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Mahendragarh-Narnaul News: बसें न आने से वीरान पड़ा मिर्जापुर बाछौद का बस अड्डा
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फोटो 11वीरान नजर आता बस स्टैंड की ओर जानो वाला रोड। संवाद
मंडी अटेली। राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के निर्माण से मिर्जापुर बाछौद का बस स्टैंड अब वीरान पड़ा है। इस मार्ग के निर्माण से पहले गुवानी, दुबलाना, जाट गुवाना, भीलवाड़ा, श्यामपुरा, कुंजपुरा, शाहपुर, अकलीम पुर व तिगरा आदि दर्जन भर गांवों की सवारियां इसी बस स्टैंड से ही बसों में बैठकर अपने गंतव्य तक पहुंचती थी।
नारनौल-रेवाड़ी सड़क मार्ग से गुजरने वाले सभी सवारी वाहन इस गांव के बस स्टैंड से सवारियों को लेकर जाते थे। उस समय यात्रियों के कारण बस स्टैंड पर चहल पहल बनी रहती थी लेकिन जब से राष्ट्रीय राजमार्ग-11 इस गांव के नजदीक से गुजरा है। इस गांव का बस स्टैंड वीरान सा हो गया है।
नारनौल जयपुर की ओर जाने वाली यात्रियों को अब बस पकड़ने के लिए 2 किलोमीटर हाईवे पर पैदल जाना पड़ता है। नारनौल से रेवाड़ी जाने वाली बसें ही बाछौद के पुराने बस स्टैंड पर जाती हैं लेकिन नारनौल जयपुर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे उतरने का रास्ता नहीं है।
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इसके कारण बसें सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग से ही गुजर जाती हैं। दिन प्रतिदिन बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या कम होती जा रही हैं। इसका असर बस स्टैंड के दुकानदारों की आय पर भी पड़ रहा है।
बस स्टैंड पर पहले काफी संख्या में रेहड़ी-खोमचे वाले हुआ करते थे लेकिन सवारियां न होने के कारण उन्होंने अपना स्थान बदल लिया है। बदले हुए परिवेश में बस स्टैंड पर बने हुए हरियाणा राज्य परिवहन के खूबसूरत क्यू शेल्टर ने भी अब खंडहर का रूप धारण कर लिया है। बाछौद क्षेत्र के लोगों ने सरकार व हरियाणा परिवहन विभाग से बसों को बाछौद के पुराने बस स्टैंड से गुजरने की मांग की है।
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नारनौल-रेवाड़ी सड़क मार्ग से गुजरने वाले सभी सवारी वाहन इस गांव के बस स्टैंड से सवारियों को लेकर जाते थे। उस समय यात्रियों के कारण बस स्टैंड पर चहल पहल बनी रहती थी लेकिन जब से राष्ट्रीय राजमार्ग-11 इस गांव के नजदीक से गुजरा है। इस गांव का बस स्टैंड वीरान सा हो गया है।
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नारनौल जयपुर की ओर जाने वाली यात्रियों को अब बस पकड़ने के लिए 2 किलोमीटर हाईवे पर पैदल जाना पड़ता है। नारनौल से रेवाड़ी जाने वाली बसें ही बाछौद के पुराने बस स्टैंड पर जाती हैं लेकिन नारनौल जयपुर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे उतरने का रास्ता नहीं है।
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इसके कारण बसें सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग से ही गुजर जाती हैं। दिन प्रतिदिन बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या कम होती जा रही हैं। इसका असर बस स्टैंड के दुकानदारों की आय पर भी पड़ रहा है।
बस स्टैंड पर पहले काफी संख्या में रेहड़ी-खोमचे वाले हुआ करते थे लेकिन सवारियां न होने के कारण उन्होंने अपना स्थान बदल लिया है। बदले हुए परिवेश में बस स्टैंड पर बने हुए हरियाणा राज्य परिवहन के खूबसूरत क्यू शेल्टर ने भी अब खंडहर का रूप धारण कर लिया है। बाछौद क्षेत्र के लोगों ने सरकार व हरियाणा परिवहन विभाग से बसों को बाछौद के पुराने बस स्टैंड से गुजरने की मांग की है।