{"_id":"621bbe18cddd33068f3dc8e1","slug":"the-bridge-of-nimbehara-canal-fell-in-two-hours-as-soon-as-the-lens-was-inserted-narnol-news-rtk6396967129","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेंटर डालते ही दो घंटे में गिर निंबेहड़ा नहर का पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेंटर डालते ही दो घंटे में गिर निंबेहड़ा नहर का पुल
विज्ञापन
कुराहवटा सड़क पर टूटा पुल। संवाद
- फोटो : Narnol
नहर विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से निंबेहड़ा नहर पर बनवाया जा रहा पुल निर्माण के दौरान ही गिर गया। कर्मचारियों ने शनिवार को पुल का लेंटर डाले तो दो घंटे बाद वह गिर गया। गनीमत रही कि निर्माण कार्य में जुटे मजदूर इसकी चपेट में नहीं आए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुल का निर्माण तीन माह पहले शुरू किया गया था, जिसे 31 मार्च तक पूरा करना था। लेकिन अब लेंटर गिरने से इस पुल को बनाने में दो माह का और समय लग सकता है। पुल गिरने की सूचना के बाद नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को शीघ्र ही काम शुरू करने के लिए कहा।
विभाग के अधिकारियों की माने तो निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी नहर तल से 25 फुट ऊपर तक बनने वाले इस पुल के लिए सटरिंग के लिए बल्लियां कमजोर लगाई थीं, जो लेंटर के वजन को नहीं झेल पाईं और टूट गईं, जिसके कारण पूल का पूरा जाल एवं डाला गया मैटेरियल नहर में गिर गया।
पुल निर्माण का कार्य एक निजी कंपनी को ठेके पर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि सटरिंग के नीचे जो बल्लियां लगाई गई थीं वह कमजोर थीं, जिसके कारण वे लेंटर का वजन नहीं झेल पाईं और पुल का ढांचा गिर गया। ठेकेदार को आदेश दिया गया है कि तय समय में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। विभाग द्वारा तय कीमत के हिसाब से ही उसकी पेमेंट की जाएगी। - कृष्ण कुमार यादव, कार्यकारी अभियंता, नहर विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के अधिकारियों की माने तो निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी नहर तल से 25 फुट ऊपर तक बनने वाले इस पुल के लिए सटरिंग के लिए बल्लियां कमजोर लगाई थीं, जो लेंटर के वजन को नहीं झेल पाईं और टूट गईं, जिसके कारण पूल का पूरा जाल एवं डाला गया मैटेरियल नहर में गिर गया।
विज्ञापन
पुल निर्माण का कार्य एक निजी कंपनी को ठेके पर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि सटरिंग के नीचे जो बल्लियां लगाई गई थीं वह कमजोर थीं, जिसके कारण वे लेंटर का वजन नहीं झेल पाईं और पुल का ढांचा गिर गया। ठेकेदार को आदेश दिया गया है कि तय समय में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। विभाग द्वारा तय कीमत के हिसाब से ही उसकी पेमेंट की जाएगी। - कृष्ण कुमार यादव, कार्यकारी अभियंता, नहर विभाग।

गांव कुराहवटा सड़क पर टूटे पुल के लेंटर को देखते अधिकारी। संवाद- फोटो : Narnol
विज्ञापन