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Mahendragarh-Narnaul News: अभिभावकों पर किताबों और ड्रेस का बढ़ रहा नाजायज बोझ

Mon, 07 Apr 2025 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 07 Apr 2025 12:14 AM IST
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The burden of books and uniforms is increasing unjustly on parents
फोटो नंबर-01शहर की दुकान पर बिक्री के लिए रखी किताबें। संवाद - फोटो : kathua
नारनौल। क्षेत्र में चल रहे निजी स्कूलों की मनमानी के चलते छात्रों की पढ़ाई भारी भरकम स्कूल बैग के बोझ तले दबी नजर आ रही है।
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निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण छात्रों को किताबें, ड्रेस व अन्य समान स्कूल से या उनके द्वारा निश्चित की गई दुकानों से खरीदने का मजबूर भी कर रहे हैं। इस कारण भारी भरकम फीस भरने के बावजूद अभिभावकों पर किताबों और ड्रेस का नाजायज बोझ बढ़ रहा है।
इस पर लगाम लगाने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। कहा गया है कि अनावश्यक किताबें, यूनिफार्म व अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य करने वाले निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा एक ई-मेल आईडी और टेलीफोन नंबर सार्वजनिक किया जाए ताकि आम जनता उस पर शिकायत दर्ज करवा सकें।
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निजी स्कूल आरटीई एक्ट 2009 और हरियाणा स्कूल एजुकेशन रूल और रेगुलेशन 2023 व अन्य दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। निजी स्कूल अभिभावकों को एनसीईआरटी या सीबीएसई की तरफ से जारी पुस्तकों के बजाय अपनी पुस्तकें छपवा कर खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इतना ही इन किताबों के दाम भी इतने होते है कि इन्हें खरीद पाना हर अभिभावक के लिए संभव नहीं होता हैं। कई निजी स्कूल तो कमाई के चक्कर में आवश्यकता से ज्यादा किताबें भी लगा देते हैं। इन किताबों को खरीदने से आर्थिक बोझ तो पड़ता ही है उपर से बच्चों के बैग भी इतने भारी हो जाते हैं कि उसने बैग लेकर चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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विभाग ने जारी किया आदेश
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी डीईओ और डीईईओ को निर्देश दिया जाता है कि वे नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्कूल को छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ नहीं डालना चाहिए, जिससे कि उन्हें अनावश्यक किताबें, ड्रेस व अन्य चीजें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़े। इन मानदंडों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

कक्षा अनुसार निर्धारित बैग का वजन-
कक्षा पहली व दूसरी के 1.5 किलो ग्राम, कक्षा तीन से पांच तक दो व तीन किलोग्राम, कक्षा छठी व सातवीं के लिए 4 किलोग्राम इसी तरह आठवीं व नौवीं के लिए 4.5 किलोग्राम तथा दसवीं के लिए 10.5 किलोग्राम विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन पहली व दूसरी कक्षा में बच्चों के बैग का वजन चार से पांच किलोग्राम हो जाता है।
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