{"_id":"67aceeaf8bbd7ca70b0ce7ba","slug":"the-birth-anniversary-of-saint-shiromani-guru-ravidas-jayanti-was-celebrated-with-great-pomp-narnol-news-c-203-1-sroh1012-115174-2025-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती की धूमधाम से मनाई गई जयंती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती की धूमधाम से मनाई गई जयंती
Thu, 13 Feb 2025 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 13 Feb 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। आंबेडकर चौक पर भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी के लिए 160 युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया।
मुख्यातिथि जिला पार्षद पूनम बसई, विशिष्ट अतिथि महेंद्र सिंह तंवर नांगल सिरोही रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएलजी अमन फाउंडेशन के चेयरमैन सुंदरलाल जोरासिया ने की। पूनम बसई ने गुरु रविदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि काशी नरेश प्रसन्न होकर जगत गुरु रविदास को संत शिरोमणि की उपाधि थी, तभी से जगतगुरु कहलाए। कार्यक्रम में धन्नाराम, ताराचंद, सतबीर सिंह, अमर सिंह सूबेदार,राम अवतार, रमेश खिंची, अंगुरी देवी, चिरंजीलाल, रेनू कलोरिया, ज्ञानीराम, हरिसिंह, संतलाल, जेई दीपचंद, जिलेसिह, शिशराम, सूबेदार मेजर छाजुराम आदि मौजूद रहे।
वहीं सुंदरलाल जोरासिया ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए कई फैसले लिए गए। इनमें बिना दहेज शादी कराना प्रमुख है। जाति विहीन समाज की स्थापना करना, कोई जाति बंधन नहीं होगा। उन्होंने कहा की परिचय सम्मेलन 160 ने पंजीकरण कराया। इनमें हरियाणा, के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश, दिल्ली के युवक-युवतियां हैं। फाउंडेशन की ओर से शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
इंसेटसहमति के बाद तिथि, समय निश्चित होगा
संस्था के चेयरमैन सुंदरलाल जोरासिया ने बताया कि संस्था की ओर से संत रविदास के नाम से ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप के माध्यम से परिचय करवाया जाएगा। सहमति के बाद जोड़े बनाकर सामूहिक विवाह के लिए तिथि, समय व स्थान निश्चित किया जाएगा। परिचय सम्मेलन में सबसे ज्यादा 80 प्रतिशत हरियाणा से पंजीकरण करवाया है। इसके बाद राजस्थान से 10 प्रतिशत, दिल्ली से पांच प्रतिशत, यूपी व चंडीगढ़ से दो-दो प्रतिशत, मध्यप्रदेश से एक प्रतिशत पंजीकरण करवाया है।
विज्ञापन
मुख्यातिथि जिला पार्षद पूनम बसई, विशिष्ट अतिथि महेंद्र सिंह तंवर नांगल सिरोही रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएलजी अमन फाउंडेशन के चेयरमैन सुंदरलाल जोरासिया ने की। पूनम बसई ने गुरु रविदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि काशी नरेश प्रसन्न होकर जगत गुरु रविदास को संत शिरोमणि की उपाधि थी, तभी से जगतगुरु कहलाए। कार्यक्रम में धन्नाराम, ताराचंद, सतबीर सिंह, अमर सिंह सूबेदार,राम अवतार, रमेश खिंची, अंगुरी देवी, चिरंजीलाल, रेनू कलोरिया, ज्ञानीराम, हरिसिंह, संतलाल, जेई दीपचंद, जिलेसिह, शिशराम, सूबेदार मेजर छाजुराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं सुंदरलाल जोरासिया ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए कई फैसले लिए गए। इनमें बिना दहेज शादी कराना प्रमुख है। जाति विहीन समाज की स्थापना करना, कोई जाति बंधन नहीं होगा। उन्होंने कहा की परिचय सम्मेलन 160 ने पंजीकरण कराया। इनमें हरियाणा, के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश, दिल्ली के युवक-युवतियां हैं। फाउंडेशन की ओर से शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
विज्ञापन
इंसेटसहमति के बाद तिथि, समय निश्चित होगा
संस्था के चेयरमैन सुंदरलाल जोरासिया ने बताया कि संस्था की ओर से संत रविदास के नाम से ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप के माध्यम से परिचय करवाया जाएगा। सहमति के बाद जोड़े बनाकर सामूहिक विवाह के लिए तिथि, समय व स्थान निश्चित किया जाएगा। परिचय सम्मेलन में सबसे ज्यादा 80 प्रतिशत हरियाणा से पंजीकरण करवाया है। इसके बाद राजस्थान से 10 प्रतिशत, दिल्ली से पांच प्रतिशत, यूपी व चंडीगढ़ से दो-दो प्रतिशत, मध्यप्रदेश से एक प्रतिशत पंजीकरण करवाया है।