के प्रशासनिक भवन में लगेगा। पूरे जिले के नागरिक आकर अपनी शिकायतें रख सकते हैं।
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डीसी आरके सिंह सोमवार को महेंद्रगढ़ के प्रशासनिक भवन में दफ्तर लगाकर लोगों की शिकायतें सुुन रहे थे। गांव कौथल खुर्द के सरपंच परमजीत सिंह ने डीसी के सामने कुछ ग्रामीणों को पेश करते हुए गांव के पटवारी की शिकायत रखी। गांव की एक महिला ने कहा कि पटवारी ने हम मजदूर परिवार की आय अपनी मर्जी से 1.70 लाख रुपये कर दी। कुछ बीपीएल परिवार के लोगों ने कहा कि लंबे समय पहले वह फीस जमा करा चुके हैं। 2010 में मिले 100-100 गज के प्लाट का पटवारी इंतकाल नहीं कर रहा। डीसी ने पटवारी को मौके पर तलब किया। डीसी ने पटवारी से पूछा तुमने किसी परिवार की आय अपने हिसाब से कैसे तय कर दी। पटवारी सुनील ने कहा कि उस महिला का पति राज मिस्त्री है उसकी एक दिन की दिहाड़ी 700 रुपये है। महिला भी मजदूरी करती है। ऐसे में परिवार की आय मेरे हिसाब से 1.70 लाख रुपये बनती है। डीसी ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या राज मिस्त्री को पूरे साल काम मिल जाता है। क्या दिहाड़ी वाला भी साल भर लगातार 365 दिन काम करता है। तुमने उस एरिया के नंबरदार की बजाए दूसरे एरिया के नंबरदार से वेरिफाई क्यों कराया। तुम्हें जांच अधिकारी किसने बना दिया।
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तहसीलदार की शिकायतें अधिक
डीसी के पास अधिक शिकायतें जमीन संबंधी मामलों की आई। तहसीलदार भी डीसी के साथ वाली कुर्सी पर ही बैठे थे। डीसी ने दो बार तहसीलदार को टोकते हुए कहा तहसीलदार साहब आपकी शिकायत ज्यादा आ रही हैं। आप समाधान किया करो।
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डीसी बोले मैडम पहले फोन की रिकार्डिंग बंद करो
चौकीदार का वेतन जारी करने के मामले को लेकर डीसी ने नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना गर्ग, नगर पालिका सचिव प्रदीप को बुलाया था। चेयरपर्सन अपना पक्ष रखते समय अपना मोबाइल हाथ में लिए हुए थी। जिसका कैमरा डीसी की ओर था। डीसी को शक हुआ कि चेयरपर्सन रिकार्डिंग कर रही है। उन्होंने कहा मैडम पहले रिकार्डिंग तो बंद कर दो। जिस पर चेयरपर्सन ने फोन को एक ओर रख दिया।
कोविड मानकों को अपनाया
डीसी ने लोगों की शिकायतें सुनते समय कोविड 19 को लेकर मानकों को अपनाया। पूरी सुनवाई के समय डीसी सहित सभी अधिकारियों ने चेहरे पर मास्क रखा। लोगों को एक से दो मीटर की दूरी पर खड़ा किया गया। गेट पर सैनिटाइजर रखा गया था। हाथ सैनिटाइज करने वालों व मास्क वाले लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति थी।
ढाई घंटे में डीसी के पास पहुंची 31 शिकायतें
डीसी आरके सिंह सुबह करीब 10.30 बजे महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली। 11.55 पर डीसी ने लोगों की समस्याएं सुनना शुरू किया। दोपहर ढ़ाई बजे तक डीसी ने लोगों की समस्याएं सुनीं। डीसी के पास कुल 31 शिकायत पहुंची। एसपी सुुलोचना ने डीएसपी कार्यालय में बैठकर लोगों की शिकायतें सुुनीं।
अधिसूचना नहीं, डीसी का ही लिया फैसला
मीडिया से बातचीत में डीसी आरके सिंह ने कहा कि इस बारे में अधिसूचना नहीं है। यह फैसला उन्होंने अपने स्तर पर लिया है। पहले भी अधिकारी यहां बैठते रहे हैं। कोरोना के चलते कुछ व्यवधान आया था। महेंद्रगढ़ से नारनौल की दूरी अधिक है। लोगों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया है। इस बारे में अधिकारियों तथा सरकार को चिट्ठी लिखी गई है। हर सोमवार को कैंप कार्यालय इसी तरह महेंद्रगढ़ के प्रशासनिक भवन में लगेगा। पूरे जिले के नागरिक आकर अपनी शिकायतें रख सकते हैं।