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शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही बाधित
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मंडी अटेली। खंड अटेली के कई प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। खंड में 6 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जो महज एक अध्यापक के सहारे ही चल रहे हैं। इन स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों पर न केवल पांच-पांच कक्षाओं की पढ़ाई के साथ-साथ मिड-डे मील तथा विभागीय डाकों की जिम्मेदारी है। बीएलओ तथा अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त भार भी है।
इन हालातों में स्कूलों में मात्र एक अध्यापक बच्चों को सही ढंग से पढ़ाने में समर्थ नहीं है। यदि विभागीय नियमों की बात करें तो प्रत्येक प्राथमिक स्कूल में बच्चों के समुचित शिक्षण के लिए कम से कम दो अध्यापकों के पद स्वीकृत होते हैं। स्कूल में बच्चों की संख्या 60 से अधिक होने पर अध्यापकों के पद बढ़ाए जाने का प्रावधान है, परंतु खंड के अनेक स्कूलों में अध्यापकों की कमी तथा उचित समायोजन के अभाव में कई स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लगभग दो साल पूर्व खंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा इस समस्या का समाधान करने के लिए दूसरे स्कूलों से अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, लेकिन उन्हीं अधिकारियों पर विभागीय गाज गिरी और प्रति नियुक्तियां रद्द कर दी गईं। जिसके कारण आज भी उन स्कूलों में बच्चों का शिक्षण कार्य ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
वर्जन -
खंड अटेली के कुछ स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। जिससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। अध्यापकों की कमी दूर करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वहीं प्रतिनियुक्ति का अधिकार हमारे पास नहीं है।-मदनलाल भाटिया, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी, अटेली।
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इन हालातों में स्कूलों में मात्र एक अध्यापक बच्चों को सही ढंग से पढ़ाने में समर्थ नहीं है। यदि विभागीय नियमों की बात करें तो प्रत्येक प्राथमिक स्कूल में बच्चों के समुचित शिक्षण के लिए कम से कम दो अध्यापकों के पद स्वीकृत होते हैं। स्कूल में बच्चों की संख्या 60 से अधिक होने पर अध्यापकों के पद बढ़ाए जाने का प्रावधान है, परंतु खंड के अनेक स्कूलों में अध्यापकों की कमी तथा उचित समायोजन के अभाव में कई स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लगभग दो साल पूर्व खंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा इस समस्या का समाधान करने के लिए दूसरे स्कूलों से अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, लेकिन उन्हीं अधिकारियों पर विभागीय गाज गिरी और प्रति नियुक्तियां रद्द कर दी गईं। जिसके कारण आज भी उन स्कूलों में बच्चों का शिक्षण कार्य ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
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खंड अटेली के कुछ स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। जिससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। अध्यापकों की कमी दूर करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वहीं प्रतिनियुक्ति का अधिकार हमारे पास नहीं है।-मदनलाल भाटिया, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी, अटेली।
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