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Mahendragarh-Narnaul News: 130 किसानों के खातों में एक माह बाद भी नहीं आई सरसों फसल की राशि
Fri, 16 Jun 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 16 Jun 2023 12:22 AM IST
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नांगल चौधरी। नांगल चौधरी अनाज मंडी में 11 मई व 12 मई को सरसों बेचने वाले करीब 130 किसानों के खाते में एक माह बीत जाने के बाद भी फसल राशि नहीं डाली गई है। जिससे परेशान किसानों ने विभाग से जल्द से जल्द फसल राशि डालने की गुहार लगाई है।
बता दें कि नांगल चौधरी अनाज मंडी में सरसों की सरकारी रेट पर खरीद की गई थी। इसमें पहले तो नैफेड ने खरीद की थी। जिसके बाद हैफेड ने सरसों की खरीद की थी। जिसमें क्षेत्र के किसानों ने अपनी-अपनी सरसों बेची थी। जिसके बाद मौसम खराब होने व नैफेड का टारगेट पूरा होने के बाद सरसों की खरीद बंद कर दी थी। जिस पर किसानों ने सरकार से सरसों खरीद दोबारा से शुरू करने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद सरकार ने 2 दिन सरसों खरीद करने का आदेश दे दिया। दो दिन में सैकड़ों की संख्या में अनाजमंडी में किसान सरसों बेचने पहुंचे थे। दो दिन खरीद करने के बाद दोबारा से खरीद बंद कर दी गई। इस दौरान 7 जून को उठान किया गया। जिसके बाद पोर्टल बंद हो गया, लेकिन आखिरी उठान 8 जून को किया गया। जिसके चलते करीब 130 किसानों को फसल राशि खाते में नहीं आई। परेशान किसान लगातार विभाग व अधिकारियोंं के चक्कर लगा रहे हैं।
सात जून को पोर्टल बंद हो गया था लेकिन आखिरी उठान 8 जून को किया गया था। पोर्टल बंद होने के कारण खाते में फसल की राशि आने में देरी हो गई। हमने रुकी हुई फसल राशि को वेरिफाई कर मुख्यालय भिजवा दिया है। पोर्टल दोबारा से खोलने की मांग की है। जल्द ही पोर्टल खुल जाएगा, जिससे रुके हुए किसानों की फसल राशि खाते में डाल दी जाएगी।
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-नीरज त्यागी, प्रबंधक हैफेड नारनौल।
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बता दें कि नांगल चौधरी अनाज मंडी में सरसों की सरकारी रेट पर खरीद की गई थी। इसमें पहले तो नैफेड ने खरीद की थी। जिसके बाद हैफेड ने सरसों की खरीद की थी। जिसमें क्षेत्र के किसानों ने अपनी-अपनी सरसों बेची थी। जिसके बाद मौसम खराब होने व नैफेड का टारगेट पूरा होने के बाद सरसों की खरीद बंद कर दी थी। जिस पर किसानों ने सरकार से सरसों खरीद दोबारा से शुरू करने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद सरकार ने 2 दिन सरसों खरीद करने का आदेश दे दिया। दो दिन में सैकड़ों की संख्या में अनाजमंडी में किसान सरसों बेचने पहुंचे थे। दो दिन खरीद करने के बाद दोबारा से खरीद बंद कर दी गई। इस दौरान 7 जून को उठान किया गया। जिसके बाद पोर्टल बंद हो गया, लेकिन आखिरी उठान 8 जून को किया गया। जिसके चलते करीब 130 किसानों को फसल राशि खाते में नहीं आई। परेशान किसान लगातार विभाग व अधिकारियोंं के चक्कर लगा रहे हैं।
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सात जून को पोर्टल बंद हो गया था लेकिन आखिरी उठान 8 जून को किया गया था। पोर्टल बंद होने के कारण खाते में फसल की राशि आने में देरी हो गई। हमने रुकी हुई फसल राशि को वेरिफाई कर मुख्यालय भिजवा दिया है। पोर्टल दोबारा से खोलने की मांग की है। जल्द ही पोर्टल खुल जाएगा, जिससे रुके हुए किसानों की फसल राशि खाते में डाल दी जाएगी।
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-नीरज त्यागी, प्रबंधक हैफेड नारनौल।