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Mahendragarh-Narnaul News: आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- सच्चाई जानने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी
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जिला न्यायालय रेवाड़ी।
रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकिता शर्मा की अदालत ने विपिन सुसाइड केस में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मॉडल टाउन निवासी आरोपी प्रेम नारायण गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत में आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वह 62 वर्ष का है, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
आगे कहा कि उसने आत्महत्या के लिए न तो उकसाया और न ही कोई प्रत्यक्ष भूमिका निभाई। महज सुसाइड नोट में नाम होने से अपराध सिद्ध नहीं होता और आरोपी जांच में सहयोग कर चुका है।
वहीं पीड़ित पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी स्वयं वित्तीय लेनदेन को स्वीकार कर रहा है। आत्महत्या आरोपी की फैक्टरी परिसर में हुई और सुसाइड नोट, सीसीटीवी व कॉल डिटेल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस मामले में इस तथ्य से इन्कार नहीं किया जा सकता कि मृतक विपिन गोयल के माध्यम से आवेदक ने ऋण लिया था। यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया जाता है कि किसी प्रकार का धन लेनदेन हुआ है।
इस समय रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि ऋण राशि अब तक वापस कर दी गई है। इसके अलावा सुसाइड नोट में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित है और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार सुसाइड नोट में लिखी लिखावट मृतक विपिन गोयल की है।
आगे कहा कि ऐसी परिस्थितियों में इस न्यायालय का मत है कि मामले में सच्चाई जानने के लिए आवेदक से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। वर्तमान मामले में आवेदक अपनी निर्दोषता को सिद्ध करने में सक्षम नहीं है। इसी के साथ कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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विपिन गोयल ने जहरीला पदार्थ का सेवन कर दी थी जान
यह मामला थाना मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर 1 अक्तूबर 2025 से संबंधित है। शिकायतकर्ता विकास गोयल ने बताया था कि उसका छोटा भाई विपिन गोयल उर्फ आशु वित्तीय ब्रोकर के रूप में कार्य करता था और उसकी बाजार में अच्छी साख थी। आरोप है कि विपिन ने आरोपी प्रेम गुप्ता सहित उसके परिवार के सदस्यों व अन्य से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए करीब 11 करोड़ रुपये के ऋण की व्यवस्था करवाई थी। लंबे समय तक ऋण राशि वापस न मिलने और लगातार दबाव व कथित ब्लैकमेलिंग के कारण विपिन मानसिक तनाव में आ गया। बताया गया कि 23 मई 2025 को विपिन गोयल आरोपी की फैक्टरी गया था जहां बाद में उसने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। इसके बाद विपिन के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसकी हैंडराइटिंग फॉरेंसिक जांच में सही पाई गई। सुसाइड नोट में 5 लोगों का नाम है। सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
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आगे कहा कि उसने आत्महत्या के लिए न तो उकसाया और न ही कोई प्रत्यक्ष भूमिका निभाई। महज सुसाइड नोट में नाम होने से अपराध सिद्ध नहीं होता और आरोपी जांच में सहयोग कर चुका है।
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वहीं पीड़ित पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी स्वयं वित्तीय लेनदेन को स्वीकार कर रहा है। आत्महत्या आरोपी की फैक्टरी परिसर में हुई और सुसाइड नोट, सीसीटीवी व कॉल डिटेल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस मामले में इस तथ्य से इन्कार नहीं किया जा सकता कि मृतक विपिन गोयल के माध्यम से आवेदक ने ऋण लिया था। यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया जाता है कि किसी प्रकार का धन लेनदेन हुआ है।
इस समय रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि ऋण राशि अब तक वापस कर दी गई है। इसके अलावा सुसाइड नोट में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से उल्लिखित है और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार सुसाइड नोट में लिखी लिखावट मृतक विपिन गोयल की है।
आगे कहा कि ऐसी परिस्थितियों में इस न्यायालय का मत है कि मामले में सच्चाई जानने के लिए आवेदक से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। वर्तमान मामले में आवेदक अपनी निर्दोषता को सिद्ध करने में सक्षम नहीं है। इसी के साथ कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
विपिन गोयल ने जहरीला पदार्थ का सेवन कर दी थी जान
यह मामला थाना मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर 1 अक्तूबर 2025 से संबंधित है। शिकायतकर्ता विकास गोयल ने बताया था कि उसका छोटा भाई विपिन गोयल उर्फ आशु वित्तीय ब्रोकर के रूप में कार्य करता था और उसकी बाजार में अच्छी साख थी। आरोप है कि विपिन ने आरोपी प्रेम गुप्ता सहित उसके परिवार के सदस्यों व अन्य से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए करीब 11 करोड़ रुपये के ऋण की व्यवस्था करवाई थी। लंबे समय तक ऋण राशि वापस न मिलने और लगातार दबाव व कथित ब्लैकमेलिंग के कारण विपिन मानसिक तनाव में आ गया। बताया गया कि 23 मई 2025 को विपिन गोयल आरोपी की फैक्टरी गया था जहां बाद में उसने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। इसके बाद विपिन के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसकी हैंडराइटिंग फॉरेंसिक जांच में सही पाई गई। सुसाइड नोट में 5 लोगों का नाम है। सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।